रेमडिसिविर कारगर नहीं, फिर भी बिहार का करोड़ों रुपया भेजा गया गुजरात

सैयद जावेद हसन, बिहार लोक संवाद डाॅट नेट पटना

कोविड-19 के इलाज के लिए जिस रेमडेसिविर को डाॅक्टर्स ‘घोषित कर चुके हैं कि यह ‘कारगर दवा नहीं है’, बिहार सरकार उसकी 14 हजार डोज गुजरात से खरीद रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रेमडेसिविर को विशेष विमान के जरिए अहमदाबाद से लाने का आदेश जारी भी कर दिया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को ट्वीट कर बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अहमदाबाद से 14000 रेमडेसिविर दवा विशेष विमान से मंगाने का आदेश दिया है।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर अहमदाबाद से रेमडेसिविर इंजेक्शन का 14 हजार डोज विशेष विमान से सोमवार को मंगाया जा रहा है।

इस बीच बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार के लिए रेमडेसिविर का कोटा बढ़ा दिया है और गुजरात से इसकी 14 हजार वाइल आएगी।

मोदी ने रविवार को ट्वीट किया कि केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल तक रेमडेसिविर इंजेक्शन का बिहार का कोटा 24 हजार से बढाकर 40 हजार वाइल कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा केडेला के रेमडेसिविर इंजेक्शन की 14 हजार वाइल कल शाम तक गुजरात से प्राप्त होगी।

हाल के दिनों में मीडिया में बहुत जोरो-शोर से यह मामला उठा था कि रेमडेसिविर कोविड-19 के लिए काफी कारगर दवा है और यह बिहार में कहीं नहीं मिल रही है। कहा गया था कि इसकी ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। एक अखबार के अनुसार, सरकारी-गैर सरकारी सभी अस्पतालों में रेमडिसिविर इंजेक्शन नहीं है लेकिन इसे चोरी-छिपे ब्लैक में बेचा जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक ब्लैक में इंजेक्शन के लिए 20 से 35 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एक व्यक्ति को छह इंजेक्शन की जरूरत होती है। इस तरह पूरे डोज की कीमत डेढ़ लाख से लेकर दो लाख रुपये तक होती है।

एक मेडिकल प्रैक्टीशनर के मुताबिक, विभिन्न फार्मा कंपनियों द्वारा तैयार किए गए 100 मिलीग्राम के 1 वायल वाले रेमडिसिविर की एमआरपी नौ सौ से लेकर साढ़े पांच हजार रुपये तक है। हेटरो के रेमडिसिविर की कीमत 5400, मइलन की 4700, जुबलियंट की 4700, डाॅ. रेड्डी की 5400, सिपला की 4000, सिंजींस की 2450, जै़डस और कैडिला की 899 रुपये है।

रेमडिसिविर की मारामारी और कालाबाजारी के बीच आईएमए बिहार ने आम लोगों से अपील की कि वे रेमडिसिविर के पीछे न भागें। अपील में कहा गया है कि ‘ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिलता कि रेमडिसिविर कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर को घटाता हो।’

आईएमए बिहार ने लोगों से वैक्सीन लगवाने और कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।

इसके अलावा, नालंदा मेडिकल काॅलेज और अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डाॅ. बिनोद कुमार ने भी रेमडिसिविर के कारगर होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को रेमडिसिविर तज्वीज नहीं की जाती है…..ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि यह (रेमडिसिविर) मरीज के जीने की उम्मीदों को बढ़ाती है या वेंटिलेशन की जरूरत को घटाती है। ’’ डाॅ. बिनोद ने अपने डाॅक्टरों से कहा है कि वे मरीजों को रेमडिसिविर दवा तज्वीज न करें।

ऐसे में सवाल उठता है क्या रेमडिसिविर का सिर्फ हौवा खड़ा किया गया ताकि उसकी मार्केटिंग की जाए? एक सवाल यह भी उठता है कि जिस तरह से बिहार में रेमडिसिविर का 14 हजार डोज मंगवाया जा रहा है, उसके पीछे का उद्देश्य गुजरात को फायदा पहुंचाना है?

क्या कोविड-19 जैसी आपदा को कुछ खास तरह के लोग ऐसे ही अवसर में बदल रहे हैं?

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IMA BIHAR’S APPEAL TO THE PEOPLE.
There is no scientific evidence that Remdesvir reduces mortality in covid 19 patients. The only suggestion is its limited judicious use in some cases. In this view ,people are requested not to run amuck for Remdesvir.

Corticosteroids (Dexamethasone etc) reduces the incidences of disease passing to a severe stage. It can be used by symptomatics after 5 days of infection. Nutritious immunity boosting diets ,steam inhalation, respiratory exercises can help in alleviating symptoms.

Most of covid infected people have no or mild symptoms requiring home isolation with no or few medicines suggested by doctors.Dont get admitted in a hospital unless advised by your doctor.Only a small percentage of people will need oxygen and hospitalization.

Proper use of face masks,hand wash, frequent ,social distancing and vaccination can control this dreaded disease.

All authorized vaccines are effective in controlling infection or its severe symptoms. GET VACCINATED

Propagate facts about covid 19 and Stop rumours.Help doctors and govt in prevention , proper treatment ,and control of the pandemic.

April 22, 2021

 

 

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