छ्पी-अनछपी: ट्रंप बोले- ईरान जंग जल्द खत्म होगी, बिहार में कमर्शियल गैस सप्लाई पर संकट
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। ईरान पर हमले के बाद रसोई गैस की सप्लाई पर असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। सीवान में दो ज़ेवर दुकानों से 51 लाख की लूट हुई है। बिहार के सभी अंचलों में काम ठप हो गया है क्योंकि सभी सीओ और आरओ हड़ताल पर चले गए हैं।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के डिजिटल एडिशन के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार मंगलवार सुबह 4 बजे कहा कि ईरान से युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमले लगातार जारी हैं लेकिन अब यह ‘अल्पकालिक यात्रा’ जैसा होगा। हम कई मायनों में पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन हम अभी पर्याप्त नहीं जीते हैं। ट्रंप ने फ्लोरिडा के डोरल में गोल्फ क्लब में पत्रकारों से कहा कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसने दुनिया की तेल आपूर्ति को बाधित करने का प्रयास किया, तो उसे जोरदार सैन्य प्रहार झेलना होगा। ऐसा हमला करेंगे जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। उन्होंने कहा कि हम ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के चयन पर निराश हैं।
ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए
ईरान ने इसरायल और मध्य पूर्व में सोमवार को अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही यूएई के फुजैराह और बहरीन की तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया। ईरान ने कुवैत, कतर, बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डों के साथ कुछ रिहायशी क्षेत्रों में मिसाइलें दागीं। इसमें 32 लोग घायल हो गए, जिसमें बच्चे भी हैं। बहरीन ने बताया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट को तबाह कर दिया।
कमर्शियल रसोई गैस पर संकट
प्रभात ख़बर के अनुसार मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी आपूर्ति पर असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है. बिहार में भी मंगलवार से कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगने की सूचना है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है. इस मामले में आइओसीएल के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. वहीं एलपीजी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मंगलवार को गैस की सप्लाइ मिलने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन आगे की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इस संबंध में होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि यदि कॉमर्शियल गैस की सप्लाइ रोक दी जाती है तो इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर पड़ेगा. दूसरी ओर बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने नोटिस जारी कर कहा है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई सोमवार से ठप हो गई है. ऐसे में मंगलवार से होटल बंद करने पड़ेंगे, वहीं, राजस्थान में भी कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित है.
जंग की वजह से निवेशकों के डूबे 22 लाख करोड़
पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत (28 फरवरी) के बाद से बीएसइ सेंसेक्स 4.6 प्रतिशत टूटकर 77,566.16 अंक पर आ गया है. इस अवधि में निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 22.40 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आयी है. इस दौरान बीएसइ सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 22.4 करोड़ रुपये की भारी गिरावट के साथ 4,41,10,262.45 करोड़ रुपये रह गया. 27 फरवरी को आखिरी कारोबारी सत्र के बाद मार्केट कैप 463.5 लाख करोड़ रुपये पर था.
