छ्पी-अनछपी: रियाद एयरपोर्ट पर हमले में 13 की मौत, ज्ञानेश के खिलाफ कॉकरोच आंदोलन जारी

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा के लिए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार तड़के हुए मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक भारतीय, 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फलस्तीन और सूडान के भी एक-एक नागरिक की मौत हुई है। भारतीय की पहचान हैदराबाद के मेहदीपटनम के मो. यूसुफ अली के रूप में हुई है। उनकी पत्नी और दो बेटे गंभीर घायल हैं। हमले में 300 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा कर कहा, नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अस्वीकार्य हैं। वहीं, ट्रम्प ने कहा, अमेरिका हूती के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार करेगा।

जागरण के अनुसार दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी मिसाइल गिरी और कई ड्रोन मार गिराए गए। रायटर के अनुसार, हुती विद्रोहियों ने रविवार को एयरलाइंस, यात्रियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों से सऊदी हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी। हूती ने एक बयान में कहा कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों के हवाई अड्‌डों को छोड़कर सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्‌डे उसके निशाने पर हो सकते हैं। हूती के नियंत्रण वाले अल मसीरा टेलीविजन पर प्रसारित बयान में सऊदी अरब को चेतावनी दी गई कि यदि उसने यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई और दखलंदाजी बंद नहीं की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा

सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी देशभर में आंदोलन जारी रखेगी। पुलिस हिरासत से रविवार को रिहा होने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने यह ऐलान किया। हिन्दुस्तान के अनुसार सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें विमान से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया और उनके फोन जब्त कर लिए। सौरव दास के मुताबिक, तीनों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया और किसी से बात नहीं करने दी गई। इससे पहले रविवार को सीजेपी के तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया। पुलिस के मुताबिक, रिहाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की शर्त भी रखी गई। दीपके ने आरोप लगाया कि दादी के निधन की सूचना के बाद भी पुलिस ने उन्हें रिश्तेदारों से बात करने के लिए मोबाइल नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड हस्ताक्षर नहीं किया है, जिसमें दोबारा प्रदर्शन नहीं करने की शर्त हो।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन के अधिकार के साथ शर्त लगाई

जागरण के अनुसार जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में व्यापक प्रतिबंधों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को मौखिक टिप्पणी की कि नागरिकों के प्रदर्शन करने के अधिकार पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रदर्शन का तरीका पुलिस एक्ट के दायरे से बाहर नहीं हो सकता, यह उसके अनुरूप होना चाहिए। मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल कानून में तय प्रक्रिया से अलग नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि शांतिपूर्वक एकत्रित लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली मेट्रो सामान्य समय सारिणी के अनुसार चले व इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

एक आदमी को बचाने के लिए देश में अघोषित इमर्जेंसी: तेजस्वी

हिन्दुस्तान के अनुसार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि एक आदमी को बचाने के लिए पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है। उसके लिए नया कानून बना दिया गया है। रविवार देर रात जारी बयान में उन्होंने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि लोकनायक की जयंती के एक दिन पहले बर्बरता से शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचला गया। अपने ही देश में सरकारी तानाशाही और अलोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेकेंगे। मशीनरी और पुलिस बल के सहारे रोका गया। जेपी जयंती पर प्रण लेते हैं कि ऐसी तानाशाही और आलोक तांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।

नेपाल में फिर जमीन खिसकने से बाढ़

प्रभात ख़बर के अनुसार नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुव्री क्षेत्र में भूस्खलन से बूढ़ी गंडक नदी का प्रवाह बाधित होने के बाद अचानक आयी बाढ़ से कई बस्तियां प्रभावित हुई हैं, हालांकि, जल संसाधन विभाग के आकलन के अनुसार, बिहार में इसका कोई खास प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है. घटनास्थल भारत-नेपाल सीमा से करीब 180 से 210 किलोमीटर दूर है. इस घटना के समय से बाढ़ की लहर अगले करीब छह घंटे में वाल्मीकिनगर बैराज पहुंच सकती है. इससे बैराज से गंडक नदी में पानी का जलस्राव मौजूदा 50 हजार क्यूसेक से बढ़कर करीब 65 हजार क्यूसेक तक पहुंचने और उसके बाद पहले की तरह सामान्य होने का अनुमान है. इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, नेपाल के जगत क्षेत्र में पांच से सात मकान बह गये हैं. इस आपदा में चार लोगों के लापता होने की भी खबर है.

