उपमुख्यमंत्री नाराज़ – ‘‘फुटपाथ दुकानदारों को बैंक क़र्ज़ नहीं देंगे तो नहीं किया जाएगा बर्दाश्त ’’

सैयद जावेद हसन  बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
पटना, 20 जनवरी: बिहार में लगभग 10 लाख स्ट्रीट वेंडर्स या फुटपाथ दुकानदार हैं। ये वो लोग हैं जो सड़कों और गलियों में बिना दुकान के चलते-फिरते, ठेला, ख़ोंचा लगाकर अपना सामान बेच कर अपना और अपने बाल-बच्चों का पेट भरते हैं। इन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 20 जनवरी को पटना में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। 20 जनवरी को हर साल नेशनल एसोसिएशन आॅफ़ स्ट्रीट वेंडर्स आॅफ़ इंडिया यानी नासवी द्वारा स्ट्रीट वेंडस दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग स्ट्रीट वेंडरों के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट से बातचीत करते हुए फुटपाथ दुकानदारों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान होना अभी बाक़ी है। पटना में प्लास्टिक के सामानों की दुकानदारी करने वाले गोविंद कुमार ने बताया कि बैंक लोन नहीं देना चाहते। हालांकि स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम- स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये का लोन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

बेगूसराय के फ़ास्टफूड दुकानदार आमोद कुमार ने बताया कि पदाधिकारी उन्हें तंग करते हैं।

नासवी के कार्यक्रम निदेशक राकेश त्रिपाठी ने कहा कि वेंडिंग ज़ोन्स बनाने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि वेंडरों की समस्याएं जल्द ही दूर होंगी।

बिहार मे फ़िलहाल 1 लाख 22 हज़ार स्ट्रीट वेंडर्स का ही सर्वे हो पाया है। इनमें से भी सब का न तो आईकार्ड बना है और न ही सबको सर्टिफ़िकेट मिला है।

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