छपी-अनछपीः सनकी ने सात थानों से गुजरते हुए की फायरिंग, एक की मौत, 1157 नयी नौकरियां

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। सनकी लोगों की फायरिंग की बात अमेरिका से सुनने को मिलती थी लेकिन मंगल को बिहार से ऐसी ही खबर आना समाज और सरकार दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी है। अच्छी खबर यह है कि बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग में 1157 नये पद बनाये हैं जिन पर नियुक्ति की जाएगी।
हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर हैः बेगूसरायः 11 को गोली मारी, एक की मौत। जागरण की पहली खबर भी यही हैः 30 किलोमीटर तक पिस्टल लहराते अपराधी ने 11 लोगों को मारीं गोलियां, एक की मौत। प्रभात खबर में यह दूसरे फ्रंट पेज की लीड हैः सात थाना क्षेत्रों के रास्ते में जो मिला उसे बाइक सवार मारता गया गोली, एक की मौत, नौ जख्मी। इसमें बताया गया है कि बेगूसराय में चकिया से बछवाड़ा तक सनकी की इस करतूत के बाद छह जिलों की सीमा पर नाकेबंदी की गयी है। यह हरकत शाम चार बजे से शुरू हुई। जो बाइक चला रहा था वही फायरिंग भी कर रहा था। सात थानों की पुलिस उन्हें पकड़ न सकी और बाइक सवार समस्तीपुर की तरफ भाग निकला। भास्कर ने लिखा हैः 25 किलोमीटर तक बाइकर्स चलाते रहे गोलियां, 11 घायल, 1 की मौत।
प्रभात खबर की सबसे बड़ी सुर्खी हैः कई विभागों में 1176 पदों पर होगी भर्ती। भास्कर की लीड भी यही है हालांकि इसकी हेडिंग अगल हैः शिक्षा के क्षेत्र में 1176 नयी नौकरियों पर मुहर।
भास्कर की दूसरी सबसे बड़ी खबर हैः मंत्री बोले- चैथा कृषि रोडमैप क्यों, कैबिनेट से निकले, लालू से मिले। यह खबर कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बारे में है जो अपने विभाग में भ्रष्टाचार और खुद को चोरों का सरदार कहकर चर्चा में बने हुए हैं। अखबारों के अनुसार लालू ने सुधाकर सिंह को सरकार मंे रहने के कायदे-कानून बताये हैं।
टाइम्स आॅफ इंडिया की सबसे बड़ी खबर हैः भारत अगले साल 9-10 सिंतबर को जी-20 नीताओं की शीर्ष बैठक की मेजबानी करेगा।
टाइम्स आॅफ इंडिया में कोलकाता के बारे में यह खबर प्रमुखता से छपी है कि पुलिस-भाजपा में सड़क पर भिड़ंत हुई है जिसमें 64 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी। हालांकि हिन्दी अखबारों में गाड़ी जलाये जाने की बात दबा दी गयी है।
टाइम्स आॅफ इंडिया की ही एक खबर पहले पेज पर हैः ज्ञानवापी में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध की अर्जी पर कोर्ट सुनवाई करेगा। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में 6 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस अर्जी में मांग की गयी है कि पूरी ज्ञानवापी मस्जिद का परिसर हिन्दुओं को सौंप दिया जाए और भगवान आदि विश्वेश्वर की दैनिक पूजा की अनुमति दी जाए।
एक और खबर में बताया गया है कि जिस आईपीएस अफसर ने गुजरात के इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच की थी, उसे बर्खास्त कर दिया गया है। सतीश चंद्र वर्मा नाम के 1986 बैच के इस अफसर ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। श्री वर्मा इस वक्त सीआरपीएफ, कोयंबत्तूर में कार्यरत हैं और एक महीने बाद रिटायर होने वाले हैं।
टाइम्स आॅफ इंडिया ने बरेली से खबर दी हैः हाईवे पर नमाज पढ़ रहे जायरीन पर विश्व हिन्दू परिषद का हमला। यह मामला रविवार का है लेकिन इसका वीडिया वायरल अब हुआ है। कोलकाता से अजमेर जा रहे 60 लोगों के इस जत्थे में 33 औरतें और बच्चे थे। इन पर उस वक्त हमला किया गया जब शाहजहांपुर में एक ढाबे के नजदीक यह नमाज अदा कर रहे थे। बस का ड्राइवर हिन्दू था और उस पर पुलिस ने गलत तरीके से पार्किंग के आरोप में जुर्माना लगाया मगर विश्व हिन्दू परिषद के गुंडों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई हालांकि वीडियो में मुसलमानों को गाली देने वाला वीडियो वायरल है जिसमें उन्हें घुटने के बल बैठकर माफी मांगते देखा गया है।
अनछपीः पुलिस और अदालतों से उत्तर प्रदेश के लोगों को जैसी निराशा मिल रही है, वह समाज के लिए बहुत अच्छे संकेत नहीं हैं। जिस धर्मस्थल कानून से यह समझा जा रहा था कि अब किसी और मस्जिद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा, ऐसा लगता है कि उसका कोई मतलब नहीं रह गया है। इसकी वजह यह है कि आप कोई कानून बना दें अगर नीयत में बेईमानी है, अदालतें आस्था पर फैसला करेंगी और तर्क व संविधान को ताक पर रखेंगी तो निराशा लाजिमी है। इसी तरह पुलिस-प्रशासन को जब अपनी सरकार से ही यह आदेश मिला हुआ हो कि मुसलमानों को किसी हाल में चैन से नमाज नहीं पढ़ने देना है और अगर उनपर हमला होता है तो हमला करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं करनी है तो भी निराशा ही हाथ लगेगी। बरेली की घटना उसी का उदाहरण है। ऐसे में समाज के हर वर्ग को सोचना होगा कि इस रवैये से सद्भावना कैसे बनी रहेगी।

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