छ्पी-अनछपी: वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, चीन ने अमेरिका पर लगाया जवाबी 34% टैरिफ

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। विवादास्पद वक़्फ़ संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। चीन ने अमेरिका पर जवाबी 34% टैरिफ लगा दिया है। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मनोज कुमार नहीं रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश से हिंदुओं की रक्षा करने को कहा।

और जानिएगा कि कैसे चैट जीपीटी पर फर्जी आधार और पैन कार्ड बन रहा है।

प्रभात खबर के अनुसार वक़्फ़ संशोधन विधेयक संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद विधेयक कानून की शक्ल ले लेगा। परंतु प्रस्तावित कानून के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों में नाराजगी है। शुक्रवार को बेंगलुरु, अहमदाबाद, अलीगढ़, नई दिल्ली और कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन की शुरुआत हो गई है। अहमदाबाद में सड़कों पर उतरे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कोलकाता में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर प्रदर्शन किया और वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक देश को बांटने के लिए भाजपा की चाल है। रांची में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं विधेयक का मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट से निर्वाचित लोकसभा सांसद मोहम्मद जावेद ने वक़्फ़ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी सुप्रीम कोर्ट में इस प्रस्तावित कानून को चुनौती दे रहे हैं। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह संसद से पारित वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2025 की संवैधानिकता को बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विधेयक में बहुत खामियां हैं।

चीन ने अमेरिका पर जवाबी 34% टैरिफ लगाया

भास्कर के अनुसार ग्लोबल ट्रेड वॉर शुक्रवार को और तेज हो गया। चीन ने अमेरिका के आयात पर 34% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई टैरिफ दरें 10 अप्रैल से लागू हो जाएंगी। चीन की यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल को चीन पर 34% टैरिफ के जवाब में की गई है। चीन ने कहा कि टैरिफ के नाम पर अमेरिका दादागिरी कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि चीन ने अमेरिकी टैरिफ के बाद घबराहट में जवाबी टैरिफ का ऐलान किया है, चीन ने टैरिफ लगाकर बड़ी गलती कर दी है।

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मनोज कुमार नहीं रहे

हिन्दुस्तान ने लिखा है,‘भारत का रहने वाला हूं… भारत की बात सुनाता हूं…’ गाने से दुनियाभर में लोकप्रिय हुए दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार शुक्रवार को दुनिया से विदा हो गए। वे 87 वर्ष के थे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से बीमार थे और कुछ हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे। देशभक्ति पर आधारित ‘शहीद’, ‘उपकार’ तथा ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी यादगार फिल्मों में अभिनय के बाद वह हिंदी सिनेमा में ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर हुए थे। उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि वह स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से पीड़ित थे और पिछले कुछ साल से बिस्तर पर थे। कोकिला बेन अंबानी अस्पताल में तड़के करीब साढ़े तीन बजे उनका निधन हो गया।

बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर मोदी ने की यूनुस से बात

बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले वर्ष अपदस्थ किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहली बार वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। मोदी ने बांग्लादेश सरकार के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद युनूस से वार्ता में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। थाईलैंड में दो दिवसीय बिम्सटेक सम्मेलन से इतर दोनों देशों के प्रमुखों की मुलाकात हुई। मोदी ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं को सुरक्षा देगी और अत्याचार से जुड़ी घटनाओं की जांच करेगी। बैठक के बारे में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मीडिया को बताया, भारत बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। बैठक में मोदी ने युनूस से कहा कि माहौल खराब करने वाले किसी भी बयान से बचना सबसे बेहतर है।

चैट जीपीटी से बन रहे फ़र्ज़ी आधार व पैन कार्ड

अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) कंपनी ओपनएआई के चैटजीपीटी से असली जैसा दिखने वाला फर्जी आधार और पैन कार्ड बनने लगा है। सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने चैटजीपीटी के नए इमेज जनरेटर की मदद से फर्जी आधार और पैनकार्ड आसानी से बन रहा। आईडीएफवाई के चीफ बिजनेस अफसर रिजू रे का कहना है कि आधार कार्ड का सत्यापन तो पहले से मौजूद डाटा के आधार पर संभव है, लेकिन पैनकार्ड और अन्य दूसरे पहचान पत्र का तत्काल सत्यापन और उसकी विश्वसनीयता को जांचना मुश्किल है।

कुछ और सुर्खियां:

  • महाराष्ट्र के न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक में हुए 122 करोड़ के घोटाले में बिहारशरीफ का डिजिटल दुनिया मॉल सील
  • पश्चिम और पूर्वी चंपारण समेत उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए
  • 7 अप्रैल से 1 जून तक सुबह 6:30 से चलेंगे सरकारी स्कूल
  • शराबबंदी के 9 वर्षों में 3.86 करोड़ लीटर शराब जब्त हुई
  • पासपोर्ट बनाने के लिए अब सब डिवीजन में भी मोबाइल कैंप लगेगा

अनछपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर वहां के मुखिया मोहम्मद यूनुस से बात कर यह साफ संकेत दे दिया कि जब बात अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकार की होगी तब यह तर्क नहीं चलेगा कि यह उनके देश का आंतरिक मामला है। आज के अखबारों में इस खबर को काफी प्रमुखता दी गई है जिसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं की सुरक्षा देगी और अत्याचार से जुड़ी घटनाओं की जांच करेगी। बैठक के बारे में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर भारत चिंतित है। उधर मोहम्मद यूनुस ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हुए हमले की रिपोर्ट बढ़ा चढ़ा कर बताई गई हैं और इनमें बड़ी संख्या में फेक न्यूज़ है। यही नहीं प्रोफेसर यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि वह इन कथित हमले की खुद जांच पड़ताल के लिए पत्रकारों को भेजें। प्रोफेसर यूनुस के इस ऐलान का स्वागत किया जाना चाहिए और हर उस देश को जिस पर अल्पसंख्यकों के मानव अधिकारों के उल्लंघन का और अत्याचार का आरोप लगता है उसे ऐसी ही व्यवस्था करनी चाहिए। प्रोफेसर यूनुस ने यह भी कहा कि उनके देश में धार्मिक और लैंगिक आधार पर होने वाली हर घटना की निगरानी के लिए एक प्रभावी तंत्र की स्थापना की गई है और इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार गंभीर कार्रवाई कर रही है । यह अच्छी बात है कि प्रोफेसर यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात को यह कहकर खारिज नहीं किया कि यह उनके देश का आंतरिक मामला है और इसकी जांच के लिए वह तैयार हुए। प्रधानमंत्री ने जिस भावना के साथ प्रोफेसर यूनुस से हिंदुओं पर अत्याचार की बात उठाई है, उसी भावना के साथ भारत में भी अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार की रिपोर्ट को स्वीकार करना चाहिए और जांच पड़ताल की जानी चाहिए। अक्सर होता यह आया है कि विदेश मंत्रालय दूसरे देशों की ऐसी बातों को यह कहकर खारिज कर देता है कि यह सही नहीं है और यह भारत का आंतरिक मामला है। बहरहाल, जरूरत इस बात की है कि बांग्लादेश अपने यहां के हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। ठीक यही काम भारत में भी करने की जरूरत है।

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