छ्पी-अनछपी: ईरान को एक रात में खत्म करने की धमकी, 40 लाख की सरकारी दवाएं ज़ब्त

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिका के पास इतनी सैन्य शक्ति है कि वह पूरे ईरान को महज एक रात में नेस्तनाबूद कर सकता है और वह रात कल (मंगलवार) भी हो सकती है। पटना के अगमकुआं थाने के इलाके से एक गोदाम में छापेमारी कर 40 लाख रुपए मूल्य की सरकारी दवाएं जब्त की गई हैं।

और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव के वक़्त याद आई कॉमन सिविल कोड की बात।

पहली ख़बर

प्रभात ख़बर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात व्हाइट हाउस में सैन्य नेतृत्व के साथ प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान को अब तक की सबसे विनाशकारी चेतावनी दी है. ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास इतनी सैन्य शक्ति है कि वह पूरे ईरान को महज एक रात में नेस्तनाबूद कर सकता है और वह रात कल (मंगलवार) भी हो सकती है. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए मंगलवार रात आठ बजे (पूर्वी समय) की अंतिम समयसीमा तय की है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ‘नर्क’ की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में मनाया जायेगा, जिसमें ईरान के ऊर्जा और नागरिक ढांचे को जमींदोज कर दिया जायेगा.

ईरान ने सीज़फायर के लिए शर्तें भेजीं

जागरण के अनुसार ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने चेतावनी दी है कि अगर हमले बढ़े तो ईरान बाब-अल-मंदेब को बंद करके ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बधाई ने कहा कि तेहरान ने अपनी शर्तें मध्यस्थों को भेज दी हैं, लेकिन धमकी और समयसीमा के दबाव में बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी। बधाई ने कहा कि ईरान की शर्तों को कमजोरी नहीं, बल्कि अपने रुख की मजबूती के रूप में देखा जाना चाहिए। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत नहीं खोला जाएगा, क्योंकि तेहरान को अब भी अमेरिका की मंशा पर भरोसा नहीं है।

तेहरान में हमले में 25 की मौत

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के 38वें दिन पूरे हो चुके हैं. अमेरिका-इस्राइल और ईरान की ओर से हमले निरंतर जारी हैं. सोमवार को इसराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किये गये हवाई हमलों की में ईरान में 25 से अधिक लोगों की मौत हो गयी. इसके जवाब में तेहरान ने इसराइल और उसके खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागीं. तेहरान में रविवार की पूरी रात विस्फोटों की आवाजें गूंजती रहीं और राजधानी के ऊपर घंटों तक नीचे उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की आवाज सुनायी देती रही. एक हमले में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर के पास जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आजादी चौक के आसपास काले धुएं का गुबार उठता देखा गया. वहीं, इसराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ईरानी मिसाइलों का हमला हुआ. चैनल 12 के मुताबिक, शहर के 10 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया गया. उधर, बेरूत में इसराइली हमलों में करीब चार लोग मारे गये हैं और हिज्बुल्ला ने जवाबी हमले किये हैं, जिससे यह संघर्ष और भी बढ़ गया है.

यूएइ में मिसाइलों और ड्रोन से हमला

यूएइ के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली इस समय ईरान से आ रही मिसाइलों और ड्रोन का सामना कर रही है. मंत्रालय के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार आवाजें सुनायी दे रही हैं, वे मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोकने (इंटरसेप्ट करने) का नतीजा हैं.

40 लाख की सरकारी दवाएं ज़ब्त

हिन्दुस्तान के अनुसार औषधि विभाग की टीम ने पटना के अगमकुआं थाने के भागवत नगर के जनता नगर स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं जब्त की है। जिनमें प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन भी शामिल हैं। सोमवार की देर शाम छापेमारी में जब्त दवाओं की कीमत करीब 40 लाख रुपये है। ये दवाएं बीएमएसआईसीएल की ओर से ईएसआईसी अस्पतालों में आपूर्ति की गयी थी। इस मामले में टीम एक कर्मी को गिरफ्तार किया है। औषधि विभाग की टीम इस बात का पता लगा रही है कि सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति होने वाली दवा गोदाम में कैसे पहुंची और यह स्टॉक किस अस्पताल का है। अब तक की जांच में यह पता चला है कि इन सरकारी दवाइयां से सरकारी सप्लाई का रैपर हटाकर ब्रांडेड कंपनियों का रैपर लगाया जाता था और  एक्सपायरी डेट हटाकर सप्लाई की जाती थी।

