छ्पी-अनछपी: तारिक़ रहमान बनेंगे बांग्लादेश के पीएम, भाजपा को मिला 82% चंदा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के बेटे तारिक़ रहमान बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री। एडीआर ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि विभिन्न चुनाव ट्रस्ट्स ने लोकसभा चुनाव के साल 82 फीसद चंदा भारतीय जनता पार्टी को दिए। नीट छात्रा मर्डर मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे की डीएनए जांच की मांग करने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास पर मुकदमा किया गया। 

और, जानिएगा कि वेनेज़ुएला से तेल ख़रीदने के लिए रिलायंस को लेना पड़ा अमेरिका का लाइसेंस। 

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शुक्रवार को आम चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है। इसी के साथ बीएनपी अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान का पीएम बनना तय हो गया है। बीएनपी गठबंधन ने 299 में से 212 सीट पर जीत दर्ज की है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। तारिक की अगुवाई वाली बीएनपी की 20 वर्ष बाद सत्ता में वापसी होगी। उनकी पार्टी ने बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया है। अब तक 297 सीट के नतीजे घोषित हो चुके हैं। दो सीट के परिणाम आना शेष है। तारिक रहमान ने 13वें संसदीय चुनाव में ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों संसदीय सीट से बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। वह बीते दिसंबर में 17 वर्ष बाद देश लौटे थे। बांग्लादेश में 35 वर्ष बाद पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा। इससे पहले 1988 में काजी जफर अहमद पीएम बने थे। 

चुनावी चंदे का 82% भाजपा को मिला

प्रभात ख़बर के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में विभिन्न चुनावी ट्रस्ट को 3,826 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ और उन्होंने ये पैसे राजनीतिक दलों को वितरित किये. इसमें से 82 प्रतिशत से अधिक राशि भाजपा को मिली. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने शुकवार को के विश्लेषण पर आधारित अपनी यह जानकारी दी. निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत किए किए दस्तावेजों नवीनतम रिपोर्ट में एडीआर ने कहा कि 20 पंजीकृत चुनावी ट्रस्ट में से 10 ने चंदा प्राप्त होने की जानकारी दी है, जबकि पांच ट्रस्ट की रिपोर्ट अंतिम तिथि के तीन महीने बाद भी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी पर मुकदमा

भास्कर के अनुसार नीट छात्रा दुष्कर्म-हत्या मामले में सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठे आरोपों का वीडियो बनाने, पोस्ट करने, जानबूझकर योजना बनाकर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ कुमार दास के खिलाफ केस दर्ज किया। उनपर पॉक्सो एक्ट की धारा 22 (1) के अलावा बीएनएस की पांच धाराओं के तहत चित्रगुप्तनगर थाने में केस दर्ज किया गया। 1994 बैच के आईपीएस न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी में रहते हैं। वे अपने नाम पर यूट्यूब चैनल चलाते हैं। शुक्रवार को केस दर्ज होने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चित्रगुप्तनगर समेत कई थानों की पुलिस ने उनके स्काई स अपार्टमेंट के फ्लैट में छापेमारी की। पुलिस ने मोबाइल अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कागजात जब्त किए। उनकी तबीयत बिगड़ गई तो उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया और देर रात पुलिस ने उन्हें नोटिस देखकर छोड़ दिया। 

विपक्ष ने केंद्रीय मंत्री पुरी का इस्तीफा मांगा

भास्कर के अनुसार अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर दुनियाभर में विवाद छिड़ा हुआ है। भारत में तब सियासत गरमा गई जब इन फाइलों में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने का दावा किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद पुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी एपस्टीन से कुछ औपचारिक मुलाकातें हुई थीं, लेकिन उनका किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध नहीं था। लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस कारण सदन की बैठक शुरू होने के 5 मिनट बाद ही दोपहर 12:00 तक स्थगित कर दी गई।

213 नए डिग्री कॉलेज में इसी साल से पढ़ाई शुरू होगी

जागरण की खास ख़बर है कि एक जुलाई से 213 नए डिग्री महाविद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। पहले सत्र में कला संकाय के पांच-छह कामन विषयों में पढ़ाई होगी। मुख्य कामन विषयों में इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, और अंग्रेजी/हिंदी साहित्य शामिल हैं। इन विषयों के विभागों को भी स्थापित किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि कला संकाय में आमतौर पर अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों का मिश्रण होता है, जो कक्षा 11-12 और स्नातक स्तर पर समान रूप से लोकप्रिय हैं। इसलिए संबंधित विषयों की पढ़ाई शुरू कराने पर सहमति हुई है। 

