बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव आयोग का खेला हो गया है। बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसल बर्बाद होने का अंदाजा लगाया गया है। तीन डिसमिल जमीन के लिए पटना पहुंच रहे उम्मीदवारों से अपने आंचल में आवेदन देने को कहा गया।
और, जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह एक दूसरे के खिलाफ खुलकर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
पहली ख़बर
प्रभात खबर के अनुसार ममता बनर्जी को विधानसभा उपचुनाव होने के पहले ही बड़ा झटका लगा है. नंदीग्राम सीट से उनके गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लिया. उनकी नामवापसी से ममता घेनर्जी गुट इस सीट पर चुनाव मैदान से बाहर हो गया है. चूंकि नामांकन की तिथि पहले ही निकल चुकी है, ऐसे में अब किसी और प्रत्याशी को उतारा भी नहीं जा सकता. संचिता नाम वापस लेने से पहले पति के साथ राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचीं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. फिर निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय पहुंचीं और नाम वापस ले लिया. दो दिन पहले ही उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन उम्मीदवार का पर्चा दाखिल किया था. डे की नाम वापसी के बाद ममता ने नंदीग्राम पर अपनी चुनावी प्रासंगिकता को कायम रखने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया. इसके दो घंटे बाद ही पुलिस ने मिलन को एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया. उसे बंगाल कांग्रेस ने नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन मामले में दर्ज केस के आधार पर गिरफ्तार कर लिया.
चुनाव आयोग ने नाम और निशान छीना
उपचुनाव में ममता को चुनाव आयोग में भी बड़ा झटका मिला है. निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को विधानसभा उपचुनाव के लिए उनके गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’, जबकि अरूप रॉय गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया. ममता के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और अरूप रॉय की अगुवाई वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम आवंटित किये गये. दोनों गुटों के दावे के कारण पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न अभी फ्रीज रखा गया है.
बाढ़ से 270 करोड़ की फसल बर्बाद
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में इस साल आई बाढ़ से करीब 270 करोड़ रुपये मूल्य की फसल बर्बाद हुई है। कृषि विभाग को बाढ़ प्रभावित 18 जिलों से फसल क्षति की अबतक मिली रिपोर्ट के आधार पर यह प्रारंभिक आकलन किया गया है। हालांकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल क्षति का वास्तविक आकलन होगा। ऐसे में क्षति का आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की आशंका है। विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, 102 प्रखंडों में 1.76 लाख हेक्टेयर में फसल को नुकसान हुआ है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन और कोसी समेत अन्य नदियों में आई बाढ़ से निचले इलाके जलमग्न हो गए थे। भागलपुर, भोजपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में दस हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में लगी फसलें बर्बाद हुई हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर क्षति का जायजा लिया था।
पीएम पर आपत्तिजनक पोस्ट में राजद नेता जुनैद मखमूर गिरफ्तार
मुंगेर से जागरण की खबर है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में राजद महानगर अध्यक्ष जुनैद मखमूर को कासिम बाजार थाने की पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पोस्ट के स्रोत और प्रसार की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने संबंधित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद पुलिस ने पोस्ट से जुड़े तथ्यों की जांच की और जुनैद मखमूर को गिरफ्तार कर लिया। राजद जिलाध्यक्ष संजय बिंद ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष, भाजपा और आरएसएस के लोग दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट मीडिया पर चल रहे वीडियो को उन्होंने भी देखा है और उसमें ऐसा कुछ नहीं है। इधर, पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की भी कार्रवाई होगी।
