छ्पी-अनछपी: 300 किलो सोना लूट के आरोपी का एनकाउंटर, पाकिस्तान में मस्जिद पर हमले में 31 मरे
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पुलिस ने मुठभेड़ में कुख्यात सोना लुटेरा प्रिंस उर्फ अभिजीत कुमार को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में नमाज के दौरान इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई। राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से एक ही परिवार के चार लोगों के शव फंदे से लटके हुए मिले।
और, जानिएगा कि सांसद पप्पू यादव 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार क्यों किए गए।
पहली ख़बर
वैशाली पुलिस और एसटीएफ ने शुक्रवार की दोपहर सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी स्थित रिहायशी इलाका हनुमान नगर में मुठभेड़ में कुख्यात प्रिंस उर्फ अभिजीत कुमार को मार गिराया. मौके से पुलिस ने प्रिंस के एक साथी आलमगंज पटना का त्रिलोकी कुमार उर्फ रिशु को भी हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. दो लाख का इनामी प्रिंस बिहार के सबसे बड़े सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह का सबसे करीबी था. उसके खिलाफ लूट, हत्या व आर्म्स एक्ट के 40 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. प्रिंस गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना का रहने वाला था. आरा व पूर्णिया तनिष्क शोरूम समेत बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बंगाल में सोना लूटकांड में इसकी तलाश थी. भास्कर के अनुसार प्रिंस मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, यूपी, चेन्नई, पंजाब और उड़ीसा में 300 किलो सोना लूट की वारदातों में शामिल था। पुलिस के अनुसार वैशाली सदर थाना की हनुमान नगर कॉलोनी में उसे घेरा गया। अपने को गिरता देख प्रिंस और उसके साथी त्रिलोकी कुमार ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब 30 राउंड गोलियां चली। पुलिस की गोली से प्रिंस और रिशु दोनों घायल हो गए। दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने प्रिंस को घोषित कर दिया।
इस्लामाबाद में खुदकुश हमला, 31 की मौत
भास्कर के अनुसार पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 170 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। धमाका शिया समुदाय के इमामबाड़े में हुआ। यह हाल के वर्षों में शिया समुदाय को निशाना बनाकर हुए सबसे भयावह हमलों में एक है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर को इमामबाड़े के गेट पर रोका गया था, लेकिन उसने वहीं धमाका कर दिया। इससे पहले फायरिंग भी सुनी गई। धमाका इतना तेज था कि आवाज कई किमी दूर तक सुनी गई। इमामबाड़े से सटे घर में रहने वाले अशफाक ने बताया, धमाके के बाद अंदर और बाहर शव बिखरे थे। किसी के हाथ नहीं थे किसी के पैर। गंभीर रूप से गई घायलों को निजी गाड़ियों से अस्पताल ले जाया गया।
राजगीर जैन धर्मशाला में चार लोगों की लाश फंदे से लटकी मिली
जागरण के अनुसार राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों के शव फंदे से लटके हुए मिले। कमरे से तेज दुर्गंध आने पर घटना का राजफाश हुआ। सूचना मिलते ही डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दंडाधिकारी की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया, जहां एक पुरुष और तीन महिलाओं के शव फंदे से लटके मिले। शव अत्यधिक सड़ गल चुके थे। मृतकों की पहचान बेंगलुरु निवासी जीआर नागा प्रसाद, उनकी मां जीआर सुमंगला तथा दो बहनें श्रुथा जीआर और शिल्पा जीआर के रूप में की गई है। कमरे से मिले आधार कार्ड कन्नड़ भाषा में हैं। पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। तीनों महिलाओं के हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे, जबकि पुरुष के हाथ आगे से बंधे पाए गए। सभी के मुंह पर लाल टेप चिपका हुआ था। कमरे से डिप्रेशन की दवाइयां बरामद की गई हैं।
असिस्टेंट डायरेक्टर घूस लेते गिरफ्तार
प्रभात खबर के अनुसार राजधानी पटना स्थित नियोजन भवन में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निगरानी ब्यूरो की टीम ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय सिंह को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी नियोजन भवन, पटना के उत्तर दिशा स्थित पार्किंग के पास से की गयी. सहायक निदेशक पार्किंग में खड़ी अपनी कार में पांच लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे. उसी समय निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद जब उनके कंकड़बाग स्थित आवास की तलाशी ली गयी तो अब तक करीब 15 लाख रुपये से अधिक नकद और निवेश से जुड़े कई अहम कागजात बरामद हुए. तलाशी की कार्रवाई अब भी जारी है, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में आवंटन के बदले 10 लाख की मांग के खुलासा में निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण का नाम भी सामने आया है.
