पर्यावरण संकट अर्थव्यवस्था व मानसिक स्थिति को भी बिगाड़ता है: मौलाना रिज़वान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना।

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जमात ए इस्लामी हिंद, अररिया शाखा ने पर्यावरण पखवाड़ा मनाने का आह्वान किया है जो 20 जून 2022 तक चलेगा।

जमात ए इस्लामी हिंद कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविवार को पर्यावरण संकट पर गहराई से चर्चा हुई जिसमें जमात ए इस्लामी हिंद बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिज़वान इस्लाही और प्रदेश सचिव मोहम्मद निसार के साथ मौलाना फारुक नदवी ने  अपने विचार रखे।

प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिज़वान इस्लाही ने कहा आमतौर पर लोग सोचते हैं कि पर्यावरण की समस्या केवल प्रदूषण है और अररिया में पर्यावरण संबंधी समस्याएं दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले में कम है। परन्तु असलियत इसके ठीक विपरीत है, वायु प्रदूषण तो केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा है। जब जल जंगल जमीन जानवर और जन के बीच का रिश्ता और संतुलन बिगड़ जाता है तो हम इसको पर्यावरण संकट मान सकते हैं। और इससे न केवल प्रकृति बल्कि मानव जीवन, समाज अर्थव्यवस्था और यहां तक कि हमारे मनोविज्ञान पर भी असर पड़ता है। साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसी भयंकर समस्या के संकेत सीमांचल क्षेत्र जैसे संवेदनशील स्थानों में और तेजी से प्रकट हो रहे हैं जिनको हम सब अनदेखा नहीं कर सकते।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि सीमांचल जो बिहार का एक बड़ा भूभाग है जिसमें बाढ़ के कारण नदी का कटाव एक बड़ी समस्या है। जो सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी बाधा है। हर वर्ष बाढ़ के कारण हो रहे कटाव लोगों को आर्थिक तौर पर पीछे की ओर धकेल देती हैं। स्थानीय स्तर पर हो रही विकास की गतिविधियों के पर्यावरणीय प्रभाव को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते। निर्माण कार्य चाहे फोरलेन सड़क या अनियंत्रित खदान इन सभी गतिविधियों से संसाधनों का अत्यधिक दोहन होने के कारण पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहे हैं। इन संसाधनों पर निर्भर किसान और स्थानीय समुदाय भी इन बदलावों से प्रभावित हो रहे हैं।

शहरी कूड़े के प्रबंधन को लेकर अररिया में यह देखा गया है कि प्रशासन की भूमिका उदासीनता पूर्वक रही है इसके चलते पूरे जिले में आज तक कचरे के प्रबंधन पर ठोस नीति नहीं बन पाई है।
प्रदेश सचिव ने इस बात पर ध्यानाकर्षण किया कि किस तरह से हमारी पुरानी उपभोग की पद्धतियां खत्म की जा रही है खान-पान से लेकर हमारे पहनावे और रहन-सहन के तरीके बाजारीकरण ने बदल दिए हैं और हमारी विकास की परिभाषा का एक ही आधार है जो आर्थिक है।

इस मौके पर मौजूद जमात इस्लामी हिंद अररिया शाखा के अध्यक्ष मकसूद आलम साहब ने मीडिया से बताया कि संगठन अररिया शहर के स्तर पर अलग-अलग समय पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्य पूर्व में करता रहा है और आगे भी करते रहेंगे। साथ ही अच्छा पर्यावरण अच्छा कल कैंपेन के कन्वीनर डॉ रिजवान ने बताया कि पर्यावरणीय बदलाव के कारण विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जैसे ग्लोबल वार्मिंग, वर्षा का समय एवं सही अनुपात में न होना, बाढ़ का एक से अधिक बार बार-बार आना आदि। डॉ रिजवान ने बताया कि इस पखवाड़े में हम विभिन्न तरह के कार्यक्रम करेंगे।

मौलाना फारुक नदवी ने कहा कि आज का विकास हमारे राज नेताओं का एजेंडा है आम लोगों का नहीं और आम लोगों को अपने असली मुद्दों को राजनीतिक मुद्दे बनाने का काम करना होगा और इसमें मीडिया आम जनता की बात उठाने में सक्रिय बन अपनी भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर पेंशनर समाज भवन अररिया में एक पौधारोपण कर प्रदेश अध्यक्ष तथा प्रदेश सचिव ने इस 15 दिवसीय अभियान को विधिवत प्रारंभ किया। इस अवसर पर पूर्व अमीर मकामी शम्श आजम, मास्टर मोहम्मद मोहसिन तथा एसआईओ के स्थानीय अध्यक्ष रूमान आलम आदि मौजूद थे।

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