छपी-अनछपी: थोड़ी सी धूप के बाद फिर शीतलहर का अनुमान, नशे के लिए पैसे न मिलने पर दे दी जान

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। थोड़ी सी धूप निकलने के बाद बिहार में एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ने के अनुमान की खबर सभी जगह प्रमुखता से ली गई है। पटना से सटे नौबतपुर में मां ने जब एक 17 साल के बच्चे को स्मैक पीने के लिए पैसे नहीं दिए तो उसने खुद को गोली मारकर जान दे दी। इस खबर को भी अखबारों ने अहमियत दी है। रामचरित मानस के बारे में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान पर अब आरजेडी और जेडीयू में भी मतभेद जारी है जो अखबारों की हेडलाइन में है।

भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: 16 से शीतलहर की सेकंड वेव, 3 से 5 डिग्री तक गिरेगा पारा। जागरण की सबसे बड़ी खबर भी यही है: पहाड़ों पर भारी हिमपात, अब मैदान में बढ़ेगी सर्दी। हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी सुर्खी है: अलर्ट कल से फिर पड़ेगी कड़ाके की ठंड। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने 16 से 18 जनवरी तक सूबे में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। राज्यभर में दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट आ सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में संभावित बड़ी गिरावट से राज्य के कई जिले 20 जनवरी तक शीतलहर के प्रभाव में रह सकते हैं। कहीं-कहीं ठंड का प्रभाव उसके बाद भी बना रहेगा। न्यूनतम तापमान चार से छह डिग्री के बीच आ सकता है। वहीं मौजूदा अधिकतम तापमान गिरकर 14 से 20 डिग्री के बीच रह सकता है। अभी राज्य भर में दिन का औसत तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि रात का तापमान आठ से 12 डिग्री के बीच है।

स्मैक के पैसे न मिले तो जान दी

जागरण ने यह बेहद दुखदाई खबर विस्तार से दी है: नौबतपुर में मां ने स्मैक पीने के लिए नहीं दिए रुपये तो गुस्से में किशोर ने स्वयं को मारी गोली, मौत। अखबार लिखता है कि नशे की लत ने 17 वर्षीय जयविंद्र कुमार के सोचने समझने की क्षमता छीन ली थी। इस कारण शनिवार को उसने ऐसा कदम उठा लिया जो दर्द उसके माता पिता को जीवन भर टीसता रहेगा। जयविंद्र स्मैक का लती हो गया था। उसने मां से नशे के लिए रुपए मांगे। रकम नहीं मिलने पर जयविंद्र ने कट्टे को कनपटी में सटाकर गोली दाग दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

चन्द्रशेखर पर चौतरफा प्रहार

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा रामचरितमानस को नफरत की किताब बताए जाने पर उन्हें अपनी पार्टी यानी आरजेडी से तो अब तक समर्थन मिल रहा है लेकिन सरकार में आरजेडी के साथ शामिल जेडीयू के नेताओं के सुर अलग हैं। जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि राजद नेतृत्व शिक्षा मंत्री पर फैसला ले। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा सभी धर्मों का सम्मान करना है और सभी धर्मों के धर्म ग्रंथ का सम्मान करना है। दूसरी ओर जदयू के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तो यहां तक कह दिया कि राजद के मंत्री और नेता जिस तरह बोल रहे हैं उससे साफ लगता है कि वह भाजपा की मदद कर रहे हैं। उन्होंने राजद पर भाजपा से मिलीभगत का भी आरोप लगाया। बात यह है कि खुद उपेंद्र कुशवाहा के बारे में यह चर्चा है कि वह जदयू छोड़ भाजपा से हाथ मिलाने वाले हैं। जदयू के एमएलसी नीरज कुमार ने तो हनुमान मंदिर में कुछ अन्य पार्टी नेताओं के साथ रामचरितमानस का पाठ कर यह जताने की कोशिश की कि वह शिक्षा मंत्री के बयान के साथ नहीं है। इधर आरजेडी का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने कुछ दोहों के संदर्भ में बातें रखी हैं, पूरी रामचरितमानस पर नहीं। राजद के पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा है कि मंत्री ने रामचरितमानस में लिखी हुई बातें कही हैं, न कि अपने मन से कोई बात कही है।

