छपी-अनछपीः आजमगढ़ में बिखर गये भाजपा विरोधी वोट, ‘शहाबुद्दीन का परिवार राजद से जुदा’

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। आज के अखबारों में अलग अलग खबरों को तरजीह मिली है। रामपुर और आजमगढ़ की लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की जीत की खबर सभी अखबारों में पहले पेज पर है।
टाइम्स आफ इंडिया की लीड है- भाजपा ने सपा के गढ़ में सेंध लगायी, ’आप’ ने मान के हाथों सीट गंवायी। मान यानी शिरोमणि अकाली दल के सिमरनजीत सिंह मान जिनके बारे में यह आरोप लगता है कि खालिस्तान की मांग करने वालों के लिए नर्मी बरतते हैं। मान ने संगरूर सीट से जीत हासिल की जिसे पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए ’आप’ के भगवंत सिंह मान ने खाली किया था।
आजमगढ में भोजपुरी एक्टर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने तीन लाख 12 हजार 768 वोट लाकर समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव को त्रिकोणीय मुकाबले में 8679 मतों से हराया। बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने 2 लाख 66 हजार 210 मत लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह सीट सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने छोड़ी थी।
इसी तरह आजम खान द्वारा छोड़ी गयी रामपुर सीट पर भाजपा के घनश्याम लोधी को तीन लाख 67 हजार 397 वोट मिले और सपा के आसिम रजा को तीन लाख 25 हजार 205 वोट मिले।
भास्कर की खबर है कि पूूर्व सांसद मरहूम शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने राजद से नाता तोड़ लिया है। उनके बारे में कहा जा रहा है कि राजद ने राज्यसभा के लिए उन्हें नहीं चुना, इसके बाद से उनका परिवार नाराज चल रहा था। उन्होंने फिलहाल किसी पार्टी में न होने और बिहार यात्रा पर निकलने की बात कही है।
ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र के घर से शुक्रवार को छापेमारी मेें मिले चार करोड़ रुपये नकद के अलावा उनकी कुल बीस करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। भास्कर के अनुसार उनकी 10 साल की नौकरी में वेतन कुल 60 लाख मिला लेकिन इस दौरान 20 करोड़ की संपत्ति बना ली। हिन्दुस्तान अखबार के अनुसार उनकी संपत्ति के 27 दस्तावेज मिले हैं। प्रभात खबर की लीड की सुर्खी है- ड्रग इंस्पेक्टर की बंगलुरू, नोएडा व रांची मे भी संपत्ति।
हिन्दुस्तान ने ’बिहार मे टीकाकरण महाअभियान आज’ लीड बनायी है। इसमें बताया गया है कि कोरोना के बूस्टर डोज और टीके की दूसरी खुराक नहीं लेने वालों पर खास ध्यान दिया जाएगा और इसके लिए आज 10 हजार से अधिक केन्द्रों पर टीका लगेगा।
जागरण का ध्यान अब भी महाराष्ट्र पर है। इसकी हेडिंग है- महराष्ट्र में बढ़ा राजनीतिक घमासान। इसमें विद्रोही विधायकों धमकी देने का आरोप लगाया गया है। टाइम्स आॅफ इंडिया ने बताया है आठवें मंत्री ने बागी गुट का रुख कर लिया और इस गुट ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगायी है।
गया में एके 47 एके 56 के साथ एक नक्सली की गिरफ्तारी की खबर भी प्रमुखता से छपी है।
मानवधिकार कार्यकर्ता और गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका की जांच करवाने की लड़ाई लड़ने वाली तीस्ता सीतलवाड़ को दो जुलाई तक रिमंाड पर भेजे जाने की खबर टाइम्स आॅफ इंडिया ने प्रमुखता से छापी है।
अनछपीः ’हिन्दुस्तान’ में एक खास खबर में बताया गया है कि राज्य में साढ़े पांच हजार मठ-मंदिर निबंधित हैं लेकिन टैक्स सिर्फ तीन सौ देते हैं। इसकी तुलना में बिहार राज्य वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से होने वाली आमदनी नगण्य है। इसके बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ बताया भी नहीं जाता।
इस खबर में यह जानकारी दी गयी है कि राज्य में सबसे अधिक चढ़ावा पटना स्थित महावीर मंदिर से आता है जिसकी सालाना आमदनी 12 करोड़ तक होती है। करीब 100 मंेदिरों की आमदनी 50 लाख से अधिक है।
जो मठ-मंदिर राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से निबंधित हैं उनसे इसे टैक्स मिलता है। यह कुल आमदनी का चार प्रतिशत होता है। अभी करीब दो करोड़ रुपये टैक्स बोर्ड को मिल रहा है जिसमें से आधी राशि महावीर मंदिर से मिलता है। टैक्स नहीं देने वाले मंदिरों में एक प्रमुख नाम भोजपुर का बखोरापुर मंदिर है।

 

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