छ्पी-अनछपी: अहमदाबाद प्लेन क्रैश में 265 की मौत, पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता डेढ़ गुना
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अहमदाबाद से लंदन जा रहे बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के क्रैश होने से जहाज़ पर सवार 242 में से 241 लोगों की और हादसे की चपेट में आने वाले दूसरे लोगों समेत कुल 265 लोगों की मौत हो गयी। बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया है। महागठबंधन के घटक दल तेजस्वी यादव को सौंपेंगे पसंदीदा सीटों की सूची। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ईरान पर इजरायल हमला कर सकता है।

पहली खबर
हिन्दुस्तान के अनुसार एयर इंडिया का लंदन जा रहा बोइंग ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद में गुरुवार को उड़ान भरते ही गिर गया। इसमें क्रू सदस्यों समेत कुल 242 लोग सवार थे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हादसे में 265 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में हादसे की चपेट में आए कई डॉक्टर भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मृतकों की संख्या डीएनए जांच से शवों की पहचान के बाद आधिकारिक रूप से जारी होगी। एयर इंडिया के अनुसार एआई-171 बोइंग-787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दोपहर करीब एक बजकर 38 मिनट पर लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ा। दो मिनट बाद ही विमान एयरपोर्ट के पास मेघानीनगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर हॉस्टल से टकरा गया। छात्रावास में रह रहे कई मेडिकल छात्रों के साथ अन्य लोगों के मौत की आशंका है। घटना के वक्त विमान जमीन से 625 फीट की ऊंचाई पर था।
केवल एक यात्री की जान बची
विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और कनाडा के एक नागरिक के साथ 12 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे में एक ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश जीवित बच गए। विमान हादसे में केवल एक यात्री जिंदा बच सका विमान में सवार भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश ने मौत को मात दे दी है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद “जब मैंने खुद को संभाला तो अपने को लाशों और विमान के मलबे के बीच पाया। वह पल रूह कंपा देना वाला था।”
गुजरात के पूर्व सीएम की भी मौत
बेटी से मिलने लंदन जा रहे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी इसमें मौत हो गई। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने इसकी पुष्टि की। देर रात तक 265 शव सिविल अस्पताल लाए गए।
पायलट ने मांगी थी मदद
विमान के पायलट सुमित सभरवाल ने आखिरी मौके पर मे-डे कॉल दिया। यह एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन कॉल है, जिसे पायलट उस स्थिति में भेजता है जब विमान गंभीर संकट में हो। तब पायलट तीन बार मे-डे बोलकर एटीसी से आपातकालीन मदद मांगता है। इसके बाद एटीसी आपातकालीन मदद की कोशिश करता है। डीजीसीए ने बताया कि कैप्टन सुमित सभरवाल विमान को फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के साथ कमांड कर रहे थे। कैप्टन सुमित को 8200 घंटों का उड़ान का अनुभ्व था। वहीं को-पायलट के 1100 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। विमान में दो पायलटों के साथ 10 क्रू सदस्य सवार थे। डीजीसीए दोनों पायलटों से जुड़ी और जानकारी जुटाने में जुटा है
25 साल पहले पटना में भी हुआ था विमान हादसा
अहमदाबाद की घटना से पटना में 25 साल पहले हुए विमान हादसे की याद ताजा हो गयी। 17 जुलाई 2000 को पटना के गर्दनीबाग में बड़ा विमान हादसा हुआ था। एयर एलायंस एयर का विमान (संख्या 7412) पटना के गर्दनीबाग में जमीन पर आ गिरा था। तब इस हादसे में 60 से अधिक लोगों की जान चली गयी थी। इसमें विमान में सवार लोगों के अतिरिक्त जमीन पर खड़े पांच लोगों की भी मौत हुई थी।
पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता होगा डेढ़ गुना
जागरण के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सीएम सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में ग्राम पंचायत पंचायत समिति तथा जिला परिषद के प्रतिनिधियों के एक सिस्टम मॉडल के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की की मुखिया अब 5 लाख की जगह 10 लाख तक की मनरेगा योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे सकेंगे। वहीं पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्टार के प्रतिनिधियों के मासिक भत्ता को डेढ़ गुना किया जा रहा है। इसके तहत मुखिया और सरपंच को अब 5000 की जगह 7500 हजार रुपया मासिक भत्ता दिया जाएगा। इसी तरह अन्य प्रतिनिधियों का भत्ता भी डेढ़ गुना किया गया है।
महागठबंधन के घटक दल तेजस्वी यादव को सौंपेंगे पसंदीदा सीटों की सूची
