बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न संगठनों के आंदोलन को बुरी तरह कुचलने की कोशिश की और 7000 को हिरासत में ले लिया। मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया और हथियारबंद समूहों के बीच झड़पों में चौबीस घंटे में एक महिला समेत 10 लोगों की हत्या कर दी गई। दूसरे देशों पर पाबंदी लगाने वाला अमेरिका खुद रूस से डीजल खरीदेगा।
और, जानिएगा कि जदयू के नीरज कुमार और जनसुरज के पीके में बुखार छुड़ाने तक की नौबत।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर ने ‘हिरासत’ में दिल्ली हेडलाइन के साथ लिखा है: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआइआर) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर आंदोलन के चलते शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दोहरे अर्थों में ‘हिरासत’ में तब्दील नजर आयी. एक तरफ पुलिस ने दिनभर धरपकड़ अभियान चलाकर चार पूर्व मुख्यमंत्रियों- अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनराई विजयन सहित सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रमुख नेताओं, यूट्यूबर ध्रुव राठी और 7,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. विपक्ष ने इसे ‘सुपर इमरजेंसी’ करार दिया. वहीं, दूसरी ओर 45 मेट्रो स्टेशनों के रात 10 बजे तक बंद रहने, ट्रेनें रद्द होने और सीमाओं पर नाकेबंदी से करोड़ों का कारोबार ठप रहा और आम नागरिक अपने ही शहर में बंधक बने रहे. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि जनता द्वारा नकारे जा चुके नेता अपनी ‘बी-टीम’ सीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली को रणभूमि में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. हिंदुस्तान के अनुसार सीजेपी ने सीईसी के इस्तीफा देने तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया। सीजेपी ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की। आंदोलन की कमान संभाल रहे अजिंक्य शिंदे ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे।
छात्रों को किसी से भी नहीं डरना चाहिए: राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के राहुल गांधी ने शनिवार को चेन्नई में आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। राहुल ने भाजपा पर लोकतंत्र पर हमला करने और वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों की गूंज कार्यक्रम के छठे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी आवाजों को दबा रही है। उन्होंने कहा, जैसा आपने दिल्ली में देखा पूरा शहर बंद कर दिया गया और पुलिस छात्रों की पिटाई कर रही थी लेकिन छात्रों को किसी से भी डरना नहीं चाहिए।
दिल्ली में दमन पर यूएन का बयान, भारत को आपत्ति
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने शनिवार को सीईसी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को चिंता जताई। संगठन ने कहा कि सुरक्षाकर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते वक्त संयम बरतें। वहीं, भारत ने नई दिल्ली में शनिवार की घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की टिप्पणियों को अनुचित करार दिया है।
मणिपुर में भारी हिंसा- 10 मरे
मणिपुर के पहाड़ी जिलों कम्जोंग और उखरुल में हथियारबंद समूहों के बीच झड़पों में चौबीस घंटे में एक महिला समेत 10 लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें 6 नगा, 3 कुकी और 1 नेपाली शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, चसाड थाने के पास अवैध बंकरों के निर्माण की सूचना पर अभियान शुरू किया था। महिलाओं ने बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलाईं। इसमें 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जागरण के अनुसार महिला की हत्या के बाद कुकी और नगा सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई जो शनिवार सुबह तक जारी रही।
रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक सात अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला किया है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ईरान जंग के बाद अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ गयी हैं. अमेरिका में तीन नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं. ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं. ट्रंप ने दावा किया कि रूस तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे रूस को मिलने वाला पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल होगा. वहीं, अमेरिकी सीनेट के सदस्य रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भी इस फैसले को शर्मनाक बताया है. रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिये थे. गौरतलब है कि ट्रंप ने सितंबर में रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की संभावना वाले कानून पर हस्ताक्षर किये थे.
