छ्पी-अनछपी: होली और जुमे पर कड़ी चौकसी, आईआईटी पटना में सीबीआई का छापा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। होली और जुमे को लेकर आज पूरे बिहार में कड़ी चौकसी बरती जा रही है। ऑनलाइन एडमिशन में गड़बड़ी के मामले में सीबीआई ने आईआईटी पटना में छापेमारी की है। तमिलनाडु सरकार ने रुपए का चिन्ह बदलकर तमिल चिन्ह लगाया। बिहार के अल्पसंख्यक बहुल जिलों के लिए 724 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटना का रिजवान पैलेस शिया वक़्फ़ की संपत्ति है।

और, जानिएगा कि 2021 तक इनकम टैक्स का कितना लाख करोड़ बकाया है।

हिन्दुस्तान के अनुसार आज होली के दौरान ही जुमे की नमाज है। इसे देखते हुए उपद्रवी तत्वों पर बिहार पुलिस की विशेष नजर है। ऐसे असामाजिक तत्वों की थाना से लेकर मुख्यालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी गयी है। त्योहार के दौरान डीजे, सार्वजनिक रूप से अश्लील गाना बजाने और सड़कों पर हुड़दंग जैसी घटनाओं को रोकने को लेकर गश्ती बढ़ाने सहित अन्य उपाय किए गये हैं। डीजीपी कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया कंट्रोल रूम में डीएसपी से इंस्पेक्टर रैंक तक अतिरिक्त पुलिस अफसरों की ड्यूटी लगाते हुए इसे 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। सोशल मीडिया सेल अफवाह फैलाने वालों के साथ ही वैमनस्यता को बढ़ावा देने वाले पोस्ट करने व उसे शेयर करने वालों पर निगरानी रखेगा। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि होली को लेकर सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से उपद्रवी व असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

आईआईटी पटना में सीबीआई का छापा

भास्कर के अनुसार आईआईटी पटना में सीबीआई की टीम ने करीब 4 घंटे तक छापेमारी की। दिल्ली से आई टीम ने छापेमारी की। इस दौरान वहां से कई फाइल और अन्य कागजात भी साथ ले गई। कई स्टूडेंट्स ने आईआईटी पटना में चल रहे ऑनलाइन कोर्स की शिकायत पीएमओ के मेल व पत्र लिखकर की थी। ऑनलाइन कोर्स में अनियमितता को लेकर स्टूडेंट्स ने करीब 6 माह पहले ही पीएमओ में शिकायत की थी। हालांकि इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहा है। सूत्रों के अनुसार आईआईटी पटना को केंद्र सरकार ने राशि आवंटित की है। राशि का उपयोग किस-किस मद में हुआ और कितना खर्च हुआ, इससे जुड़ी फाइल सीबीआई साथ ले गई है।

तमिलनाडु सरकार ने बदला ₹ का चिन्ह

प्रभात खबर के अनुसार तमिलनाडु में भाषा विवाद के बीच राज्य की डीएमके सरकार ने बजट के लिए गुरुवार को जारी किए गए लोगो में भारतीय रुपए के प्रतीक चिन्ह की जगह एक तमिल अक्षर का उपयोग किया। राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश में विपक्षी भाजपा ने आलोचना की है। वहीं सत्तारूढ़ डीएमके ने इस बात पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या ऐसा कोई नियम है जो इस तरह के चित्रण पर रोक लगाता हो। तमिलनाडु के वित्त मंत्री शुक्रवार को बजट पेश करने वाले हैं। राज्य सरकार द्वारा गुरुवार को जारी किए गए लोगो में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ कहा जाता है।

अल्पसंख्यक बहुल जिलों के लिए 724 करोड़ की योजना भेजी गई

जागरण के अनुसार बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के लिए 724 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा केंद्र सरकार से की है। ध्यान रहे कि यह योजना उन जिलों के लिए बनाई जाती है जहां अल्पसंख्यकों की संख्या अच्छी है। इसमें सबसे अधिक 200 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा अररिया जिले के लिए की गई है। गुरुवार को मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा की अध्यक्षता में हुई अल्पसंख्यक विभाग की राज्य स्तरीय बैठक में 6 जिलों की योजनाओं के लिए इस राशि की मंजूरी दी गई। अररिया के 200 करोड़ के अलावा कटिहार को 148, किशनगंज को 124, दरभंगा को 135, पश्चिम बंगाल को 29 और पूर्णिया जिले की योजनाओं के लिए 87 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा की गई।