चौबे के उपवास के बाद आंबेडकर की प्रतिमा धोयी

जागरण और हिन्दुस्तान की खबर है: बक्सर में केंद्रीय मंत्री पर हमले का प्रयास, जदयू और राजद ने अंबेडकर की मूर्ति धोई। शहर के आंबेडकर चौक पर चौसा के बनारपुर कांड को लेकर एक दिन के उपवास पर बैठे केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के खिलाफ पूरे दिन खूब राजनीति हुई। सबसे पहले उन्हें उपवास के दौरान भीम आर्मी ने काला झंडा दिखाया। इसके बाद राजद और जदयू के साथ भीम आर्मी के सदस्यों ने बाबा भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के शुद्धीकरण करने के लिए धोया। इन नेताओं का कहना था कि केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे चौसा थर्मल पावर द्वारा जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर वहां धरना दे रहे किसानों से कभी नहीं मिले। जबकि करीब तीन माह से सभी किसान धरना पर बैठे हुए थे। उल्टे अश्विनी चौबे ने इसपर राजनीति करनी शुरू कर दी। आंबेडकर जी की मूर्ति के नीचे बैठकर सैकड़ों झूठी बातें बोल बाबा साहब को नापाक कर दिया।

कुछ और सुर्खियां

  • बाढ़ से क्षति रोकने को बनी विशेषज्ञ समिति
  • भारत जोड़ो यात्रा में राहुल के साथ चल रहे सांसद का निधन
  • छपरा रिमांड होम से भागने की योजना थी, सिपाही ने रोका तो 16-17 साल के बाल कैदियों ने सीने और पीठ पर चाकू से कई वार कर मार डाला
  • निबंधन से बंपर राजस्व कामा छू सकता है 6000 करोड़ रुपये का आंकड़ा
  • दरोगा को कुत्ते से कटवाने वाले के साथ ही बदमाश ने किया आत्मसमर्पण
  • दुस्साहस: नितिन गडकरी को दाऊद के नाम से मिली धमकी
  • पटना और मुजफ्फरपुर में जियो 5 जी सेवा शुरू
  • पूर्व डीजीपी सिंघल सिपाही चयन पर्षद के अध्यक्ष बने
  • सिमुलतला की तर्ज पर हर जिले में खुलेंगे मॉडल आवासीय स्कूल
  • फ्लैट व बंगला भी बेचेगा आवास बोर्ड, 100 से 190 मीटर में होंगे

अनछपी: नौबतपुर में स्मैक के लिए पैसे नहीं मिलने पर अपनी जान देने की घटना पूरे समाज के लिए झकझोर देने वाली है। अफसोस की बात यह है कि नशे की लत कोई इक्का-दुक्का लड़के को नहीं बल्कि यह व्यापक पैमाने पर फैल गया ऐसा रोग है जिसकी चर्चा तो बहुत होती है लेकिन इस पर काबू पाने की कोशिशें कम ही नजर आती हैं। नौबतपुर की घटना के साथ एक और सवाल यह भी है कि उस बच्चे के पास वह कट्टा कहां से आया। इस तरह किशोरों के हाथ कट्टा आने से यह बात भी तय है कि अवैध हथियारों की सप्लाई बदस्तूर जारी है। दूसरी बात यह भी है कि किशोर ने एक कट्टा किस काम के लिए अपने पास रखा था। हम आए दिन कम उम्र के युवाओं के अपराध की घटनाओं में शामिल होने की खबर पढ़ते रहते हैं। वैसे कुछ तो पेशेवर अपराधी होते हैं तो कुछ ऐसे ही नशे के आदि लड़के होते हैं। नशा के आदी लड़कों को जब घर से पैसे नहीं मिलते तो बाहर लूटपाट कर पैसे जमा करते हैं और नशा खरीदते हैं। ऐसे नशेड़ी ग्रहों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस का काम तो है ही लेकिन हर मां बाप की यह जिम्मेदारी भी है कि बचपन से ही बेटों को इस तरह के गिरोहों से दूर रखने पर अपनी कड़ी नजर बनाए रखें। सामूहिक स्तर पर भी इसे रोकने के उपाय नहीं किए गए तो इस पर काबू पाना मुश्किल ही होगा। सरकार की ओर से नशे में लिप्त किशोरों को और वयस्कों को भी नशे से मुक्ति दिलाने के कार्यक्रमों का लाभ दिलाने में और तत्पर होने की ज़रूरत है।

 

 

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