छपी-अनछपी: शाह बोले- फिर आएंगे मोदी, नीतीश का जवाब- जिन्हें जीत का घमंड वे खुशी मनाएं

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 2024 में भाजपा के लिए कोई चुनौती नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा आएंगे। इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जिन्हें जीत का घमंड है वह खुशी मनाएं। ये दोनों बयान आज की सबसे चर्चित सुर्खी हैं। गुजगत के 2002 के मुस्लिम विरोधी दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के कुछ ही हफ्तों बाद बीबीसी  के मुंबई और दिल्ली कार्यालयों पर आयकर छापे की खबर भी आज सुर्खियों में है।

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: बीबीसी के दफ्तरों पर आयकर सर्वे। हिन्दुस्तान ने लिखा है: बीबीसी के दिल्ली और मुंबई दफ्तरों पर आयकर सर्वे से सियासी घमासान। इनकम टैक्स विभाग ने कर चोरी के आरोपों की जांच के तहत मंगलवार को दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में सर्वे किया। जांच दल ने देर शाम तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में ले लिया और कंपनी की भारतीय शाखा के कारोबारी संचालन से जुड़े दस्तावेज खंगाले। खुद बीबीसी की प्रेस ऑफ़िस की ओर से एक बयान में कहा गया है, ”हम अपने कर्मचारियों की मदद कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाएगी।”

बीबीसी आयकर छापे पर कौन क्या बोला 
सर्वे को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया। विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं, केंद्र ने कहा कि जांच एजेंसियों पर सवाल उठाना सही नहीं है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। जिन संस्थानों में आयकर से जुड़ी अनियमितता पाई जाती हैं, वहां आयकर विभाग की ओर से समय-समय पर सर्वे किया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रेस की स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। यह सब आलोचनात्मक आवाजों को दबाने का प्रयास है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बीबीसी को “दुनिया की सबसे भ्रष्ट संस्था” बताया। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जवाब तथ्यों से देना चाहिए, इनकम टैक्स छापा से नहीं। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कटाक्ष किया है कि लिखने से पहले ‘उन्हें’ दिखाना होगा।

एडिटर्स गिल्ड व प्रेस क्लब ने की आलोचना
बीबीसी पर छापे के बारे में एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने कहा कि वो इस तलाशी को लेकर बहुत चिंतित है। उसके बयान में कहा गया, “यह सरकार की नीतियों या सरकारी संस्थानों की आलोचना करने वाले मीडिया संस्थानों को डराने और परेशान करने के लिए सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल के रवैये का ही हिस्सा है।” प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया ने भी बयान जारी करके इस कार्रवाई पर चिंता जताई है और कहा है कि इससे भारत की छवि को नुक़सान पहुँचेगा। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने अधिकारियों पर बीबीसी को डराने का आरोप लगाया।

2024 के बारे में शाह का दावा
हिन्दुस्तान ने पहले पेज पर सुर्खी दी है: 2024 में कोई चुनौती नहीं, फिर आएंगे मोदी: शाह। जागरण ने लिखा है आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी का कोई मुकाबला नहीं: शाह। शाह ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा: 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा के साथ किसी की कोई स्पर्धा नहीं है। देश एकतरफा मोदी के साथ आगे बढ़ रहा है। नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। देशवासी आगामी चुनाव में भाजपा के प्रमुख विपक्षी दल के बारे में फैसला करेंगे। अभी तक तो जनता ने मुख्य विपक्षी दल का लेबल किसी पार्टी को नहीं दिया है। शाह ने कहा कि हमने मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में दोबारा सरकार बनाई है। हम त्रिपुरा विधानसभा चुनाव भी जीतेंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राजस्थान, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी जीत दर्ज करेगी।

नीतीश का जवाब 
हिन्दुस्तान ने शाह की खबर के पास ही यह खबर दी है: जिन्हें जीत का दंभ वे खुशी मनाएं, हम बिहार गढ़ रहे।
अखबारों के अनुसार नीतीश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन्हें जीत का दंभ है, वे खुशी मनाएं। हम बिहार को गढ़ने में लगे हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के क्लीन स्वीप करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावे पर मुख्यमंत्री ने यह कहा। उन्होंने कहा है कि सबको बोलने का अधिकार है, लोग बोलते रहते हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले में समाधान यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।