क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से पार
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में अमेरिका-इसराइल और ईरान की जंग का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें चार साल में पहली बार 100 डालर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। सोमवार को कुछ समय के लिए 119 डालर प्रति बैरल तक चली गईं। एक बैरल में करीब 159 लीटर तेल आता है। युद्ध शुरू होने के बाद से से तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई देशों में चिंता और लोगों में हाहाकार की स्थिति है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को वैश्विक शांति के लिए ‘छोटी कीमत’ बताया और कहा कि ये कीमतें थोड़े समय के लिए बढ़ी हैं।
सीवान में जेवर दुकान से 45 लाख की लूट
जागरण के अनुसार सिवान जिले के बसंतपुर प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े आभूषण दुकान में बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। थाना परिसर व मस्जिद के बगल में स्थित अरुण ज्वेलर्स से छह की संख्या में आए बदमाश करीब 45 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 17 किलोग्राम चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए। बसंतपुर में तीन माह के भीतर यह दूसरी बड़ी लूट की घटना है। वहीं, महराजगंज शहर के पुरानी बाजार स्थित अल्का ज्वेलर्स में भी सोमवार दोपहर एक युक्क ग्राहक बनकर आया और दुकानदार को चकमा देकर छह लाख रुपये से अधिक कीमत की 6 सोने की चेन लेकर फरार हो गया।
हड़ताल से 537 अंचलों में काम काज ठप
बिहार के सभी 537 अंचलों में काम काज ठप हो गया है। भास्कर के अनुसार सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे सरकार नाराज है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने सोमवार को कहा कि हड़ताल भू माफियाओं की साजिश है। कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटें तो उनका निलंबन होगा। विभागीय कामकाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी, बीडीओ को प्रभार दिया जाएगा। नौकरी से हटाने की भी कार्रवाई हो सकती है। कर्मचारी हड़ताल से नहीं लौटे तो उनका निलंबन शुरू होगा। नहीं माने तो नई बहाली भी की जाएगी। हड़ताल अवधि की गिनती की जा रही है।
कुछ और सुर्खियां:
- गुड़गांव में बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिट्टी डालने से सात मजदूरों की दबकर मौत
- दिल्ली दंगों में आरोपी बनाए गए शरजील इमाम को भाई की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत
- डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 92.21 पर
- बिहार में सुधा के बूथों से बकरी का दूध भी मिलेगा
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को महाभियोग से हटाने की तैयारी में विपक्ष
- मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन क्रिमिनल हिस्ट्री छिपाने में रद्द
अनछपी: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने इस ऐलान में गंभीर हैं कि ईरान पर हमला जल्द खत्म होगा और युद्ध समाप्त होगा? उनकी किसी बात पर दुनिया के किसी भी आदमी को शायद ही भरोसा हो लेकिन जिस तरह दुनिया में आर्थिक मंदी की बातें बढ़ रही हैं, कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है और व्यापार को नुकसान पहुंच रहा है, तो ऐसे में शायद वह अपने ऐलान पर अमल करने को मजबूर हो जाएं। उनके इस ऐलान को इस तरह भी समझा जा सकता है कि किसी ने मजाक में यह बात कही थी कि कुछ ही दिनों में ट्रंप अपनी जीत का ऐलान खुद कर देंगे और ईरान की युद्ध से अपना पिंड छुड़ाने की कोशिश करेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं कि ईरान को इस समय दुनिया की सबसे शक्तिशाली ताकत अमेरिका के हमले का सामना है और उसके साथ इसराइल जैसा अत्याचारी देश भी मौके का फायदा उठाना चाहता है, लेकिन ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की जान गंवाने के बावजूद जिस तरह मुकाबला किया है वह दुनिया के साथ-साथ ट्रंप को भी चौंकाने वाला है। इसके अलावा यह बात भी ध्यान रखने की है कि पहले के खाड़ी युद्ध की तरह इस बार अमेरिका को ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों से समर्थन नहीं मिल पाया है। हालांकि भारत समेत अक्सर देश अमेरिका के हमले की खुलकर निंदा करने की स्थिति में नहीं हैं और ना ही उन्होंने ऐसे किसी साहस का परिचय दिया है, लेकिन सारे देश चाहते हैं कि यह हमले बंद हों और ईरान से व्यापार का रास्ता फिर से बहाल हो जाए। अगर अमेरिका अपने हमले बंद करता है और राष्ट्रपति ट्रंप अपनी जीत का दावा करते हैं तब भी दुनिया यही मानेगी कि ईरान ने घुटने टेकने से मना कर दिया और वह अपने लीडरों को गंवाने के बावजूद अपने सिद्धांत पर कायम रहा। इसके साथ ही अरब देश के हुक्मरानों की इज्जत भी मुस्लिम संसार में गिरती ही जाएगी। सीधी सी बात यह है कि इसराइल नहीं चाहता कि उसके नजदीक कोई ऐसा देश हो जिससे उस पर लगाम लगे। जिस तरह यूएई ने इसराइल से गलबहियां की हैं उसे लिहाज से ईरान के उस पर हमने कुछ समझना मुश्किल नहीं है। इस तरह इस जंग का खात्मा दरअसल अमेरिका के पिट्ठू अरब शासकों के लिए चुनौती बढ़ाने वाला होगा।
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