छ्पी-अनछपी: बिहार के 7 लोग राजस्थान की फैक्ट्री में धमाके से मरे, खुले में मीट बिक्री पर रोक
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में पूर्वी चंपारण के 7 लोगों की मौत हो गई। बिहार के सभी शहरों में खुले में अवैध तरीके से मांस बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने लड़कियों को सलाह दी है कि शादी से पहले किसी पर भरोसा नहीं करें। बिहार में रजिस्ट्री के समय सरकार जमीन की अपडेटेड जानकारी देगी।
और, जानिएगा कि यह क्यों कहा गया कि फ्रांस भारत के लिए नया रूस है।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में पूर्वी चंपारण के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए। (दूसरे अखबारों में मरने वालों की संख्या 7 है)। मरने वालों में दो आपस में रिश्तेदार थे। घटना सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे खुशखेड़ा कारोली इंडस्ट्रियल एरिया में हुई। फैक्ट्री में 3 भीषण धमाके के साथ लगी आग में 7 मजदूर जिंदा जल गए। 5 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से दो को 90% से अधिक झुलसने पर दिल्ली रेफर किया गया है। हादसा इतना भयावह था कि रेस्क्यू टीम को मौके से शवों के बजाय कंकाल मिले, जिन्हें पॉलीथीन में इकट्ठा करना पड़ा। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यहां केमिकल और पटाखों का अवैध कारोबार चल रहा था।
खुले में मीट बिक्री पर रोक, लेना होगा लाइसेंस
जागरण के अनुसार बिहार में अब बिना लाइसेंस के मांस की बिक्री नहीं की जा सकेंगी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को विधान परिषद में कहा कि राज्य के सभी शहरों में खुले में अवैध तरीके से मांस बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। विजय सिन्हा ने कहा कि मांस बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। अब खुले बाजार, खुली सड़क या रास्ते पर मांस की बिक्री नहीं करने दी जाएगी। दरभंगा शहर में इस मामले में कार्रवाई भी हुई है। अब इसी तर्ज पर राज्य के सभी नगर निकायों को खुले में मांस की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सभी नगर निकायों में मांस बिक्री करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस की जांच की जाएगी। लाइसेंसधारी मांस विक्रेताओं को शेल्टर में स्थानांतरित किया जाएगा।
शादी से पहले किसी पर भरोसा नहीं करें: कोर्ट
हिन्दुस्तान की खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शादी से पहले लड़कियों को किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। शारीरिक संबंध में सावधानी बरतनी चाहिए। शादी का वादा कर दुष्कर्म के मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह मौखिक टिप्पणी की। जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शायद हम पुराने ख्यालों वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि शादी से पहले लड़का और लड़की शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपको बहुत सावधान रहना चाहिए, शादी से पहले किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
रजिस्ट्री के समय सरकार जमीन की अपडेटेड जानकारी
जागरण के अनुसार जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब जमीन की रजिस्ट्री (निबंधन) के समय पक्षकार की इच्छा के अनुसार, सरकार संबंधित जमीन की अपडेट रिपोर्ट दस दिनों में उपलब्ध कराएगी। रिपोर्ट के आधार पर संतुष्ट होकर पक्षकार निबंधन करा सकेगा। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से रैवती भूमि पर यह सुविधा मिलने लगेगी। सोमवार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संयुक्त आदेश जारी किया है। सभी समाहर्ता को इस आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली में एआई पर दुनिया का सबसे बड़ा समिट