केंद्रीय विद्यालय की भर्ती परीक्षा में खेल! 
भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: केवीएस टीजीटी परीक्षा में सेंध, रिमोट पर सिस्टम लेकर सॉल्व हुआ प्रश्नपत्र। भास्कर के अनुसार ये खेल पटना, आरा, गया और मुजफ्फरपुर केंद्रों पर हुआ है। उसके पास पेपर सॉल्व करते सॉल्वरों का वीडियो भी है। कई परीक्षा केंद्रों पर गणित विषय में टीजीटी बहाली के लिए ऑनलाइन परीक्षा हुई। माफिया ने सीपीयू में छेड़छाड़ कर परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर को बाईपास कर दिया। इसके बाद सॉल्वरों ने अभ्यर्थियों के सिस्टम को रिमोट पर लेकर प्रश्नपत्र सॉल्व किया। इसके एवज में हर उम्मीदवार से एक से डेढ़ लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि केंद्रीय विद्यालय संगठन पटना के डिप्टी कमिश्नर अरुण कुमार ने कहा कि ऑनलाइन में ये सब कैसे हो सकता है? ये गलत है और ये कहकर फ़ोन काट दिया।

18 हवाई अड्डों पर होंगे दो हेलीपैड
हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है: बिहार के 18 हवाई अड्डों पर बनेंगे दो-दो हेलीपैड। बिहार में राज्य सरकार के स्वामित्व वाले सभी 18 हवाई अड्डों पर दो-दो हेलिपैड बनेंगे। भवन निर्माण विभाग ने यहां हेलीपैड निर्माण कार्य के लिए एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि अभी सिर्फ पटना, गया और दरभंगा से ही व्यावसायिक उड़ानें संचालित की जाती हैं। इनके अलावा बिहटा (पटना), मुजफ्फरपुर, पूर्णिया व रक्सौल में स्थित एयरपोर्ट की स्थिति उड़ान के लिए अपेक्षाकृत बेहतर है।

कुछ और सुर्खियां

  • 17 में से 12 विश्वविद्यालयों का सत्र लेट, 2 वर्ष का पीजी कोर्स 4 वर्ष में तो 3 वर्ष का यूजी 6 साल में, डेढ़ से ढाई साल में हो रही परीक्षा
  • अध्यक्ष नहीं होने से मदरसा और संस्कृत बोर्ड की परीक्षा पर ग्रहण
  • सेना पर बेतुकी बातों को ले अपने ही नेता पर भड़का जदयू, बलियावी ने दोहराया- मैंने अपमान नहीं किया
  • सुशील मोदी ने बलियावी पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की
  • हज: भारतीयों के लिए सिर्फ एक ही कैटेगरी अजीजिया, खर्च सवा चार लाख रुपये
  • कानपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मां बेटी की जिंदा जलकर मौत के मामले में 42 पर हत्या का मुकदमा

अनछपी: बीबीसी के दिल्ली और मुंबई कार्यालयों पर इनकम टैक्स छापों के बारे में शायद ही किसी को शक होगा कि यह उसकी उस डॉक्यूमेंट्री के बाद किया गया फैसला है जो गुजरात के 2002 के मुस्लिम विरोधी दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बनी है। बीबीसी की हर खबर पर सहमति जताई जाए यह जरूरी नहीं और यह पहला मौका नहीं है जब उसके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है लेकिन अभी की कार्रवाई का कारण साफ समझ में आने वाला है। ध्यान देने की बात यह है कि यह कार्रवाई उसकी उस डॉक्यूमेंट्री या पत्रकारिता के बारे में नहीं बताई जा रही लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता बीबीसी की पत्रकारिता पर सवाल उठा रहे हैं और उसे ऐसा पेश कर रहे हैं मानो यह नरेंद्र मोदी के बारे में बीबीसी का सवाल नहीं है बल्कि भारत पर हमला है। बीबीसी के प्रवक्ता ने जिस भाषा का प्रयोग किया है वह बाकी सभी समाचार संगठनों के लिए चेतावनी है हालांकि अभी वो गोदी मीडिया होकर ही खुश हो रहे हैं। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने तो इस पर चिंता जताई है लेकिन अभी अखबारों और टेलीविजन चैनल के संपादकों की बात आना बाकी है। अगले कुछ दिनों में यदि उन्होंने कोई आवाज नहीं उठाई तो समझा यही जाएगा कि बीबीसी पर की गई कार्रवाई से वे सहमत हैं। इस मामले की रिपोर्टिंग से अब तक तो उनकी सहमति ही झलकती है। देखना होगा कि बीबीसी खुद इस मामले से कैसे निपटती है और ब्रिटेन में इसे किस तरह लिया जाता है। फिलहाल यह भारतीय समाचार संगठनों के लिए सतर्क होने का समय है नहीं तो एक-एक कर सब शिकार बनाए जाएंगे और कोई किसी के लिए बोलने को बचेगा नहीं।

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