छपी-अनछपी: EWS रिज़र्वेशन सुप्रीम कोर्ट में पास, निगम की लापरवाही से बच्चे की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट के बहुमत के निर्णय में सही ठहराया गया है। यही खबर आज के सभी अखबारों में छाई है। पटना के राजीव नगर में एक बच्चे की इस वजह से मौत हो गई कि नाले को ढकने के लिए स्लैब सही से नहीं लगा था और वह उसमें गिर गया। इसकी खबर भी सभी जगह है।
सबसे बड़ी सुर्खियां आरक्षण पर हैं।
हिन्दुस्तान: गरीब सवर्णों का कोटा कायम रहेगा।
जागरण: आर्थिक आरक्षण पर सुप्रीम मुहर।
प्रभात खबर आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को मिलता रहेगा 10 फ़ीसदी आरक्षण।
भास्कर: 5 में 3 जज EWS कोटे के पक्ष में, कहा-आरक्षण निहित स्वार्थ न बने, खत्म हो।
इन खबरों में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सोमवार को बहुमत के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) लोगों को नौकरी और शिक्षा में 10 आरक्षण देने के सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने आरक्षण के पक्ष में फैसला सुनाया। वहीं, मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट ने इस आरक्षण से अपनी असहमति जताते हुए इसे असंवैधानिक ठहराया। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट के अनुसार 103वां संशोधन संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन है। संवैधानिक रूप से निषिद्ध भेदभाव को बढ़ावा देता है। ये समानता पर आघात है।

आज की दूसरी सबसे बड़ी खबर की सुर्खी झारखंड से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राहत देते हुए कहा है कि खनन केस में सोरेन के खिलाफ याचिका सुनवाई के योग्य नहीं। शीर्ष अदालत ने झारखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें उन जनहित याचिकाओं को बरकरार रखा गया था जिसमें सोरेन के खिलाफ मुखौटा कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर की गई मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत की गई थी।

जागरण में पहले पेज पर यह खबर प्रमुखता से छपी है: बक्सर में सनातन संस्कृति समागम का शुभारंभ, आज अंतर्राष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में भाग लेंगे मोहन भागवत। इसमें जानकारी दी गई है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पटना पहुंच चुके हैं और आज बक्सर पहुंचने वाले हैं।

बिहार में शराब पीने वालों से ज्यादा सख्ती अब इसके धंधेबाजों पर होगी, यह खबर सभी जगह है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने का निर्देश पुलिस और मद्यनिषेध विभाग को दिया है। सीएम ने बताया कि पीने वालों की अपेक्षा शराब के धंधे में लिप्त लोगों पर सख्ती बढ़ेगी। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने समीक्षा बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

बेंगलुरु की विशेष अदालत ने कांग्रेस और उसकी भारत जोड़ो यात्रा का ट्विटर हैंडल अगली तारीख तक ब्लॉक करने का आदेश दिया है। यह ख़बर भी सभी जगह है। दरअसल, कांग्रेस के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत शिकायत दर्ज की गई थी जिसमें केजीएफ चैप्टर-2 फिल्म में संगीत देने वाली कंपनी एमआरटी म्यूजिक ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए जो मार्केटिंग वीडियो तैयार किए हैं, उसमें उनकी फिल्म के गानों का प्रयोग किया गया है।

प्रभात खबर में पहले पेज पर खबर है: फरियादी ने कहा सीओ मांग रहा पचास हज़ार, सीएम का आदेश- तुरंत कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में मधुबनी के एक्सईओ के बारे में यह शिकायत की गई कि दाखिल खारिज के लिए फरियादी से ₹50000 घूस मांगा जा रहा है।

पश्चिम चंपारण के अवैध अस्पताल में 7 महिलाओं का गर्भाशय निकालने की खबर को सभी जगह प्रमुखता दी गयी है। मुजफ्फरपुर के सकरा में सुनीता की किडनी निकालने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि पश्चिम चंपारण के रामनगर के दुर्गानगर में ओम साई नर्सिंग होम में कम उम्र की महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने का भंडाफोड़ हुआ है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सूचना पर गठित टीम ने सोमवार दोपहर बाद छापेमारी कर 22 से 35 वर्ष के उम्र की 7 महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने का खुलासा किया है।

जागरण ने नई दिल्ली से खबर दी है: दस लाख लोगों को एक जगह पर जुटा संघ लाएगा रोजगार क्रांति। इसमें बताया गया है कि बेरोजगारी की समस्या पर काबू पाने के प्रयास में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी जुट गया है। इसके लिए संघ दिल्ली के प्रगति मैदान में आगामी 11 से 19 फरवरी तक युवा स्वरोजगार मेले का आयोजन करेगा जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों को साथ लाकर रोजगार क्रांति की शुरुआत की जाएगी। मेले के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रहेंगे।

पटना के राजीव नगर हादसे पर हिन्दुस्तान ने लिखा है: बड़े भाई के साथ चिप्स खरीदने जा रहा मासूम खुले नाले में गिरा, मौत। जागरण ने इस खबर की सुर्खी दी है: व्यवस्था की बंद आंखों ने नहीं देखा खुला नाला, चली गई जान।
राजीव नगर इलाके में नगर निगम की लापरवाही से सवा तीन साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। वह 5 साल के अपने बड़े भाई के साथ चिप्स लाने जा रहा था लेकिन अमरूद बगीचा रोड संख्या-23 स्थित खुले नाले में गिर गया। सड़क खराब होने के कारण बच्चे नाले पर चल रहे थे। इसी दौरान एक जगह ढक्कन न होने के कारण नाले में गिर गया जो चार फुट गहरा है। घटना से गुस्साए परिजनों व आसपास के लोगों ने शव के साथ दीघा सब्जी मंडी चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने चौराहे को जाम कर दिया। दो घंटे तक सड़क पर टायर आदि जलाकर जाम लगाए रखा।

अनछपी: बिहार मैं इंसानी जान कितनी सस्ती है इसका अंदाजा राजीव नगर की घटना से आसानी से लगाया जा सकता है। पटना के विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए नालों के ऊपर जो स्लैब लगाए गए हैं वह इतने कमजोर हैं कि आसानी से टूट जाते हैं। कई जगह तो मैनहोल को खुला छोड़ दिया जाता है। राजीव नगर में उस बच्चे की मौत के बाद थोड़ा विरोध प्रदर्शन तो हुआ लेकिन असल बात यह है कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए मजबूत आवाज उठाने की जरूरत है। कायदे से देखा जाए तो पटना हाईकोर्ट को इसका स्वतः संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश देना चाहिए। यह एक राजनीतिक मुद्दा भी बन सकता है लेकिन किसी राजनीतिक दल को इसमें कोई दिलचस्पी नजर नहीं आती है। मुहल्लों की सीमेंट वाली सड़कों का निर्माण वास्तव में लूट का अड्डा बना हुआ है लेकिन भ्रष्टाचार के कारण किसी बच्चे की जान भी जा सकती है, यह हमारा समाज सोच नहीं पाता है।

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