बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के किशनगंज सेंटर के लिए सरकार से मंजूर फंड को रिलीज कराने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है।
इस सेंटर के लिए यूपीए सरकार ने 2014 में दस करोड़ रुपऐ रिलीज किये थे। उसके बाद से इस सेंटर को एक फूटी कौड़ी नहीं दी गयी है। तत्कालीन यूपीए सरकार ने इस सेंटर के लिए 135.4 करोड़ रुपए मंजूर किये थे।
इस मामले का किशनगंज के सांसद डाॅक्टर मोहम्मद जावेद ने संसद में भी उठाया था लेकिन सरकार की ओर से कोई सकरात्मक जवाब नहीं मिला। अब उन्होंने इसके लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। साथ ही, उन्होंने इस मद की राशि को 200 करोड़ रुपए करने की मांग की है।
सांसद जावेद का कहना है कि हाल ही में भारत सरकार ने देश के कई हिस्सों में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए बिल पास किया है लेकिन अफसोस की बात है कि बिहार में पिछले साल के चुनाव के दौरान भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने किशनगंज के दस में से पांच प्रखंडों में कोई डिग्री काॅलेज नहीं है।
उन्होंने एएमयू किशनगंज के बारे में कहा कि यूपीए सरकार ने इसके लिए 2013-14 में जमीन और पैसे मंजूर किये थे। उल्लेखनीय है कि इस सेंटर को दी गयी 220 एकड़ से अधिक जमीन नेशनल ग्रमीन ट्रिब्यूनल और नेशनल मिशन फाॅर क्लीन गंगा में क्लीयरेंस के लिए फंसी है।
सांसाद जावेद का कहना है कि उन्होंने संबंधित लोगों को सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए कई पत्र लिखे। संसद में भी एएमयू किशनगंज सेंटर का मामला उठाया लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इससे क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने जनता से अपील की है कि एएमयू किशगंज सेंटर के लिए शुरू किये गये हस्ताक्षर अभियान को कामयाब बनाएं। हस्ताक्षर अभियान के लिए इस लिंक का इस्तमाल किया जा सकता हैः
Petition · Release Funds for the Aligarh Muslim University Centre in Kishanganj · Change.org
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