छ्पी-अनछ्पी: मोदी नॉनवेज में ले आए मुगल एंगल, ईरान कर सकता है इसराइल पर हमला

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉनवेज खाने में मुगल एंगल निकालकर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर काम के क्रेडिट की बात दोहराई है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने राजभवन पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। यह आशंका जताई जा रही है कि ईरान इसराइल पर हमला कर सकता है। आज के अखबारों में इन खबरों को अच्छी जगह मिली है।

भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: इंडी के लोग मुगलिया सोच वाले, नवरात्र में नॉनवेज खाते हैं: मोदी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर बड़ा हमला किया। जम्मू के उधमपुर में चुनावी सभा में मोदी ने कहा हिंदी गठबंधन वाले मुगलिया सोच के हैं। राजद सुप्रीमो लालू यादव का नाम नहीं लेते हुए मोदी ने उन्हें सजायाफ्ता मुजरिम बताते हुए कहा कि उनके घर पर इंडी गठबंधन वाले (राहुल और तेजस्वी) सावन में मटन बनाने की मौज उड़ाते हैं। “नवरात्रि में नॉनवेज खाते हैं। इसका वीडियो बनाकर देश के लोगों को चिढ़ाने का काम करते हैं। एक नेता नवरात्रि के दिनों में नॉनवेज खाने का वीडियो बनाकर लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाकर किसको खुश करना चाहते हैं। कानून किसी को कुछ भी खाने से रोकता नहीं है लेकिन सावन में ऐसा वीडियो बनाना वोट बैंक को पक्का करना है।”

जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव जल्द: मोदी

प्रधानमंत्री ने मोदी ने कहा है कि वह समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव होंगे। प्रदेश को फिर पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा। आप अपने विधायक और मंत्रियों से अपने मुद्दे साझा कर सकेंगे। मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दशकों बाद ऐसा पहला चुनाव है, जब आतंकवाद, अलगाववाद, सीमा पार से गोलीबारी और पत्थरबाजी जैसे मुद्दे नहीं हैं।

नीतीश का क्रेडिट का दावा

प्रभात खबर की सबसे बड़ी सुर्खी है: काम हम कर रहे थे, श्रेय वे ले रहे थे, इसलिए इधर आ गए सीएम: नीतीश। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को निशाना बनाते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर हमला बोला। नवादा की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने तेजस्वी का नाम लिए बिना कहा कि हमने इतने सारे रोजगार दिए। “अब वह बोल रहा है कि हमने दिया। अरे वह क्या देगा। उसने कुछ नहीं किया। वह उल्टा पुल्टा बोल रहा है। जो काम हम लोग कर रहे थे वह अब वह कह रहा है कि हमने किया। इसलिए हम निकाल दिए और इधर (एनडीए में) आ गए।”

लालू परिवार पर हमला

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवादा में शुक्रवार को नाम लिए बगैर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के साथ तेजस्वी यादव और परिवारवाद पर जमकर हमला बोला। कहा कि उनलोगों को जब भी मौका मिला अपने परिवार को ही आगे बढ़ाया। जनता का कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि अपने परिवार वालों के अलावा और कितनों को उन लोगों ने टिकट दिया है? आज तक हमने अपने परिवार के लोगों को आगे नहीं बढ़ाया, किसी को टिकट तक नहीं दिया और न ही कोई मेरे परिवार के बारे में जानता है, लेकिन इन लोगों को जब भी मौका मिलता है तो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाते हैं। वे पहले अपने और फिर अब बेटा-बेटी को टिकट दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के माफीगढ़ मैदान में एनडीए प्रत्याशी विवेक ठाकुर के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।

तेजस्वी का जवाब: लिख कर दें…

भास्कर की खबर है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नवादा में चुनावी सभा में परिवारवाद के मुद्दे पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी लिखकर दें कि भाजपा के किसी नेता के बेटे को टिकट नहीं देंगे। हिम्मत है तो हमारा चैलेंज स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि पहले चरण की चार सीटों- नवादा, औरंगाबाद, गया और जमुई को ही देख लें। नवादा के उम्मीदवार विवेक ठाकुर पूर्व भाजपा सांसद सीपी ठाकुर के बेटे हैं।