भास्कर लिखता है: खचाखच भरे हॉल, लंबी-लंबी कतारें, एक ही वक्त में समानांतर चल रहे 14-14 सेशन और अंदर भारी भीड़ के कारण बाहर बंद दरवाजों के पीछे खड़े सैकड़ों हताश-परेशान लोगों की तीखी-मीठी नोंकझोंक… दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिट के पहले दिन कुछ ऐसे ही नजारे दिखे। आयोजकों की दलील है कि पंजीकरण (ढाई लाख से भी ज्यादा) उम्मीद से कहीं ज्यादा हो गए, जिससे ऐसे हालात बने। पांच दिन (16-20 फरवरी) की इस समिट में 3,250 से अधिक वक्ता और करीब 500 सत्र आयोजित होंगे। इसमें 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन शामिल होंगे। सोमवार को हुए सेशंस में वक्ताओं ने साफ कर दिया कि अगले तीन साल में हमारी जिंदगी में एआई का दखल हजार गुना तेजी से बढ़ेगा। एआई से नौकरियां जाने के सवाल पर वक्ताओं ने कहा-जो लोग नई स्किल्स सीखेंगे, नौकरियां उनके पास जाएंगी और जो नहीं सीखेंगे, नौकरियां उनसे दूर होने लगेंगी। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि नौकरी बचाने, उसे आसान बनाने और तरक्की पाने के लिए बस कुछ नई स्किल्स सीखनी होंगी।
फ्रांस भारत के लिए नया रूस है
जागरण ने लिखा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की मंगलवार से शुरू हो रही तीन दिवसीय भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब रक्षा सहयोग में तेजी से बढ़ती नजदीकियों के कारण यह कहा जाने लगा है कि फ्रांस भारत के लिए ‘नया रूस’ बनता जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि जिस तरह दशकों तक रूस भारत का सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार रहा, उसी तरह अब फ्रांस भी दीर्घकालिक, उच्च तकनीक और भरोसेमंद रक्षा सहयोग के स्तंभके रूप में उभर रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे। मुंबई में 17 फरवरी को उनका स्वागत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।
कुछ और सुर्खियां:
- गया रेलवे स्टेशन पर महाबोधि एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने के दौरान गिरे दो युवकों की कटकर मौत
- बिहार की 25 लाख और महिलाओं के खाते में भेजे गए 10-10 हज़ार रुपये
- बिहार बोर्ड की मैट्रिक, सीबीएसई की और आईसीएससी की परीक्षाएं आज से
- तेलंगाना के करीमनगर नगर निगम चुनाव में पहली बार भाजपा ने मेयर और उपमेयर पद पर कब्जा किया
- गया के शुभम कुमार को जेईई फर्स्ट सेशन में 100 परसेंटाइल, कल परीक्षार्थियों को आया परफेक्ट स्कोर
अनछपी: सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बेहद सांप्रदायिक और मुसलमानों के लिए नफरत फैलाने वाले बयानों के खिलाफ दाखिल अर्जी पर जिस तरह सुनवाई से इंकार कर दिया, वह उन सभी लोगों के लिए मायूसी की बात है जो यह समझते हैं कि अगर कहीं इंसाफ ना मिला तो सुप्रीम कोर्ट में जरूर मिलेगा। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की यह बात भी हैरत में डालने वाली है जिसमें वह इस तरह के मामले को चुनाव से जोड़ देते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि इस तरह के बयान चुनाव में फायदे के लिए भी दिए जाते हैं लेकिन क्या उस पर सुनवाई सिर्फ इसलिए नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह मामला चुनाव से जुड़ा हुआ है? यहां चुनाव से फायदे का तरीका यह होता है कि इस तरह का बयान दिया जाए ताकि लोगों में नफरत का भाव और भड़के और वोट देने का आधार हिंदू और मुसलमान बने। लेकिन जस्टिस सूर्यकांत की बात से ऐसा लगता है कि जो लोग मुख्यमंत्री सरमा के खिलाफ शिकायत करने पहुंचे हैं उन्हीं लोगों को राजनीतिक लाभ लेना है। हक़ीक़त इसके उलट है और सच बात यह है कि इस तरह के बयानों का इस्तेमाल एक ही पार्टी करती है, और वह है भारतीय जनता पार्टी। जो भी हो इस तरह की टिप्पणी से नफरत के मामले की गंभीरता कम ही जाती है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर बस इस बात से संतोष किया जा सकता है कि उसने गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस मामले की जल्द सुनवाई करने को कहा है हालांकि यह देखने की बात होगी कि हाई कोर्ट कितनी जल्दी और किस तरह का फैसला देता है।
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