छ्पी-अनछपी: बजट में टैक्स छूट की धूम, बिहार को नहीं मिला विशेष दर्जा फिर भी खुश
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। केंद्रीय बजट में 12 लाख तक की सालाना आमदनी को टैक्स फ्री करने की खबर अखबारों में छाई हुई है। बजट में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तो नहीं मिला, इसके बावजूद कुछ घोषणाओं पर खुशी का इजहार किया जा रहा है। शेयर बाजार में बजट को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा। कुंभ से लौट रही कार मुजफ्फरपुर में पलटी, पांच की मौत।
और जानिएगा कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों को ग्रेड देने वाले ‘नैक’ की निरीक्षण समिति के चेयरमैन क्यों गिरफ्तार किए गए।
हिन्दुस्तान के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। उन्होंने मध्य वर्ग, नौकरीपेशा, किसान, छोटे एवं मझोले उद्यमियों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया। 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कर मुक्त करने का भी प्रस्ताव रखा। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कुल 50.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। यह बीते वर्ष जुलाई में पेश आम बजट की तुलना में 2.44 लाख करोड़ रुपये अधिक है। बजट में टैक्सेशन, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे 6 क्षेत्रों में सुधार के प्रावधान किए गए हैं।
नए टैक्स छूट में कैपिटल गेन से आए शामिल नहीं
भास्कर के अनुसार बारह लाख रुपए तक की सालाना आमदनी टैक्स फ्री तो की गई है मगर इसमें शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी बेचने से हुआ कैपिटल गेन शामिल नहीं है। यदि आय 11 लाख है तो प्रॉपर्टी बेचने से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन तीन लाख है तो इस तीन लाख पर 12.5% की दर से टैक्स लगेगा और इसके अलावा सेस भी लगेगा। शेयरों में 1.25 लाख तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन करमुक्त है। उसके ऊपर 12.5% की दर से टैक्स लगेगा।
बिहार को क्या मिला?
केन्द्र सरकार ने 2025-26 के बजट में बिहार को जो सौगातें दी हैं, उनमें तीन बड़ी घोषणाएं खेती-किसानी से जुड़ी हैं। बिहार में मखाना बोर्ड के गठन से इसके उत्पादक किसानों को बाजार और मूल्य बढ़ने के आसार बने हैं। पश्चिमी कोसी नहर परियोजना को केन्द्र सरकार से मदद मिलेगी तो इसमें और निखार आएगी। बिहार में 40 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में मखाना की खेती होती है। सालाना 26 हजार टन मखाना का बिहार में उत्पादन होता है। देश के कुल उत्पादन का 85 फीसदी मखाना बिहार में ही पैदा होता है।
शेयर बाजार में कोई उत्साह नहीं
आयकर में बड़ी राहत की घोषणा के बाद टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं, एफएमसीजी और वाहन क्षेत्र के शेयरों को लेकर अच्छा रुझान देखा गया। लेकिन पूंजीगत व्यय में वृद्धि न होने से निराश निवेशकों ने बिकवाली की। इसके चलते शेयर बाजार लगातार चौथी बार बजट के दिन ठंडा रहा। एक तरफ 12 लाख तक की वार्षिक आय को कर-मुक्त करने की घोषणा के बाद उपभोग से जुड़े क्षेत्रों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। वहीं, सरकारी खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए उद्योगों को कुछ न मिलने से निवेशकों में मायूसी छा गई। इससे बाजार स्थिर रुख के साथ बंद हुआ। दिनभर में करीब 900 अंकों की उठापटक के बाद सेंसेक्स में 5.39 अंक की बढ़त रही, निफ्टी में 26.25 अंक की गिरावट आई।
जो चीजें सस्ती होंगी
मेडिकल इक्विपमेंट, देश में बने कपड़े, मोबाइल फोन बैटरी, लेदर जैकेट, जूते-बेल्ट-पर्स, ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल), एलइडी टीवी, हैंडलूम कपड़े, इम्पोर्टेड सफेद मार्बल।
जो चीजें महंगी होंगी
सोलर सेल, इंपोर्टेड जूते, स्मार्ट मीटर, डिस्पले पैनल, स्मार्ट व्हाइट डिस्प्ले, इंपोर्टेड जहाज, पीवीसी शीट, फ्लेक्स-बैनर, इंपोर्टेड बुने हुए कपड़े।
बजट की कुछ और खास बातें
- सोनपुर, राजगीर और भागलपुर में ग्रीन फील्ड यानी नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे
- किसान क्रेडिट कार्ड की कर्ज सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई, बिहार के 23 लाख किसानों को होगा फायदा
- आईआईटी पटना के कैंपस में टेक्नोलॉजी पार्क बनेगा
- बीमा क्षेत्र में 100% सीधे निवेश की मंजूरी
- देशभर में बढ़ेंगी एमबीबीएस की 75000 सीटें
मुजफ्फरपुर में कार पलटी, पांच की मौत
