दबंगों ने दलित युवती को उठाया, कहा- 2 दिन में लौट जाएगी, 6 दिन बाद लाश मिली; दोषियों को फांसी की मांग

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना।
वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड की बिझरौली पंचायत के शाहपुर चौक गांव की 20 साल की दलित युवती किरण कुमारी 20 दिसंबर की शाम शौच के लिए निकलती है। उसे कथित ऊंची जाति के कुछ लड़के ज़बर्दस्ती उठा लेते हैं। वह चीखती चिल्लाती है तो घर वाले पीछे पीछे भागते हुए एक दबंग के घर पहुंचते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि उनकी बेटी को 2 दिन में लौटा दिया जाएगा। परिवार वालों के अनुसार उन्हें यह धमकी भी दी जाती है कि किसी को बोला तो बेटी ज़िंदा नहीं मिलेगी।
परिवार वाले चुप रहे। 2 दिन बाद भी यही जवाब मिला। वे लोक लाज और धमकी के कारण चुप रहे। मगर उनकी चुप्पी काम नहीं आयी और
26 दिसंबर की दोपहर को पास के ही पानी भरे गड्ढे में किरण की लाश मिली।
रविदास समुदाय की किरण के पिता पंजाब में मज़दूरी करते हैं। किरण की मां अकली देवी के अंगूठे के निशान के साथ दिए आवेदन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। उनमें से दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया मगर बाक़ी आरोपित अब तक फरार हैं।

भाकपा माले की डॉक्टर प्रेमा देवी कहती हैं कि हम आखिर किस समाज में रहते हैं जहां एक दलित युवती को लोग जबरदस्ती उठा ले जाते हैं। जब इस बात का विरोध किया जाता है तो उन्हें लड़की वापस करने के बजाय यह कहा जाता है कि 2 दिन के बाद उसे लौटा दिया जाएगा। यह घनघोर सामंती मानसिकता का परिचायक है।

इस मामले में परिवार वाले अब तक न्याय के लिए गुहार लगा रहे हैं। उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए भीम आर्मी और भाकपा माले लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। पीड़ित परिवार और इन दलों का कहना है कि पुलिस जल्द से जल्द बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करे और स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें फांसी की सज़ा दिलाई जाए। साथ ही उनकी मांग है कि एससी एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला मुआवजा पीड़ित परिवार को तुरंत दिलाया जाए।

भीम सेना और भाकपा माले का कहना है कि पुलिस ने शुरू में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार विरोधी धारा नहीं लगाई थी। परिवार वालों ने यह आरोप भी लगाया कि किरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सही तरीके से नहीं की गई है और सही जानकारी नहीं दी गई है।
परिवार वालों और उनके लिए संघर्ष कर रहे दलों का कहना है कि अस्पताल द्वारा गैंगरेप की बात को जानबूझकर छिपाया गया है। भाकपा माले के विशेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने लाश देखी थी और जिसने भी लाश देखी उसने गैंगरेप की आशंका जताई थी।

इस बारे में वैशाली के एसपी श्री मनीष ने बताया कि अब तक दो आरोपितों को पकड़ा जा चुका है और बाकी आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है।

किरण के परिवार वाले आर्थिक और सामाजिक रूप से बेहद कमजोर है। इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि खुले में शौच से मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के बावजूद उसके परिवार को अब तक घर में शौचालय नहीं मिल पाया था।

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