ट्रिपल आईटी रांची में छात्र की मौत के बाद हंगामा

। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार (भागलपुर निवासी) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद संस्थान में भारी तनाव है। हॉस्टल की आपातकालीन व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेन-जी छात्र-छात्राओं ने रविवार को खेलगांव स्थित हॉस्टल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।’आक्रोशित छात्र संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव कुमार श्रीवास्तव और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा करते रहे। घटना 10 अक्तूबर की रात की है, जब आदित्य अपने कमरे में गंभीर अवस्था में मिला। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रों का आरोप है कि लिफ्ट खराब होने, एंबुलेंस की चाबी खोजने में 15-20 मिनट की देरी होने और ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होने के कारण समय पर इलाज नहीं हो सगा जी कारण आदित्य की मौत हुई।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो के विमान में यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग
  • पीएमसीएच पटना में ओपीडी रजिस्ट्रेशन आज से नई बिल्डिंग में, 15 काउंटर तैयार
  • बिहार के 51 अनुमंडलों की 247 ग्रामीण सड़कें बाढ़ में बह गईं
  • सोनपुर और अजगैबीनाथ एयरपोर्ट के लिए ली जाएगी 7373 एकड़ जमीन
  • पश्चिम चंपारण के रामनगर में कलश यात्रा के दौरान हाई टेंशन तार से झंडा सटा दो बच्चों की मौत

अनछपी: दुर्गा पूजा का त्योहार बिहार समेत कई राज्यों में हिंदू समाज के लिए विशेष उत्साह का अवसर होता है लेकिन पिछले कुछ दशकों से तनाव का ऐसा माहौल बन जाता है कि कुछ विशेष सरकारी कर्मचारी जैसे डॉक्टर और पुलिस वालों को इस दौरान बिल्कुल छुट्टी नहीं मिल पाती। इस बात की चर्चा हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि किशनगंज से यह दुखद खबर आई है कि समीर कुमार नाम के 32 साल के सिपाही ने अपनी पत्नी को पहले यह कहा कि दुर्गा पूजा में छुट्टी नहीं मिलेगी, घर नहीं आ सकूंगा। खबरों में बताया गया है कि समीर कुमार ने अपनी पत्नी से यह भी कहा कि पैसे भेज दूंगा और सबके कपड़े खरीद लेना और फिर कुछ देर के बाद उसने अपने सिर में अपने ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली मार ली। गोली एक कनपटी से दूसरी कनपटी की तरफ निकल गई और एक जिंदगी बेमौत खत्म हो गई। सरकार और अधिकारी यह कहेंगे कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और तनाव की बात भी सामने आएगी लेकिन यह किसी एक सिपाही के तनाव का मामला नहीं है। यह बात अपनी जगह सही है कि सिपाही और डॉक्टर वैसे भी काफी तनाव में रहते हैं लेकिन आखिर हमारे त्योहार ऐसे क्यों बन गए हैं कि सिपाहियों को छुट्टी नहीं मिलती और वह अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते। सरकार और अधिकारी की यह दिक्कत है कि उन्हें कानून व्यवस्था संभालनी होती है लेकिन क्या समाज की यह जिम्मेदारी नहीं है कि इस तनाव के बारे में सोचे? इसके अलावा हमारे धर्म गुरुओं को भी सोचना चाहिए कि त्योहारों के अवसर को कैसे ऐसा बनाया जाए कि छुट्टियां मिलना मुश्किल नहीं हो और और खुशी का यह मौका किसी के लिए मातम का कारण बन जाए।

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