प्रभात खबर के अनुसार मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के न्यू बायपास मधुबनी फोर लेनपर शनिवार की दोपहर 2:10 में बाइक सवार को बचाने में मधुबनी नंबर की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें नेपाल के चार नागरिक समेत पांच की मौत हो गई। मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के थे। इस दुर्घटना में घायल मोहन ठाकुर नेपाली पुलिस में कांस्टेबल हैं। वह अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ 6 दिन पहले कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गए थे। इसके लिए मधुबनी जिले के स्कॉर्पियो भाड़े पर ली थी। कई जगह घूमने के बाद लौट के दौरान मुजफ्फरपुर होकर नेपाल के मोहतरी जाने के दौरान यह घटना हुई।
घूसखोरी में पकड़े नैक के चेयरमैन
भास्कर के अनुसार सीबीआई ने नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की निरीक्षण समिति के अध्यक्ष और 6 सदस्यों समेत 10 लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन पर ए ++ ग्रेड के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तार लोगों में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर, आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित कोनेरू लक्ष्मैया एजुकेशन फाउंडेशन (केएलईएफ) के वीसी और दो अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार केएलईएफ के वाइस चांसलर जीपी सारथी वर्मा, वाइस प्रेसिडेंट कोनेरू राजा हरिन और हैदराबाद केंपस के डायरेक्टर ए रामकृष्ण ने नैक निरीक्षण समिति के सदस्यों को रिश्वत देकर ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल करने की कोशिश की। गिरफ्तार किए गए लोगों में नैक निरीक्षण समिति के अध्यक्ष समरेंद्र नाथ साहा समय 10 लोग शामिल हैं।
कुछ और सुर्खियां
- वक़्फ़ संशोधन बिल पर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश होगी
- मेट्रो से जुड़ेगा बिहटा- पटना एयरपोर्ट, सर्वे शुरू, इसी साल डीपीआर बनेगी
- इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन 8 जिलों से 81 परीक्षार्थी निष्कासित किए गए
- प्रयागराज महाकुंभ में बिहार के 11 श्रद्धालुओं की मौत पर परिजनों को बिहार सरकार देगी दो-दो लाख का मुआवजा
- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आठ नक्सलियों को मार गिराने का दावा
अनछपी: बिहार से तोहफे में मिली मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी पहन कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया उसे मीडिया और खास कर अखबारों में खूब वाहवाही मिल रही है और यह भी कहा जा रहा है कि इसमें बिहार के लिए काफी सौगात दी गई है। जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है वह यह है कि 12 लाख तक की आमदनी को टैक्स फ्री किया गया है लेकिन याद रखने की बात यह है कि ऐसे लोगों की संख्या केवल एक करोड़ है जबकि भारत की जनसंख्या 140 करोड़ है। इस घोषणा से एक करोड़ परिवार के लोग तो जरूर खुश हुए होंगे लेकिन इसमें भी कई पेच है। पेच यह है कि टैक्स फ्री आमदनी में जमीन की बिक्री और शेयर कारोबार शामिल नहीं है। पहले बजट आने पर लोगों की दिलचस्पी इस बात में होती थी कि कौन सी चीज महंगी और सस्ती हुई लेकिन अब इसका कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि महंगाई पूरे साल जारी रहती है। फर्क शायद यह आया है कि मीडिया अब सरकार की हर घोषणा को बढ़ा चढ़ा कर पेश करता है और ऐसा लगता है कि सरकार की घोषणाओं से लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। अपने बजट की वाहवाही करना सरकार के लिए आम बात है और विपक्ष इसकी बुराई ना करे ऐसा मुमकिन नहीं है। फिर भी, बजट पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का यह बयान काफी चर्चित है कि गोली के घाव के लिए एक मरहम पट्टी कही गई है यानी जो समस्या है उसका हल नहीं निकाला गया है। राहुल गांधी का कहना है कि दुनिया में इस समय जो अनिश्चितताएं हैं सरकार के पास उनसे निपटने के लिए कोई आईडिया ही नहीं है। बिहार के हिसाब से देखा जाए तो नाम तो कई बार लिया गया लेकिन जो काम होना है वह कुछ खास नजर नहीं आता। उदाहरण के लिए आईआईटी पटना के विस्तार का जो प्रस्ताव है वह तो एक सामान्य प्रक्रिया है। मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा अच्छी साबित हो सकती है लेकिन यह देखना होगा कि इस पर कब और कैसे अमल होता है। याद रखने की बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे बड़ी मांग रही है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले, जो इस बार के बजट में भी नहीं मिला। चूंकि नीतीश कुमार अब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं, इसलिए उन्होंने भी इस मांग के बारे में बात करना बंद कर दी है। कहा जा सकता है कि फिलहाल यह बजट जबानी जमा खर्च ही है।
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