छपी-अनछपी: होली पर गंदे गाने बजाए तो होगी जेल, पटना में बर्ड फ्लू के मामले मिले

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। होली पर बजने वाले गंदे भोजपुरी गानों पर रोक के लिए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर कहा है कि ऐसा करने वालों को जेल जाना पड़ सकता है। पटना में बर्ड फ्लू के मामले मिले हैं। झारखंड में एनटीपीसी के एक डीजीएम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस में ऐसे कई नेता हैं जो भाजपा के लिए काम कर रहे।

और, जानिएगा कि बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए क्यों जरूरी है कि उन्हें पूछ पूछ कर ना खिलाया जाए।

 जागरण के अनुसार होली या अन्य किसी भी अवसर पर अब सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और द्विअर्थी भोजपुरी गीत बजाने पर जेल भी हो सकती है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण रोकने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अश्लील गीतों का प्रसारण करते हुए पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय आईजी-डीआईजी को दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई की सूचना सीआईडी के कमजोर वर्ग प्रभाग को ईमेल से कहा है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि आए दिन ऐसा देखा जाता है कि सार्वजनिक स्थलों, समारोहों या बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा आदि में सस्ते दोहरे अर्थ वाले अश्लील भोजपुरी गानों का प्रसारण धड़ल्ले से बिना रोक-टोक के किया जाता है जिससे समाज पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार के गीतों से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा प्रभावित होती है। अश्लील भोजपुरी गाने छोटे-छोटे बच्चों को भी गलत संदेश देते हैं।

पटना में बर्ड फ्लू के मामले मिले

हिन्दुस्तान के अनुसार पटना में बर्ड फ्लू का प्रकोप एक बार फिर सामने आया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) परिसर में इसके फैलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद वहां की मुर्गियों को जलाकर दफनाने की कार्रवाई सिविल सर्जन की आपदा शाखा और जिला पशुपालन कार्यालय की ओर से की गई है। शनिवार को बड़ी संख्या में मुर्गियों को जलाकर दफनाया गया है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से अस्पतालों को इलाके के तीन किलोमीटर के दायरे में बुखार सर्वेक्षण (फीवर सर्वे) के निर्देश दिए गए है।

हजारीबाग में एनटीपीसी के डीजीएम की हत्या

प्रभात खबर के अनुसार हजारीबाग के केरेडारी एनटीपीसी कोल प्रोजेक्ट में कार्यरत डीजीएम कुमार गौरव की शनिवार को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गौरव हजारीबाग के मटवारी स्थित श्रीधर अपार्टमेंट के फ्लैट से खरीदारी के लिए 9:05 पर निकले थे। इसी दौरान 9:30 बजे हजारीबाग बड़कागांव रोड स्थित फतहा चौक पर दो अपराधियों ने फायरिंग कर दी जिसमें एक गोली गौरव की पीठ में लगी। हेलमेट पहन अपराधी बाइक पर थे। एटीएस जांच में जुट गई है। गौरव नालंदा जिले के एकंगरसराय प्रखंड के हासेपुर गांव के निवासी थे। जेल में बंद गिरोहों पर हत्या का संदेह है। आशंका है कि रंगदारी नहीं देने पर घटना को अंजाम दिया गया है। एसपी अरविंद सिंह ने बताया कि छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।

भाजपा के लिए काम कर रहे कांग्रेसियों को बाहर करेंगे: राहुल गांधी

जागरण ने लिखा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी के कुछ नेता और कार्यकर्ता भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी की मजबूती के लिए वह ऐसे लोगों को निकाल कर बाहर करेंगे। उन्होंने कहा कि जब देश को आजादी के लिए एक नेता की जरूरत थी तब गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महान नेता दिए। अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान उन्होंने पार्टी के भीतर की कमजोरी पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं, एक वे जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और जनता की इज्जत करते हैं और दूसरे वे जो जनता से दूर हैं और इनमें से आधे भाजपा के साथ मिले हुए हैं।

चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता: सेना प्रमुख

हिन्दुस्तान के अनुसार भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। दिल्ली में शनिवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने चीन और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों में मिलीभगत है, इसे स्वीकार करना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि मैं स्पष्ट हूं कि दोनों फ्रंट भारत के लिए वास्तविक खतरा हैं। पाक में बिकने वाली हर तकनीक चीन से जुड़ी है, ऐसे में सतर्क रहना चाहिए।

बच्चों को पूछ पूछ कर ना खिलाएं

दुनिया के बहुत से देश की तरह भारत में मोटापे को लेकर चिंता व्यक्त की जाती रही है। जागरण के अनुसार हाल ही में जारी अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जनरल लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 तक देश के 44 करोड़ लोग मोटापे की चपेट में आ सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मोटापे के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ते हुए खाने में 10% तेल कम करने की अपील की है। इस अभियान में जुड़े देश के नामी वैद्य डॉक्टर ताराचंद शर्मा कहते हैं कि वह सभी माताओं से आग्रह करेंगे कि वह अपने बच्चों से यह पूछना बंद कर दें कि बेटा क्या खाओगे। उनका कहना है कि जो चीज उनकी सेहत के लिए फायदेमंद है, वही चीज बनाएं और खिलाएं।

कुछ और सुर्खियां:

  • सीतामढ़ी के बरियारपुर फोरलेन न 22 पर तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो रिक्शा को रौंदा, चार लोगों की मौत
  • चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आज भारत और न्यूजीलैंड का मुकाबला
  • मणिपुर में कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प, एक की मौत, 40 लोग घायल
  • रूस के हमले में यूक्रेन के दो शहरों के 14 लोगों की मौत, 37 घायल
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में जरासंध स्मारक और बर्ड एवियरी का लोकार्पण किया

अनछपी: कभी आम आदमी पार्टी में रहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना करने वाले भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को हेट स्पीच के लिए जाना जाता है। कपिल मिश्रा ने पिछले कुछ वर्षों में मुसलमानों को लेकर इतने गंदे और नफरती बयान दिए हैं कि उन्हें यहां दोहराना भी सही नहीं लगता। लेकिन आज हम उनकी चर्चा इसलिए कर रहे हैं कि दिल्ली की एक अदालत ने कपिल मिश्रा की हेट स्पीच से जुड़े मामले में पुनर्विचार याचिका को खारिज किया है लेकिन अखबारों ने इस खबर को पूरी तरह दबा दिया है। कपिल मिश्रा दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री हैं और खुद रेखा गुप्ता अपने गंदे बयानों के लिए चर्चित रही हैं जिन्हें उन्होंने बाद में डिलीट करवाया था। यह इत्तेफाक नहीं हो सकता कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने मकान को गिराए जाने को लेकर जब कड़ी टिप्पणी की थी तो उसे भी अखबारों में सही जगह नहीं मिली। यह बेहद अफसोस की बात है कि भाजपा सरकार या उसके नेताओं के बारे में अदालत की कठोर टिप्पणियों को अखबारों से गायब कर दिया जा रहा है। कपिल मिश्रा के बारे में कोर्ट ने कहा कि उन्होंने बेहद चालाकी से अपने बयानों में नफरत फैलाने, लापरवाही बरतते हुए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल किया ताकि इससे चुनाव में वोट मिले। यह मामला साल 2020 में कपिल मिश्रा के एक ट्वीट के आधार पर दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। इस मामले में उन्हें एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। कपिल मिश्रा ने इसी याचिका को चुनौती दी थी। इस पूरे मामले में कपिल मिश्रा दावा करते रहे कि अपने बयानों में उन्होंने किसी जाति, समुदाय या धर्म को निशाना नहीं बनाया था। दूसरी और कोर्ट ने कहा कि उनकी दलीलें बेतुकी हैं और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। कोर्ट ने कहा कि उनका बयान एक खास समुदाय के लोगों की तरफ स्पष्ट संकेत था जो साफ तौर पर धार्मिक समुदाय के बीच दुश्मनी पैदा करने के लिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह दुख की बात है कि उपनिवेशवाद के दौर की फूट डालो और राज करो की नीति का भारत में अब भी इस्तेमाल हो रहा है। बहरहाल, इस तरह अदालत की टिप्पणियों को दबा देना भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और अखबारों के संपादकों की मिलीभगत माना जाना चाहिए।

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