रिजवान पैलेस शिया वक़्फ़ की संपत्ति: सुप्रीम कोर्ट

भास्कर के अनुसार पटना के डाक बंगला चौराहा के पास फ्रेजर रोड स्थित रिजवान पैलेस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। यह फैसला बिहार स्टेट शिया वक़्फ़ बोर्ड के पक्ष में आया है। लंबे समय से इस कीमती भवन और जमीन के लिए निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट तक मुकदमा चल रहा था। बिहार स्टेट शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद अफज़ाल अब्बास ने बताया कि यह संपत्ति हसन इमाम वक़्फ़ एस्टेट पटना का एक बड़ा हिस्सा है। इसे 1929 में हसन इमाम ने वक़्फ़ किया था। यह वक़्फ़ संपत्ति 122 कट्ठा है जो पटना उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार जिला प्रशासन की निगरानी में है।

इनकम टैक्स का बकाया लाखों करोड़ में

जागरण के अनुसार सरकार ने इनकम टैक्स बकाये की वसूली के लिए रिकवरी की कार्रवाई तेज कर दी है। मुकदमेबाजी और अपील की वजह से सरकार का लाखों करोड़ रुपया इनकम टैक्स बकाए के रूप में फंसा है। यह आंकड़ा 2021 तक का है। वित्त मंत्रालय की तरफ से संसद को दी गई जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स का बकाया 14 लाख 41 हज़ार 255 करोड़ रुपए का है। यह राशि किसी वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स के रूप में प्राप्त होने वाले राजस्व से थोड़ा ही काम है।

कुछ और सुर्खियां:

  • सीवान के दरौली थाना क्षेत्र में सरयू नदी पर बने पीपा पुल की रेलिंग पर चढ़कर रील बना रहे तीन युवकों की नदी में गिरने से मौत
  • अररिया में गांजा तस्कर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, धक्का-मुक्की के दौरान एएसआई की मौत
  • होली के कारण 15 मार्च की हिंदी की परीक्षा छूटी तो सीबीएसई फिर देगा मौका
  • गोपालगंज जिले के उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की मांझागढ़ शाखा में 3.83 करोड़ के घोटाले की जांच सीबीआई करेगी
  • बिहार के सरकारी स्कूलों में मुस्लिम शिक्षकों व अधिकारियों को रमजान में एक घंटा पहले आने और एक घंटा पहले जाने की व्यवस्था

अनछपी: भारत में खुदकुशी की संख्या खतरनाक तरीके से बढ़ रही है और उसमें एक बड़ी संख्या उन छात्र-छात्राओं की है जो इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी का तनाव नहीं झेल पाते और अगर कामयाब हो भी गए तो आईआईटी जैसी संस्थाओं में पहुंचकर भी आत्महत्या कर लेते हैं। पिछले दिनों हमने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के बेटे की खुदकुशी की खबर भी पढ़ी थी, तब इस विषय पर काफी चर्चा भी हुई थी। जागरूक लोगों में इस बात का एहसास पाया जाता है कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सरकार और समाज को जो कोशिश करनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है। ऐसे में आईआईटी गुवाहाटी से एक अच्छी खबर यह आई है कि छात्रों पर तनाव को हावी नहीं होने देने के लिए नए सेशन से स्टूडेंट और टीचर एक साथ मिलकर मॉर्निंग वॉक करेंगे। इस बारे में आई खबर में बताया गया है कि छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, इसके लिए अनिवार्य रूप से उनकी काउंसलिंग के साथ नियमित मेडिकल जांच भी होगी। तनाव दूर करने के लिए हॉस्टल में विशेष वर्कशॉप का आयोजन होगा ताकि छात्र हर चुनौती के लिए खुद को तैयार कर सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का खानपान अच्छा रहेगा तो उनके भीतर तनाव, डिप्रेशन, नींद की कमी और घबराहट जैसी समस्या खत्म होगी और पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी बढ़ेगी। आईआईटी गुवाहाटी में तो अच्छे खान-पान की व्यवस्था के बारे में सोचा जा रहा है लेकिन कई सरकारी कॉलेजों के हॉस्टल्स में खराब खाने की शिकायत आम है। आईआईटी गुवाहाटी में एक और अच्छा कदम यह उठाया है कि भारतीय सेवा के पूर्व सैनिकों को छात्रों के मददगार के रूप में तैनात किया जाएगा। यह पूर्व सैनिक छात्रों से नियमित रूप से बात करेंगे और उनके बारे में साइकेट्रिस्ट और साइकोलॉजिस्ट को बताएंगे। उम्मीद है कि आईआईटी गुवाहाटी के यह कदम दूसरी जगह पर भी अपना आए जाएंगे और उसका अच्छा असर देखने को मिलेगा। छात्रों की खुदकुशी के लिए बदनाम कोटा के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को भी इस तरह के कदम उठाना चाहिए।

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