बांग्लादेश ने पूजा पंडाल के लिए फंड बढ़ाया
भास्कर की ख़बर है कि बांग्लादेश में इस साल दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। दो साल खौफ, धमकियों और असुरक्षा के बाद राहत की तस्वीर दिख रही है। श्रद्धालु, आयोजक और हिंदू समुदाय के नेताओं को उम्मीद है कि हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार इस बार शांति और सौहार्द्र से गुजरेगा। इस साल पूजा पंडालों की संख्या 33,851 हो गई। जबकि पिछले साल 32,351 पंडाल थे। बांग्लादेश की नई सरकार ने भी अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं की ओर आउटरीच की है। इस साल दुर्गा पूजा मंडपों के लिए सरकारी मदद को 4 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ किया गया है। पीएम तारिक रहमान सत्तारूढ़ बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के कई सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि अपनी ओर से पूजा पंडालों के लिए आर्थिक मदद दे रहे हैं। रहमान सरकार ने 20 से 24 अक्टूबर तक सार्वजनिक छुट्टियों का ऐलान भी किया है। बांग्लादेश में पहली बार किसी सरकार ने दुर्गापूजा पर पांच दिन की छुट्टी की है।
पीके से बोले नीरज- बुखार छुड़ा देंगे।
हिन्दुस्तान के अनुसार जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार ने शनिवार को प्रशांत किशोर को भाषा की मर्यादा रखने की नसीहत देते हुए कहा कि वह उनका बुखार छुड़ा देंगे। उन्होंने कहा कि उनको अपनी जिह्वा पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार का नमक खाया है और आज उन्हीं पर सवाल उठा रहे हैं। नीरज ने उन्हें आगे ऐसा न करने को लेकर खबरदार भी किया। कहा कि पीके बोलें तो भाषायी मर्यादा का पालन करें। सरकार की नीतियों की आलोचना करें, लेकिन व्यक्तिगत आक्षेप न करें। पिछली बार जब मैंने उनकी 14 कंपनियों से साठ-गांठ का खुलासा किया था तो मुंह से बोली नहीं निकल रही थी।
पीके ने धमकाया- कच्चा चिट्ठा खोल देंगे
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि मुझे बुखार लगेगा तो पारासीटामोल दवा खा लेंगे। नीरज कुमार चिंता न करें। वे डॉक्टर तो हो नहीं सकते। अब बेरोजगार होने वाले हैं। खुद को जदयू और नेतृत्व का वफादार बताने वाले नीरज कुमार ने आगे कोई बयान दिया तो उनके पार्टी के खिलाफ किये गए कार्यों का कच्चा चिट्ठा खोल देंगे।
कुछ और सुर्खियां:
- तस्करों से साठगांठ के मामले में सीमा सशस्त्र सीमा बल के असिस्टेंट कमांडेंट अमित सहित कई कर्मचारियों पर केस
- री-नीट के दौरान बायोमेट्रिक जांच में फर्जी परीक्षार्थी को लखीसराय सेंटर पर जाने में मदद करने वाला कर्मचारी प्रमोद कुमार गिरफ्तार
- दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो ट्रेन रोकने पर सुप्रीम कोर्ट में कंटेंप्ट का कोर्ट का केस दर्ज
- फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर हमले की जांच एनआईए को, ओमानी को पायलट पर केस दर्ज
- बिहार के 1520 विद्यालयों के भवनों के लिए केंद्र सरकार देगी 2021 करोड रुपए
अनछपी: दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया क्योंकि उस दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की धांधलियों के खिलाफ उनके इस्तीफा की मांग को लेकर जो प्रदर्शन हो रहा था उसे इंदिरा गांधी की इमर्जेंसी से भी ज्यादा दमन का सामना करना पड़ा। पूरे देश से दिल्ली पहुंचने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया, ट्रेनों में सवार प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में उतार दिया गया, मेट्रो और कैब सर्विस बंद की गई, रास्ते बंद किए गए ताकि प्रदर्शनकारी जंतर मंतर ना पहुंच सके। सरकार ने यह बिल्कुल ख्याल नहीं रखा कि ट्रेनों में प्रदर्शनकारियों के अलावा दूसरे ऐसे कई लोग होंगे जो किसी जरूरी काम से जा रहे होंगे- जैसे कोई डॉक्टर के पास जा रहा होगा किसी को फ्लाइट पकड़नी होगी लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। इसके अलावा इस दिन पुलिस की कार्रवाई को इसलिए भी याद रखा जाएगा कि आम लोगों और यहां तक कि पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी से दिल्ली पुलिस और दूसरे पुलिस संगठन बाज नहीं आए। इसके अलावा एक बेहद अफसोसनाक बात यह रही कि खुद को हिंदू संगठनों का सदस्य बताने वालों ने गुंडागर्दी करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और पुलिस ऐसे बदमाशों की मददगार बनी रही। यह बात भी नहीं भूली जाएगी कि जब अदालत से इस मामले में मदद मांगी गई तो उसने मदद के बजे एक और तारीख दे दी। यानी गुंडे, सरकार, पुलिस, अदालत सब प्रदर्शनकारियों के दमन में शामिल थे। यही बातें इंदिरा गांधी के जरिए लगाई गई इमर्जेंसी के दौरान भी हुई थी लेकिन इसे सुपर इमरजेंसी इसलिए कहा जा रहा है कि यह उससे भी ज्यादा दमनकारी क्रैकडाउन था।
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