ईरान कर सकता है इसराइल पर हमला

भारत ने ईरान और इसराइल तनाव को लेकर यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक ईरान या इसराइल की यात्रा न करें। एडवाइजरी में कहा गया है कि इसराइल या ईरान में रह रहे भारत के लोग भारतीय दूतावासों से संपर्क करें। इसराइल-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो दिन में ईरान इसराइल पर हमला कर सकता है। अमेरिका के खुफिया विभाग के हवाले से ये जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट की मानें तो हमले अगले 24 से 48 घंटे के भीतर हो सकते हैं। ईरान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हमले की योजना पर चर्चा की जा रही है, हालांकि कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सीरिया में ईरानी दूतावास पर हुए इसराइल हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

वीसी को बैठक में शामिल होने से क्यों रोकता है राजभवन: पाठक

हिन्दुस्तान के अनुसार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने कहा है कि शिक्षा विभाग के कार्यों में राजभवन हस्तक्षेप न करे। इसको लेकर राज्यपाल सह कुलाधिपति के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू को श्री पाठक ने शुक्रवार को पत्र लिखा है। इसमें इस पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि विभाग की बैठक में कुलपतियों को आने से राजभवन की ओर से क्यों रोक लगा दी जाती है। उन्होंने कुलाधिपति के प्रधान सचिव को कहा है 29 फरवरी को आपने यह स्वीकार किया है कि राजभवन की ओर से कुलपतियों को विभाग की बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गयी है। इसमें आप बतायें कि किस नियम के तहत ऐसा किया गया है। श्री पाठक ने पत्र में कुलाधिपति के अधिकारों को भी चुनौती दी है।

कुछ और सुर्खियां

  • आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की आशंका
  • संविधान हमारे लिए गीता, रामायण, महाभारत व कुरान के समान: मोदी
  • राजद के राज्यसभा सदस्य अशफाक करीम ने पार्टी छोड़ी, जदयू में जाएंगे
  • सत्ता में आए तो नौकरी और पुरानी पेंशन बहाल करेंगे: तेजस्वी
  • 24 कैरेट सोने की कीमत पहली बार 73000 के पार
  • दक्षिण बिहार में आज बादल छाएंगे, उत्तर में बारिश के आसार

अनछपी: नरेंद्र मोदी को भारत का प्रधानमंत्री हुए 10 साल हो गए लेकिन उनके भाषणों से मुस्लिम लीग और मुगल जैसे शब्दों का दुरुपयोग बंद नहीं हुआ। श्री मोदी कहते हैं कि कानून सबको सब कुछ खाने की इजाजत देता है लेकिन वह और भारतीय जनता पार्टी के दूसरे नेता किसी के मांस मछली खाने पर आपत्ति जताते हैं, इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हैं और चुनाव में इसका लाभ लेने की कोशिश करते हैं। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर मुस्लिम लीग की छाप होने का आरोप लगाया था। राजद नेता तेजस्वी यादव ने 8 अप्रैल का एक वीडियो जारी कर मछली खाने की बात बताई थी। उस समय नवरात्र शुरू नहीं हुआ था लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन पर और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी पर नवरात्र के अपमान का आरोप लगा दिया। अब नरेंद्र मोदी भी इस मामले में कूद पड़े हैं और उन्होंने सावन में मीट बनाने की बात भी दोहराई है। सावन में मीट बनाने का एक वीडियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़ा है। नरेंद्र मोदी किस हद तक धर्म का इस्तेमाल वोट पाने के लिए करते हैं, इससे इसका पता चलता है। कोई कब क्या खाएगा इससे किसी दूसरे व्यक्ति को क्या मतलब होना चाहिए? लेकिन प्रधानमंत्री होते हुए नरेंद्र मोदी किसी के खाने पर टीका टिप्पणी कर रहे हैं और उसे धर्म से जोड़ रहे हैं। यह किसी व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। क्या भारत में लोगों के खान-पान पर धार्मिक पुलिस बहाल किए गए हैं? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संविधान और कानून यह अधिकार देता है कि कोई सावन या नवरात्र में मीट खाए या नहीं खाए, इसका फैसला वह करें? वास्तव में यह स्वतंत्र लोकतांत्रिक भारत के लिए बेहद निराशाजनक है कि लोगों के खान-पान पर इस तरह से सवाल उठाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खानपान को बहुसंख्यक समुदाय को चिढ़ाने वाला बताते हैं। यह उनकी धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान लोगों का ध्यान असली मुद्दे से भटकने के लिए दिया गया है। अफसोस की बात यह है कि इस तरह के धार्मिक ध्रुवीकरण वाले भाषण को चुनाव आयोग नजरअंदाज करता है और अदालत में भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।

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