छपी-अनछपीः साइबर फ्राॅड का सरगना गोलियां चलाकर भागा, सवा करोड़ कैश जब्त, भाजपा ने छेड़ा पीएफआई राग

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। आपकी बिजली कट जाएगी, आपकी लाॅटरी निकली है, आपका केवाईसी अपडेट नहीं है…ऐसे न जाने कितने धोखों से हर दिन स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वालों का सामना होता है। शिकायत करने पर बिहार पुलिस यह तो कहती है कि सतर्कता बरतें लेकिन जो गिरोह इसमें लगा रहता है उस पर कार्रवाई कम ही करती है। शायद इसकी एक वजह यह भी है कि धंधेबाजों की फौज बड़ी है और पुलिस विभाग में इस काम की वह इज्जत नहीं जैसी होनी चाहिए। बहरहाल, शनिवार को हैदराबाद की पुलिस ने ऐसी ही एक शिकायत पर नवादा में कार्रवाई की और सवा करोड़ कैश जब्त किया।
साइबर फ्राॅड पर इस कार्रवाई की खबर हिन्दुस्तान अखबार की सबसे बड़ी खबर है। हेडलाइन हैः नवादा में साइबर अपराधी से 1.22 करोड़ कैश जब्त। नवादा के वारिसलीगंज भवानी बिगहा गांव में हैदराबाद की पुलिस ने साइबर फ्राॅड में छापा मारा तो गिरोह का सरगना मिथिलेश समेत अन्य अपराधी फायरिंग करते हुए फरार हो गये। फिर भी, पुलिस ने एक अपराधी भुटाली राम को पकड़ा जिसके पास से रुपयों से भरे तीन बड़े एयर बैग मिले। इसके अलावा भी कई चीजंे मिलीं जिसमें फरार मिथिलेश के घर से फाॅच्र्यूनर, टाटा हैरियर और हुंडई आई 20 कारें शामिल हैं।
बिहार में महागठबंधन की नयी सरकार में कौन-कौन लोग मंत्री बनंेगे, इसकी चर्चा जारी है। प्रभात खबर की लीड हैः कैबिनेट विस्तार की खाका तैयार, 16 अगस्त को नये मंत्री लंेगे शपथ। जागरण की हेडिंग भी ऐसी हैः नयी सरकार का खाक तैयार। भास्करः नीतीश से मिले तेजस्वी, 16 को कैबिनेट विस्तार की पूरी संभावना।
एक बात साफ हो गयी है कि भाकपा-माले सरकार में शामिल नहीं होगा, हालांकि उसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समर्थन देने की घोषणा कर रखी है।
इस बीच लोजपा के पारस गुट, जिसे रालोजपा का नाम दिया गया है, के तीन सासंदों- महबूब अली कैसर, वीणी देवी और चंदन सिंह के पाला बदलने की अटकलों की खबर भी प्रमुखता से छपी है। हालांकि इस गुट के अध्यक्ष पशुपति कुमाार पारस ने इस अटकल को बेबुनियाद करार दिया है।
भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के नीतीश कुमार के फैसले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बयान दिया है कि जदयूू से गठबंधन टूटने की बड़ी वजह पीएफआई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ खास अधिकारियों का पीएफआई और एसडीपीआई से संबंध है। एक खास वोट बैंक को खुश करने के लिए यह सब हुआ। इसके जवाब में पूर्व शिक्षा मंत्री और जदयू के सीनियर लीडर विजय कुमार चैधरी ने कहा है कि पीएफआई मामले में पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है।
हिन्दुस्तान अखबार में एक अहम खबर यह छपी है कि शहरों के मुकाबले मंे ग्रामीण इलाकों में महंगाई ज्यादा है। आम तौर पर शहरी जिंदगी को महंगा माना जाता है।
अनछपीः जैसे कि डर था, भारतीय जनता पार्टी ने अपने हिन्दुत्व के मुद्दे को तेज करना शुरू कर दिया है। पीएफआई को नीतीश से भाजपा का गठबंधन टूटने की वजह बताना उस कड़ी की ही कोशिश है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का यह कहना कि कुछ खास अधिकारियों का पीएफआई और एसडीपीआई से संबंध है, बेहद गंभीर बात है। जदयू नेता विजय चैधरी ने इसका जवाब तो दिया है लेकिन वह बहुत ही कमजोर जवाब है। राज्य सरकार को श्री जायसवाल से उन अफसरों के नाम मांगने चाहिए जिनके बारे में वे पीएफआई-एसडीपीआई से संबंध का आरोप लगा रहे हैं। श्री जायसवाल को भी राष्ट्रहित में उन नामों को उजागर करना चाहिए ताकि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाने का इल्जाम न लगे। जदयू और राजद को इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि भाजपा जमीनी स्तर पर हिन्दुत्व के एजेंडे को बढ़ावा देगी। ऐसे में सिर्फ अखबारी बयानों से उन दुष्प्रचारों का सामना करना मुश्किल होगा।

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