प्रभात खबर के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव में एक साथ उतरने को तैयार महागठबंधन के घटक दलों ने एक दूसरे की पसंदीदा सीटों की सूची देखने की सहमति बनाई है। 5 जुलाई को संभावित अगली बैठक में सभी घटक दल अपनी पसंद की सीटों को साझा करेंगे। गुरुवार को विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर महागठबंधन के घटक दलों की हुई उच्च स्तरीय बैठक में सभी घटक दल न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत पंचायत से लेकर प्रदेश तक राज्य सरकार की नाकामियों के खिलाफ सदन से सड़क तक सजा संघर्ष करने को सहमत हुए। 9 जुलाई को ट्रेड यूनियन के बैंड के आह्वान को सफल बनाने के लिए सभी घटक दल सड़क पर संघर्ष करेंगे। बैठक में राजद नेता अब्दुलबारी सिद्दीकी, संजय यादव, चितरंजन गगन, नवल किशोर यादव, अभय कुशवाहा, भोला यादव, कांग्रेस की ओर से कृष्णा अल्लावारू, राजेश राम, अभय दूबे, मदन मोहन झा, शकील अहमद, समीर कुमार सिंह, भाकपा माले के कुणाल, राजाराम सिंह, शशि यादव, मीना तिवारी, भाकपा के सचिव रामनरेश पांडेय, राम बाबू, माकपा के ललन चौधरी, सर्वोदय शर्मा, विधायक अजय कुमार, वीआईपी देव ज्योति शामिल हुए।
ईरान पर इजरायल के हमले की आशंका
जागरण के अनुसार विश्व में तीसरे युद्ध के लिए समय की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आने वाले 72 घंटे बाद महत्वपूर्ण है। परमाणु मसले पर रविवार को होने वाली बैठक में यूरेनियम शोधन को लेकर ईरान से अमेरिका को भरोसे लायक आश्वासन नहीं मिला तो उसके बाद किसी भी क्षण ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला हो जाएगा। हवाई हमले के लिए इसराइल तैयार है और अमेरिका भी उसका साथ दे सकता है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल तैयार है लेकिन अमेरिका टकराव नहीं चाहता है।
कुछ और सुर्खियां:
- भड़तीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रणवीर नंदन बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष बने
- बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बने भारतीय जनता पार्टी के मृत्युंजय झा
- बिहार पुलिस में सिपाही के 19838 पदों के लिए जुलाई और अगस्त में 6 चरणों में होगी परीक्षा
अनछपी: कल दिन भर अहमदाबाद के प्लेन क्रैश की दिल दहला देने वाली खबर टीवी, न्यूज़ पोर्टल और सोशल मीडिया पर छाई रही। आजकल रियल टाइम में खबर देने का चलन है और हर आदमी ताज़ा जानकारी देने की होड़ में रहता है। इसलिए बहुत सी ऐसी खबरें भी आती रहीं जिसका सच से कोई वास्ता नहीं था। मिसाल के लिए किसी और जहाज़ हादसे के वीडियो को अहमदाबाद हादसे का बताकर जारी कर दिया। इसी तरह गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री के इस जहाज़ में होने की खबर देने की भी होड़ थी। इतने दर्दनाक हादसे के वक़्त भी हम इसके मानवीय पक्ष को पूरी तरह नज़रअंदाज़ क्यों कर देते हैं? इस वक़्त दी गयी कोई ग़लत खबर किसी के लिए बहुत सदमे की बात हो सकती है।
क्या इस ज़िम्मेदारी का एहसास नज़र आता है? मेरे हिसाब से बहुत कम लोग इस संवेदनशीलता का ध्यान रखते हैं। और, यह जो सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों ने जो आतंक मचा रखा है, वह बहुत ही दुखदायी है। इन्हें क्यों खबरों की होड़ में शामिल होने देना चाहिए? इस हादसे के बाद एक बड़े चैनल के रिपोर्टर ने एक यात्री के रिश्तेदार के आगे माइक भिड़ाकर कुछ पूछना चाहा। उस शख्स ने गुस्से में कहा, इस समय प्रचार ज़रूरी है? हो सकता है कि रिपोर्टर ने उनसे कुछ जानने की नीयत से ही सवाल पूछा हो मगर उसने इस बात का ध्यान नहीं रखा कि वह शख्स किस दर्द से गुज़र रहा होगा। उसके दिल पर क्या बीत रही होगी? ठीक है कि रिपोर्टर को बाइट चाहिए, और सबसे पहले और एक्सक्लूसिव चाहिए, उसे अपने बॉस को जवाब देना होगा। ऐसे में उसके बॉस की समझ पर सवाल उठाना चाहिए। क्या किसी इंसान के सबसे दुख भरे क्षण में उसे माइक से अलग नहीं रहने देना चाहिए? भाई, ऐसे हालात में एक बाइट मिस कर देने से पहाड़ भी टूटता हो तो टूटने दें।
तो क्या रिपोर्टर बात न करे? ऐसे हालात में बिल्कुल नहीं। अगर, वह एक बार अपनों को खोने के दर्द से गुज़र रहे आदमी से यह पूछ ले कि क्या वह अभी बात कर सकते हैं, कुछ बता सकते हैं, तभी इंटरव्यू करना चाहिए। अफ़सोस की बात है कि बहुत कम मीडिया संस्थान में इस बात की तालीम दी जाती है कि हादसे को कैसे कवर करें। आईआईएमसी में पत्रकारिता की पढ़ाई होती है, जिसे भारत का एक बेहतरीन संस्थान माना जाता है, मगर वहां भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। मैंने जिस अखबार में काम किया वहां भी इसकी ट्रेनिंग नहीं मिली हालांकि वहां कई ट्रेनिंग प्रोग्राम हुए। अलबत्ता, रेड क्रॉस में ट्रेनिंग दी जाती है। वहां से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। इंसानी हमदर्दी खबर से हमेशा ऊपर रखने की बात सीखनी चाहिए। बीबीसी इस मामले में बिल्कुल अलग है। वहां बराबर इस तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।
बहरहाल, पत्रकारिता पढ़ाने वाले संस्थानों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। और पत्रकारों से काम लेने वाले संपादकों की यह पेशेवर ज़िम्मेदारी है कि अपने रिपोर्टरों को ट्रेनिंग दें और बिना इजाज़त इंटरव्यू से मना करें।
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