नालंदा में एनआईए की छापेमारी, एक-47 की गोलियों की तस्करी

भास्कर के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और बिहार एटीएस ने नालंदा में बड़ी कार्रवाई करते हुए ज्वेलरी दुकान और गन हाउस की आड़ में चल रहे अंतरराष्ट्रीय कारतूस तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि शातिर अपराधी सत्येंद्र सिंह सीएसपी केंद्रों के जरिए रुपयों का लेन-देन कर एके-47 जैसे घातक हथियारों की गोलियां सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। जांच एजेंसी ने सोमवार को नालंदा जिले में बड़ी छापेमारी की। सुबह 3 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ला स्थित ‘पीके गन हाउस’ और ‘रवि ज्वेलरी’ समेत 6 ठिकानों पर चली।

जहानाबाद के हॉस्टल में पांच साल के छात्र की हत्या

भास्कर के अनुसार जहानाबाद में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली रूह कंपा देने वाली वारदात हुई। ‘गुरुकुल’ स्कूल के हॉस्टल में रह रहे यूकेजी के 5 साल के मासूम आशू की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। कातिल की दरिंदगी का आलम यह था कि बच्चे की आंख, पेट और प्राइवेट पार्ट पर भी गहरे जख्म मिले हैं। वारदात सोमवार सुबह कडौना थाना क्षेत्र के मुठेर लोदीपुर में हुई। पुलिस ने मुख्य संचालक तरुण उर्फ गांधी समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। संचालक नालंदा का है।

मोदी को याद आई कॉमन सिविल कोड की बात

हिन्दुस्तान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि समान नागरिक संहिता और एक राष्ट्र-एक चुनाव पर गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है। इस दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ने भाजपा के विभिन्न संकल्पों को पूरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा मिशन अभी जारी है। भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को वर्ष 2029 के आम चुनाव में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुछ और सुर्खियां:

  • तमिलनाडु में हिरासत की मौत में मुजरिम करार दिए गए 9 पुलिस वालों को फांसी की सजा सुनाई गई
  • अकूत बेनामी संपत्ति रखने के मामले में किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार को सस्पेंड किया गया
  • राजद विधायक ओसामा शहाब पर हत्या की साजिश रचने की एफआईआर दर्ज
  • समस्तीपुर जिले के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र में कर नदी में नहाने के दौरान तीन सगे भाइयों की मौत
  • हाजीपुर में दारोगा कौशल किशोर कुमार ने सिर में गोली मारकर खुदकुशी की

अनछपी: जहानाबाद के हॉस्टल में 5 साल की जिस तरह हत्या की खबर सामने आई है उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जानी चाहिए। इस हत्याकांड के इस पहलू के बाद यह सोचना भी जरूरी है कि क्या इतने छोटे बच्चों को हॉस्टल में रखने की सोच सही है? कुदरत ने बच्चों को अपने मां-बाप के पास रहने का इंतजाम किया है लेकिन बच्चों को पढ़ने और कामयाब बनाने का जुनून इस कदर हावी हो गया है कि इंसानी रिश्तों में कुदरत के कानून का भी ध्यान नहीं रखा जाता। यह सिर्फ कामयाब बनाने का जुनून नहीं बल्कि इस बात का भी सबूत है की मां बाप को अपने आसपास ऐसे स्कूल नहीं मिलते जिसे वह वही उम्मीद लगाएं जहां वह तमाम खतरों के बावजूद अपने छोटे बच्चों को भेजने के लिए मजबूर होते हैं। इस खबर में बताया गया है कि उस हॉस्टल में मारे गए बच्चे का 8 साल का भाई पहले से रह रहा था और मां-बाप ने यह सोचा था कि दोनों भाई एक साथ रहेंगे तो दोनों का दिल लगेगा। पता नहीं बड़ा भाई कब से उस हॉस्टल में रह रहा था लेकिन इस तरह छोटे बच्चों को हॉस्टल में रखने के बारे में समाज को और सरकार को भी गंभीरता से सोचना होगा। कई बार तो इसके पीछे यह वजह भी रहती है की मां-बाप अपनी जिम्मेदारी से पिंड छुड़ाना चाहते हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस मामले में ऐसा नहीं हुआ होगा लेकिन कुल मिलाकर इस तरह की घटनाएं हमें झकझोरने में कामयाब नहीं होती हैं तो इससे बड़े अफसोस की बात और क्या हो सकती है।

 84 total views

Share Now

Leave a Reply