भारत ने जीता अंडर-19 वर्ल्ड कप
भास्कर के अनुसार भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल जीत लिया। यह रिकॉर्ड छठी बार है जब भारत ने खिताब अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 412 रन का विशाल लक्ष्य इंग्लैंड के सामने रखा। लेकिन इंग्लैंड 311 रन पर ही सिमट गई। भारत की जीत के हीरो 14 साल 11 महीने के वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 80 गेंदों में 175 रन बनाए। इसमें 150 रन 15 छक्के और 15 चौके से जोड़े। वैभव ने 55 गेंदों में शतक पूरा किया और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे युवा शतकबाज बने। यह आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है।
सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार
हिन्दुस्तान के अनुसार पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गर्दनीबाग पुलिस ने करीब 31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार की आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। मंदिरी स्थित आवास पर गिरफ्तारी के पहले करीब ढाई घंटे तक तनातनी की स्थिति रही। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए डटी रही और उधर, सांसद और उनके समर्थक अड़े रहे। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस को रोकने की कोशिश भी की। अंतत: रात 12 बजे पुलिस उन्हें गाड़ी में बैठाकर चिकित्सकीय जांच के लिए आईजीआईएमएस ले गई। पुलिस के मुताबिक यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना (कांड संख्या 552/95) का वर्ष 1995 का है, जिसमें कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखाधड़ी के जरिए किराये पर लिया गया। इस मामले में तीन दिन पहले ही संपत्ति कुर्की का आदेश एमपीएमएलए कोर्ट ने दिया था।
कुछ और सुर्खियां:
- नवादा की प्रधान जिला एवं सेशन जज 52 साल की शिल्पा सोनी की संदिग्ध हालत में मौत, पटना की रहने वाली थीं
- मणिपुर में एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद बनी सरकार, उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग के पर हिंसा, कई जिलों में तनाव
- बिहार के प्रवासी मजदूरों की राज्य के बाहर दुर्घटना में मौत पर परिजनों को अब चार लाख की सहायता राशि मिलेगी, पहले मिलते थे दो लाख
- एक्टर मनोज वाजपेई की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर जातीय भावना भड़काने के आरोप में लखनऊ में केस दर्ज
अनछपी: चुनावी रणनीतिकार से पार्टी के संस्थापक बने प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से बिहार के चुनाव को रद्द करने के बारे में जो बातें सुननी पड़ीं, उन पर विचार करने की जरूरत है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जन सुराज की तरफ से दायर अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया। यह बात सही हो सकती है कि जिस वजह से चुनाव रद्द करने के लिए अर्जी दाखिल की गई वह अर्जी चुनाव के दौरान भी दाखिल की जा सकती थी। बात मुफ्त की रेवड़ी देने की थी और जिस तरह मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनाव के दौरान महिलाओं को 10-20 हज़ार रुपए दिए गए, उस पर हर विपक्षी पार्टी ने सवाल खड़े किए थे। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि उस दौरान दिए गए पैसों से सरकार चलाने वाली पार्टी को फायदा हुआ। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का यह कहना कि हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग से चुनाव याचिका दाखिल करनी चाहिए थी, समझ से बाहर की बात है क्योंकि पैसे तो राज्य के स्तर पर मिल रहे थे, विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर नहीं। सुप्रीम कोर्ट का यह सवाल भी समझ से बाहर है कि प्रशांत किशोर की पार्टी को चुनाव में कितने वोट मिले? चुनाव में धांधली की शिकायत कोई भी कर सकता है चाहे किसी को एक भी वोट क्यों ना मिले। यह टिप्पणी हो सकती है कि जब कोई राजनीतिक पार्टी नकार दी जाती है तो वह राहत पाने के लिए न्यायिक मंच का सहारा लेती है। सुप्रीम कोर्ट की इस बात को भी तवज्जो दी जा सकती है कि किसी को उसी समय उस योजना को चुनौती देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एक तरफ जहां यह बात सही हो सकती है कि प्रशांत किशोर को चुनाव के दौरान या उससे पहले ही उस योजना को चुनौती देनी चाहिए थी लेकिन दूसरी तरफ यह बात सही नहीं है कि अगर किसी पार्टी को वोट ना मिले तो उसे धांधली की शिकायत का हक ना हो।
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