समस्तीपुर में ज्वेलरी दुकान से एक करोड़ की लूट

जागरण की ख़बर है कि बेखौफ लुटेरों ने समस्तीपुर में एक बार फिर बड़ी घटना को अंजाम दिया है। शहर के मोहनपुर और रिलायंस ज्वेल्स जैसी घटना की पुनरावृत्ति हुई है। खानपुर थाना क्षेत्र की श्रीपुरगाहर पूर्वी पंचायत के गाहर चौक स्थित प्रियंका ज्वेलर्स में शुक्रवार की शाम चार बजे ग्राहक बनकर घुसे तीन नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर करीब एक करोड़ के सोने और चांदी के आभूषण लूट लिए। एक ही बाइक पर सवार होकर आए तीनों बदमाश दुकान में घुसे। दुकानदार भोला साह को पिस्टल का भय दिखाते हुए 20 किलो चांदी और 300 ग्राम सोने का आभूषण लूट लिया। 

मधुबनी में दो करोड़ का डाका

नेपाल सीमा से करीब 12 किमी दूर मधुबनी ज़िले के लदनियां थाना क्षेत्र के गजहारा गांव में गुरुवार की रात हथियारों से लैस दो दर्जन नकाबपोश डकैतों ने गजहारा संस्कृत महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य य. दयाकांत झा के घर से दो करोड़ से ने ज्यादा की संपत्ति लूट ली। बदमाशों डाका से पहले दो राउंड फायरिंग करते हुए घर को चारों ओर से घेर लिया। 

वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए रिलायंस ने लिया अमेरिका का लाइसेंस

हिन्दुस्तान के अनुसार उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को वेनेजुएला के कच्चे तेल की सीधी खरीद के लिए अमेरिका से लाइसेंस मिल गया है। इस अनुमति से देश की सबसे बड़ी निजी रिफाइनिंग कंपनी आरआईएल रियायती दर पर उपलब्ध भारी कच्चे तेल का आयात कर सकेगी। वेनेजुएला का कच्चा तेल गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी की संरचना के अनुकूल है और उसके रिफाइनिंग मार्जिन को बेहतर बना सकता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 16584 पदों पर जल्दी नियुक्ति होगी
  • पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को तीन मामलों में नियमित जमानत मिली
  • टी 20 विश्व कप में जिंबॉब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराया
  • हजारीबाग में एक ही परिवार के चार लोगों समेत हाथियों ने 7 लोगों को मार डाला
  • एनएचएआई के पूर्व सीजीएम सदरे आलम की 17.35 लाख रुपए की जमीन कुर्क

अनछपी: बांग्लादेश के चुनाव परिणाम के बाद भारत की दुविधा की स्थिति और गहरा रही है क्योंकि एक तरफ इसने देश छोड़कर भागी प्रधानमंत्री शेख हसीना को दिल्ली में शरण दे रखी है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दे रहे हैं। शेख हसीना और उनकी प्रतिद्वंद्वी रह चुकीं तारिक रहमान की अब मरहूम हो चुकी मां ख़ालिद ज़िया के बीच राजनीतिक शत्रुता की बात किसी से छिपी भी नहीं है। जब शेख हसीना बांग्लादेश में राज कर रही थीं तो उन पर अपने विरोधियों खास कर खालिदा ज़िया की पार्टी बीएनपी के समर्थकों और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के सीनियर नेताओं के खिलाफ गैर कानूनी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। जमात-ए-इस्लामी के कई सीनियर नेताओं को तो फांसी तक दी गई थी। शेख हसीना को आमतौर पर भारत के प्रति नरम रुख अपनाने के लिए जाना जाता है जबकि बीएनपी और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी हमेशा उन पर बांग्लादेश के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते रहे हैं। नई सरकार से पहले भी बांग्लादेश में शेख हसीना पर कानूनी कार्रवाई के लिए भारत से वापस बांग्लादेश भेजने की मांग की जाती रही है और अगर तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनकी ओर से यह मांग और तेज पड़ सकती है। ऐसे में भारत को अपने राष्ट्रीय हित के मद्देनजर यह सोचना पड़ेगा कि क्या शेख हसीना को लंबे समय तक शरण दी जा सकती है? दूसरी और भारत को यह भी सोचना है कि बांग्लादेश से अपने संबंधों को ज्यादा कटु बनाए रखना क्या राष्ट्रीय हित में होगा? शायद दोनों देश इस पर गंभीरता से विचार करें और संबंधों में सुधार की स्थिति बन सके। 

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