छ्पी-अनछपी: सरकार की दलील- वक़्फ़ इस्लाम का ज़रूरी हिस्सा नहीं, 27 नक्सलियों का एनकाउंटर
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। विवादित वक़्फ़ क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही बहस के दौरान केंद्र सरकार ने दलील दी कि वक़्फ़ इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं है। पुलिस ने 27 नक्सलियों को ढेर करने का दावा किया है जिनमें एक पर एक करोड़ का इनाम था। सुधा दूध की कीमत ₹2 से ₹3 लीटर बढ़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर संबंधी टिप्पणी के मामले में प्रोफेसर अली खान को कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिली है। अमेरिका ने मिसाइल के हमले से बचने के लिए गोल्डन डोम बनाने की बात कही है।
और, जानिएगा कि पटना के हरिमन्दिर साहब ने अकाल तख्त के जत्थेदार को तनखैया क्यों घोषित किया।
पहली ख़बर
जागरण की सबसे बड़ी खबर के अनुसार केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में वक़्फ़ संशोधन कानून 2025 का बचाव करते हुए कहा कि वक़्फ़ एक इस्लामी अवधारणा है, इसमें कोई विवाद नहीं है लेकिन वह इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से कानून के पक्ष में दलीलें रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान सभा में दिए गए भाषण का जिक्र किया जिसमें उन्होंने धार्मिक प्रथा और अनिवार्य धार्मिक प्रथा में अंतर की बात कही थी। मेहता की ओर से रखी गई दलीलों में यह भी कहा गया कि इसलिए वक़्फ़ बाई यूजर (उपयोग के आधार पर वक़्फ़ घोषित) श्रेणी को सक्षम कानून के जरिए कानून लागू होने के बाद से गैर अधुसूचित (डिनोटिफाइड) किया जा सकता है। भास्कर के अनुसार सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वक़्फ़ बाई यूजर मौलिक अधिकार नहीं, यह विधि नीति द्वारा 1954 में दिया गया था और संविधान के तहत इसे वापस लिया जा सकता है।
एक करोड़ के इनामी समेत 27 नक्सलियों का एनकाउंटर
प्रभात खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के नारायणपुर- बीजापुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलवादियों के सफाई के लिए चलाए जा रहे हैं अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 27 नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें एक करोड़ रुपए का इनामी भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) का महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल है। एजेंसियों के मुताबिक बसवराजू की उम्र लगभग 71 वर्ष थी। अभियान में एक जवान की जान जाने की बात भी कही गई है। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हमें अपने सैन्य बलों पर गर्व है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में हमारे बलों द्वारा एक महासचिव स्तर के नेता को मार गिराया गया है।
प्रोफेसर अली खान को कड़ी शर्तों के साथ जमानत
हिन्दुस्तान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने उनके खिलाफ जांच पर रोक से इनकार कर दिया। पीठ ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को प्राथमिकी की जांच के लिए 24 घंटे में एसआईटी बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रो. अली खान हमूदाबाद को सोनीपत के संबंधित अदालत में अपना पासपोर्ट और मुचलका जमा कराने को कहा है। साथ ही, प्रो. महमूदाबाद को इस मामले से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में कोई पोस्ट या लेख लिखने या भारतीय धरती पर आतंकवादी हमले या भारत द्वारा दी गई जवाबी प्रतिक्रिया के संबंध में कोई भी राय देने /टिप्पणी करने पर भी रोक लगाई है।
सुधा दूध हुआ महंगा
बिहार और झारखंड में सुधा दूध के दाम में प्रति लीटर 2 से 3 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। दूध की नई दरें गुरुवार से लागू होंगी। बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) ने यह फैसला लिया है। कॉम्फेड ने इस संबंध में बुधवार को आदेश भी जारी कर दिया। अब फुल क्रीम दूध गोल्ड की कीमत प्रति लीटर 62 रुपए से बढ़ाकर 65 रुपए की गई है। सुधा शक्ति प्रति लीटर 55 रुपए की जगह 57 रुपए में मिलेंगे। वहीं, गाय के दूध की कीमत 52 रुपए से बढ़कर 54 रुपए हो गई है। फिलहाल सुधा के अन्य उत्पाद घी, दही, पेड़ा, लस्सी आदि की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है। लेकिन, माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इनकी कीमतें भी बढ़ेंगी।
अमेरिका बना रहा गोल्डन डोम
भास्कर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम का ऐलान किया है। यह अंतरिक्ष में दुनिया में कहीं भी दागी गई कैसी भी मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम होगा। यह ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल के अंत यानी जनवरी 2029 तक काम करने लगेगा। इस पर लागत 175 अरब डॉलर (15 लाख करोड़ रुपए) आएगी। गोल्डन डोम अगली पीढ़ी के हवाई खतरों से बचाएगा। बैलिस्टिक, क्रूज, हाइपरसोनिक मिसाइल या ड्रोन को चार चरणों में रोकेगा। इससे पहले इसराइल का आयरन डोम काफ़ी चर्चा में रह चुका है।
