छपी- अनछपी: गब्बू सिंह की कंपनी में अफसरों के पैसे, पटना में डेंगू से तीन की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिल्डर गब्बू सिंह की कंपनी पर वित्तीय हेराफेरी का जो आरोप लगा है, उस सिलसिले में दूसरे दिन भी इनकम टैक्स की छापेमारी जारी रही। पटना में डेंगू का कहर जारी है और इससे मौतें भी हो रही हैं। फुलवारी शरीफ में कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों को ‘उजागर’ करने वाले थानेदार एकरार अहमद खान अनिमितता के आरोप में लाइन हाजिर कर दिए गए हैं।

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है: गब्बू सिंह की कंपनी में कई रसूखदारों के पैसे का निवेश। प्रभात खबर की लीड भी यही है: बिल्डर गब्बू सिंह के ठिकानों से नौकरशाहों के निवेश व ट्रांसफर पोस्टिंग के दस्तावेज मिले। बताया गया है कि गब्बू सिंह के 31 ठिकानों से अब तक डेढ़ करोड़ कैश बरामद हो चुके हैं। ललन सिंह के करीबी बताए जा रहे गब्बू सिंह की कंपनी में आईएएस-आईपीएस अधिकारियों का पैसा बतौर पार्टनर लगा हुआ बताया गया है।

भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: गंगा समेत कई नदियों में उफान, 3000 से अधिक घाट डूबे, अर्घ्य के लिए बनेंगे साढ़े 6 लाख अस्थाई तालाब। इससे जुड़ी खबर की हिन्दुस्तान में सुर्खी है: राज्य में सभी छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें: नीतीश। जागरण ने लिखा है: जलस्तर को देखते हुए छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें: नीतीश।

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: पाक सबसे खतरनाक देशों में एक: बाइडन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि इस्लामाबाद के पास परमाणु हथियार हैं लेकिन वहां कोई सामंजस्य नहीं है। इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया है। अखबार के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर आश्चर्य जताया और कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में हैं।

हिन्दुस्तान में पहले पेज पर एक खबर है: पटना में डेंगू से पांच साल के बच्चे समेत तीन की मौत। इससे संबंधित एक और खबर में बताया गया है कि नदियों के किनारे बसे शहरों में डेंगू का प्रकोप अधिक है। बिहार में अब तक डेंगू के 4605 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक 3303 डेंगू पीड़ितों की पहचान पटना में की गई है। प्रभात खबर में पहले पेज पर सूचना दी गई है: पटना जिले में डेंगू ने तोड़ा रिकॉर्ड,  24 घंटे में मिले 482 नए मरीज।

डॉक्टर बिन्दे कुमार आईजीआईएमएस के नए डायरेक्टर होंगे। 1987 में पटना से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर बिन देने एम एस करने के बाद शिशु सर्जरी में पीजीआई, चंडीगढ़ से एमसीएच किया है। अभी तक वे एम्स, पटना में पेडियाट्रिक सर्जरी के हेड थे। यह खबर सभी जगह है।

भास्कर ने इस सप्ताह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का इंटरव्यू किया है। उस इंटरव्यू की सुर्खी है: बोले ललन- केंद्र सरकार ने राजद से जदयू को अलग करने के लिए लालू परिवार पर आईआरसीटीसी का मुकदमा कराया था। इधर ललन सिंह द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को बहुरूपिया कहे जाने पर काफी तीखी बयानबाजी हो रही है। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद ने उनके बयान को सही ठहराया है हालांकि उनके बड़े भाई और मंत्री तेजप्रताप में ऐसे बयानों से बचने के लिए कहा है। भाजपा नेताओं ने बहुरूपिया कहे जाने को प्रधानमंत्री का अपमान बताया है।

गुजरात के केवड़िया में देश के विधि मंत्रियों और विदेश सचिवों के सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि गैरजरूरी कानूनों को खत्म करने पर राज्य विचार करें। प्रधानमंत्री ने इवनिंग कोर्ट पर फोकस करने की बात भी कही है। यह खबर प्रभात खबर में पहले पेज पर है।

भास्कर में पहले पेज पर खबर है: पटना से जुड़ेगा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, अब दिल्ली 8 घंटे में ही जा सकेंगे।

मोकामा से एक बेहद दुख भरी खबर है कि वहां छेड़खानी से तंग आकर 10 वीं की 14 वर्ष की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। भास्कर में यह खबर पहले पेज पर है: छेड़खानी से परेशान छात्रा ने पहले स्कूल छोड़ा, फिर कर ली खुदकुशी।

अनछपी: फुलवारी शरीफ के थानाध्यक्ष एकरार अहमद खान को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह पर शाहपुर के थानेदार सफीर आलम को तैनात किया गया है। एकरार अहमद वही थानेदार हैं जिन्होंने जुलाई में फुलवारी शरीफ में कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों का भंडाफोड़ कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था और बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा यह केस एनआईए को सौंप दिया गया था। यही नहीं एकरार अहमद ने व्हाट्सएप पर मिले एक ‘आपत्तिजनक’ पोस्टर की भी बात बता कर वाहवाही लूटी थी। अब उन पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने जमीन व मकान पर कब्जा कराने में गड़बड़ी की है। उनके बारे में ड्यूटी में लापरवाही बरतने, बेकसूर को जेल भेजने की भी लगातार शिकायत मिल रही थी। इस बारे में एक छोटी सी खबर प्रभात खबर और दैनिक भास्कर में छपी है। इसमें बताया गया है कि सेंट्रल रेंज के आईजी राकेश राठी के निर्देश पर एसएसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों ने यह कार्रवाई की है।

एसएसपी ने फुलवारी शरीफ के एएसपी को पूरी शिकायत की जांच करने को कहा था और उनकी रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। सोचने वाली बात यह है कि जिस थानेदार को ऐसे आरोपों में लाइन हाजिर किया गया है, उस पर कितना भरोसा किया जा सकता है। उस समय भी एकरार अहमद देश विरोधी गतिविधियों के झूठे केस में फंसाने का आरोप लगा था। एकरार अहमद तो फिर भी अपनी नौकरी करेंगे लेकिन उनकी इस कार्रवाई से ऐसे लोग जेल में सड़ रहे हैं जिनके परिजन उन्हें निर्दोष बता रहे। उन लोगों में एक मानसिक रूप से बीमार युवक व एक रिटायर्ड दरोगा भी शामिल हैं।

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