पाकिस्तान की मस्जिद पर आत्मघाती हमले में 21 लोगों की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार पाकिस्तान के कोहाट में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइन में मौजूद मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मियों सहित 21 लोग मारे गए। वहीं, 100 लोग घायल हैं। जिस समय नमाज हो रही थी, उस वक्त एक हमलावर ने विस्फोटक से लदी गाड़ी मस्जिद परिसर में घुसा दी, जिसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी भी की। इसके तुंरत बाद हमलावर ने खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया। प्रांतीय पुलिस प्रमुख जुल्फिकार हमीद ने बताया कि हमले के जिम्मेदारी आतंकी समूह इत्तिहादुल मुजाहिदीन पाकिस्तान ने ली है।
भूमिहीनों को अपने अंचल कार्यालय में ही जमीन के लिए आवेदन देना होगा
जागरण के अनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि जमाबंदी में सुधार के लिए चल रहे अभियान की जवाबदेही अंचलाधिकारियों की होगी। भूमिहीनों को तीन डिसमिल जमीन के लिए केवल अंचल कार्यालय में आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री आवास और मुख्य सचिवालय में आवेदकों की बढ़ रही भीड़ को देखते हुए यह निर्णय किया गया। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में अंचलाधिकारियों को कहा गया कि जमाबंदी में किसी भी तरह के सुधार के लिए वे आवेदन की प्रतीक्षा न करें। स्वयं देखें कि क्या गड़बड़ी है। बैठक में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण के अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की गई।
जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह की बयानबाजी जारी
जागरण के अनुसार मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह शुक्रवार को अपने ही दल के विधान पार्षद नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर सामने आ गए। उन्होंने मीडिया से कहा कि वह नीरज को हराएंगे, जमानत जब्त कराएंगे। इस पर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू की और से लड़ने की तैयारी कर रहे नीरज भी मुखर हो गए। कहा कि जिन्हें जमानत लिखने तक नहीं आता, वह मेरी जमानत जब्त कराने की बात कर रहे। उन्होंने कहा कि जो जदयू के प्रत्याशी का विरोध करता है, उसे सीधे-सीधे नीतीश कुमार और निशांत के विरोध में माना जाएगा। जदयू के प्रदेश नेतृत्व ने अनंत सिंह और नीरज को आमने-सामने बिठाकर प्रदेश कार्यालय में उनके बीच के विवाद को सुल्ताने की कोशिश की थी पर बात बनी नहीं। भास्कर के अनुसार अनंत ने कहा-नीरज ने मेरे घर एके 47 रखवाया। मुझको जेल भिजवाया। हर बार चुनाव में मुझे हरवाने की कोशिश की। इस बार मैं भी उसकी जमानत जब्त कराऊंगा। नीरज ने अनंत को खबरदार किया। कहा-चरित्रहनन बर्दाश्त नहीं होगा। उनके जैसी ताकतों से मैं कई बार लड़ चुका हूं। आगे भी लडूंगा।
कुछ और सुर्खियां:
- मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सील किए गए हॉस्पिटल को पद का गलत इस्तेमाल करके खोलने के आरोप में सस्पेंड
- बिहार में युवाओं को घुड़सवारी की ट्रेनिंग देने के लिए बीएमपी से होगा करार
- सीबीआई ने एलआईसी में निवेश से जुड़े 2684 करोड रुपए के घोटाला मामले में रिलायंस कैपिटल के पूर्व अध्यक्ष अनिल अंबानी को गिरफ्तार किया
- जापान के आईची-नागोया शहर में आज से सुधु हो रहे हैं बीसवें एशियाई खेल
अनछपी: वैसे तो हम देश में बड़े-बड़े कर्जदारों के कर्ज माफ होने की खबर पढ़ते रहते हैं लेकिन बिहार से ईंट भट्ठा चलाने वालों के कर्ज पर लगने वाले ब्याज को माफ करने की खबर ज्यादा चर्चा में नहीं है। खबरों में बताया गया है कि बिहार में ईंट भट्ठा चलाने वालों में जो कर्ज लिया है उस पर आने वाले सूद के लगभग 85 करोड़ रुपये माफ करने का फैसला किया गया है। इस बात पर चर्चा जरूर होनी चाहिए। सरकार को इस पूरे मामले को जनता के सामने रखना चाहिए और यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसे कौन से ईंट भट्ठा संचालक हैं जो इतने गरीब हो रहे हैं कि उन्हें कर्ज देकर उस पर लगने वाले ब्याज के लिए सरकार 85 करोड़ रुपये की माफी दे रही है। सरकार से कर्ज लेने वाले कई समूह हैं और यह जरूरी है कि प्राथमिकता तय की जाए कि किसके कर्ज की और किसके कर्ज पर लगने वाले ब्याज की माफी मिलनी चाहिए। उदाहरण के लिए बिहार में विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए कर्ज लेने की जरूरत पड़ती है और बिहार सरकार ने इसके लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था कर रखी है। लेकिन हम अक्सर यह खबर सुनते हैं कि विद्यार्थियों को कर्ज लेने में परेशानी हो रही है और अगर शिक्षा विभाग की ओर से इसकी मंजूरी दी भी जाती है तो मामला वित्त विभाग में फंस जाता है। इसके अलावा जिन विद्यार्थियों ने कर्ज लिए हैं और अब तक इस स्थिति में नहीं है कि वह कर्ज वापसी करें, बिहार सरकार को उनके बारे में भी सोचना चाहिए। सरकार से कर्ज लेकर लाभ कमाने वालों को ब्याज माफी देना तब तक सही नहीं होगा जब तक कि इसके लिए प्राथमिकता में विद्यार्थियों को ऊपर ना लाया जाए।
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