अनाज बांटने नहीं दे रहा इसराइल, 20 लाख फलस्तीनी परेशान
जागरण के अनुसार ग़ज़ा में बुधवार को भी इसराइली हमलेर जारी रहे। ग़ज़ा हमले में 82 लोगों के मारे जाने की सूचना है। मरने वालों में दर्जनों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस बीच युद्ध से त्रस्त परिस्थितियों के बीच बुधवार को भी खाद्य सामग्री, पीने का पानी और दवाइयां नहीं पहुंचीं। अंतरराष्ट्रीय दबाव में इसराइल ने सोमवार और मंगलवार को कुछ ट्रक सामग्री ग़ज़ा में जाने दी थी लेकिन उसका वितरण अभी तक नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र ने इसराइली सेना के आचरण पर चिंता जताई है। ग़ज़ा में 2 मार्च से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रुकी हुई है जबकि सीमा पर सामान से लगे हजारों ट्रक खड़े हैं। इस स्थिति में ग़ज़ा की 20 लाख से ज्यादा आबादी भूख प्यास से परेशान है।
अकाल तख्त के जत्थेदार को तनखैया क्यों घोषित किया गया
हिन्दुस्तान के अनुसार तख्तश्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब और श्रीअकाल तख्त, अमृतसर के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बुधवार को तख्तश्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब में पंच प्यारों की हुई आपात बैठक में श्रीअकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज और तख्तश्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बाबा टेक सिंह को तनखैया घोषित कर दिया गया। साथ ही अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को भी दस दिनों के अंदर तख्तश्री हरिमंदिरजी में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। बैठक में श्रीअकाल तख्त की ओर से जारी ताजा हुकुमनामा को मानने से इनकार किया गया। तख्त साहिब में जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह की अध्यक्षता में पंच प्यारों की आपात बैठक में अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दिलीप सिंह, भाई गुरुदयाल सिंह, सीनियर मीत ग्रंथी ज्ञानी परशुराम सिंह और मीत ग्रंथी भाई अमरजीत सिंह शामिल हुए।
कुछ और सुर्खियां:
- केंद्रीय विद्यालय, सासाराम के प्रिंसिपल मयंक कुमार श्रीवास्तव बिल पास करने के लिए ₹32000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
- पटना के शास्त्री नगर थाने का एएसआई अजीत कुमार सिंह ₹50000 घूस लेते गिरफ्तार
- कन्नड़ भाषा के कहानी संग्रह हार्ट लैंप के लिए बानो मुश्ताक को अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज मिला
- भोजपुर जिले के उदवंत नगर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर मोहल्ले में कुत्तों ने दो भाइयों को बुरी तरह नोचा, एक की मौत
- बलूचिस्तान में बस पर हमले में 6 मरे, पाकिस्तान के आरोप को भारत ने नकारा
अनछपी: अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने की खबर लोकतंत्र के हिमायतियों के लिए खुशी की बात हो सकती थी लेकिन अदालत ने उनके पोस्ट के बारे में जो टिप्पणियां की हैं और उनपर जो पाबंदियां लगाई हैं वह बहुत से लोगों के लिए चिंताजनक है। अंग्रेजी के एक अखबार ने इसे ठीक ही ‘गैग ऑर्डर’ (मुंह पर ताला जड़ने वाला आदेश) लिखा है। प्रोफेसर अली खान के मामले को बहुत से लोग इस नजरिए से देखते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार वाले राज्यों में कैसे किसी बेकसूर को जेल में डाला जाता है और खुलेआम कसूर करने वाले को छुट्टा घूमने की आजादी दी जाती है। प्रोफेसर अली खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बहुत से लोगों को ऐसा लग रहा है कि बदज़ुबानी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्रियों और अपनी बात तार्किक से रखने वाले प्रोफेसर अली खान को अदालत ने एक ही तराजू पर तौला है। मध्य प्रदेश के वह दोनों बदजुबान मंत्री आज तक गिरफ्तार नहीं हुए लेकिन प्रोफेसर अली खान को जेल से बाहर आने के लिए सुप्रीम कोर्ट की मदद लेनी पड़ी और वहां भी उन्हें बहुत तरह की नसीहतें सुननी पड़ीं। दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश के एक मंत्री की गिरफ्तारी पर तो सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी और सब कुछ उजागर रहने के बावजूद एसआईटी को इस मामले की जांच पड़ताल करने को कहा। ठीक यही बात प्रोफेसर खान पर लागू की गई और उनके मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाने का आदेश दिया गया। सवाल यह है कि फेसबुक के एक पोस्ट को समझने के लिए एसआईटी के गठन की क्या जरूरत पड़ी और क्या सुप्रीम कोर्ट के जज इसे खुद से समझ कर कोई फैसला नहीं कर सकते थे? एसआईटी के गठन से जहां बदजुबान मंत्री को राहत मिली है वहीं प्रोफेसर खान के लिए यह एक नया सर दर्द बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जिस तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर यह कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे देश 75 साल से अधिकार बांट रहा है, वह भी बेहद निराशाजनक है।
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