जमाअते इस्लामी Bihar में स्थापित करेगी Family Counselling Centre

बिहार लोक संवाद डॉट नेट

दाम्पत्य जीवन को टूटने और परिवार को बिखरने से बचाने के लिए जमाअते इस्लामी हिन्द बिहार फिलहाल प्रदेश के 9 स्थानों पर फैमिली काउंसिलिंग सेन्टर स्थापित करेगी। पटना स्थित मरकजे इस्लामी में फैमिली काउंसिलिंग पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर वृहस्पतिवार को अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिजवान अहमद इस्लाही ने कहा कि फैमिली काउंसिलिंग सेन्टर की स्थापना जमाअते इस्लामी हिन्द बिहार की चार वर्षीय योजना में शामिल है। उन्होंने काउंसिलिंग के जरिये रिश्तों में पड़ चुके दरार को पाटने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जामअते इस्लामी के सदस्यों और कार्यकर्ताओं के लिए काउंसिलिंग के प्रोफेशनल कोर्स की व्यवस्था जाएगी। जिन नौ स्थानों पर फैमिली काउंसिलिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, उनमें पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, अररिया, बिहारशरीफ, मोतिहारी, समस्तीपुर, रामनगर और हिसुआ शामिल हैं।

इस अवसर पर जमाअते इस्लामी हिन्द के इस्लामी मआशरा विभाग के सचिव मौलाना रजीउल इस्लाम नदवी ने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न कारणों से पारिवारिक संस्था को खतरा है। शादी के फौरन बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद शुरू हो जाते हैं। दोनों पक्षों के अभिभावकों या सगे-सबंधियों की गलत राय, अनावश्यक हस्तक्षेत और ईगो की वजह से ये मतभेद और पेचीदा हो जाते हैं। समय पर काउंसिलिंग से हालात को बिगड़ने से बचाया जा सकता है।

कार्यशाला में विभिन्न स्थानों से भाग लेने आए जमाअत के सदस्यों और कार्यकर्ताओं को फैमिली काउंसिलिंग सेन्टर स्थापित करने के कायदे-कानून और काउंसलर के लिए अपेक्षित विशेषताओं की जानकारी दी गई। अपने संबोधन में जमाअते इस्लामी हिन्द के एचआरडी विभाग के सहायक सचिव अतीकुर्रहमान ने कहा कि काउंसिलिंग एक आर्ट है। काउंसलर का काम अपने क्लाएंट को फेसिलिटेट करना है।

इमारत शरीया बिहार के सहायक काजी मौलाना वसी अहमद ने कहा कि अल्लाह ने कुरान में पारिवारिक विवाद के समाधान के लिए बेहतरीन तरीके बताए हैं। बेहतर है कि पति-पत्नी अपने मतभेदों को दूर करने की खुद ही पहल करें। अगर तब भी मसला हल न हो तो काउंसलर अपनी भूमिका निभाए।

जमाअते इस्लामी हिन्द बिहार के इस्लामी मआशरा विभाग के सचिव मौलाना लुत्फुल्लाह कादरी ने कहा कि आजकल पति-पत्नी में असहिष्णुता का रुझान पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की भी काउंसिलिंग जरूरी है।
कार्यशाला में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर जमाअते इस्लामी हिन्द बिहार के महिला विभाग की सहायक प्रदेश सचिव डॉ. जेबाइश फिरदौस, शाजिया अहसन और रजिया खातून ने अपने विचार व्यक्त किए।

 

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