छ्पी-अनछपी: ट्रेड डील में अमेरिकी दबाव पर बवाल, अल्पसंख्यक बजट में मामूली इज़ाफ़ा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस ट्रेड डील का ऐलान किया है उसके बारे में भारत के विपक्ष खासकर कांग्रेस का कहना है कि यह दबाव में किया गया डील है। बिहार के बजट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिए मामूली बढ़त की गई है। जंग के डर के बीच चर्चा है कि ईरान और अमेरिका के अधिकारी 5 फरवरी को तुर्की में मिल सकते हैं।

और जानिएगा कि बिहार बाप-बेटा क्रिमिनल गैंग को कहां से पकड़ा गया।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कंप्रोमाइज्ड (दबाव में) किया जा चुका है। वह अपनी छवि से डरे हुए हैं, इसलिए समझौता किया। राहुल ने आरोप लगाया कि देश को बेच दिया गया है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री बेहद दबाव में हैं। उन्हें डर है कि उनकी छवि खराब हो सकती है। दावा किया कि जो डील महीने से रुकी हुई थी, उसमें कुछ नहीं बदला और दस्ताखत हो गए। कहा कि प्रधानमंत्री को किसने कंप्रोमाइज्ड किया, कैसे किया है, यह हिन्दुस्तान की जनता को सोचना है। किसानों के हितों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश के किसानों को यह समझना चाहिए कि इस समझौते में आपकी मेहनत और खून पसीने को बेच दिया गया है। तृणमूल सांसद रितब्रता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र ने ट्रंप के थोपे गए सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया है। कहा कि भारत दुनिया के लिए एक रहस्य बनता जा रहा है, जटिलता के कारण नहीं बल्कि इसलिए क्योंकि सरकार के दावे जमीनी सच्चाई से मेल नहीं खाते। ऊंची जीडीपी वृद्धि दर को अहम मुद्दों का ढाल बना रहे हैं। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के आर्थिक विस्तारवाद के आगे झुक गई है। किसान हितों की अनदेखी की गई है। विपक्ष ने ट्रंप के दावे पर स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा।

कृषि व डेयरी पर कोई असर नहीं: गोयल

अमेरिका से व्यापार करार पर मंगलवार को सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इससे कृषि, डेयरी जैसे क्षेत्रों पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। संसद में मंगलवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रही और उसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के तेल खरीद संबंधी दावे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके जवाब में गोयल ने कहा,यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को गति देगा। उन्होंने कहा कि कृषि और डेयरी क्षेत्र में लोगों की आमदनी बढ़े और अवसर मिले, उसके लिए सरकार ने लगातार काम किए हैं। कभी उनके हितों के साथ समझौता नहीं किया।

ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार ने की वापसी

जागरण के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के एलान से मंगलवार को शेयर बाजार झूम उठा। दिन के कारोबार में सेंसेक्स सेक्स पांच प्रतिशत से ज्यादा उछलकर रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, लेकिन बाजार के बंद होने के समय इसमें ढाई प्रतिशत की तेजी थी। एनएसई निफ्टी भी 25,700 के ऊपर बंद हुआ। दरअसल, भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामान पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। शेयर बाजार में तेजी से मंगलवार को निवेशकों की संपत्ति में 12.10 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है और अब बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का पूंजीकरण 467.14 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

अल्पसंख्यक बजट में मामूली इज़ाफ़ा

बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिए बजट में केवल 25.99 करोड़ रुपए का इजाफा किया गया है। पिछले साल इस विभाग का बजट 870.22 करोड़ था जो 2025-26 के लिए बढ़कर 896.21 करोड़ रुपए किया गया है। दूसरी तरफ एससी स्ट कल्याण विभाग के लिए बजट में 151.01 करोड रुपए का इजाफा किया गया है। पहले यह बजट 1935.65 करोड़ का था। अब यह 2086.66 करोड़ का हो गया है।

3,47,589 करोड़ का बिहार बजट

बिहार का वार्षिक बजट आकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़कर 3,47,589.76 करोड़ रुपये का हो गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट आकार 3,16,895.02 करोड़ से 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। इस तरह बजट में 9.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दो दशक में बजट का आकार करीब 12 गुना बुढ़ा है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधानमंडल में राज्य का आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट आकार पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो वर्ष 2004-05 के 23,885 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026-27 में 3,47,589.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

बिहार बजट की कुछ और खास बातें

  • अब बिहार सरकार देगी किसानों को कर्पूरी सम्मान निधि, हर साल मिलेगा ₹3000
  • बिहार को राजस्व के रूप में दो लाख 85 हज़ार 277 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान
  • नवादा और चंपारण में इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी बटालियन यूनिट बनेगा
  • जदयू के मंत्रियों के हिस्से में 240949.81 करोड़, भाजपा के मंत्रियों से एक 50151.51 करोड़ ज्यादा

ईरान और अमेरिका में तुर्की में हो सकती है बातचीत

भास्कर के अनुसार खाड़ी में जंग की आहट के बीच ईरान के रुख में थोड़ी नरमी के संकेत हैं। ईरान में पिछले महीने प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के अधिकारी दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए शुक्रवार को तुर्किये की राजधानी इस्तांबुल में मिल सकते हैं। प्रस्तावित बातचीत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य-पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रम्प के दामाद जेरेड कुश्नर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची शामिल हो सकते हैं। तुर्किये, कतर और मिस्र के वरिष्ठ अधिकारियों के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। पाकिस्तान को भी बैठक का निमंत्रण मिला है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी वार्ता का समर्थन किया है। इससे माना जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसे लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। सूत्रों के मुताबिक, हालात सुधारने के लिए ईरान परमाणु कार्यक्रम को बंद के या निलंबित करने को तैयार है-जो बड़ा समझौता माना जा रहा है।

बाप-बेटा क्रिमिनल गैंग को कहां से पकड़ा गया

बिहार एसटीएफ ने बेंगलुरु से पटना के कुख्यात मनोज सिंह और उसके बेटे मानिक सिंह को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर बिहार पुलिस ने 3-3 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। इनके पास एक-47 राइफल भी है। पिछले एक साल से मनोज मानिक गिरफ्तारी के डर से बेंगलुरु में किराए में फ्लैट लेकर रह रहे थे। पिछले एक महीने से एसटीएफ उसके पीछे लगी थी। मानिक पर नौबतपुर, फुलवारीशरीफ, बिहटा, धनरुआ, बाढ़, पंचमहला के अलावा जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाने में में हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट के 20 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या के 7 केस हैं। दोनों नौबतपुर थाना के शंभुपुरा गांव का रहने वाले हैं। इधर, मनोज की पत्नी मंजू देवी ने मंगलवार को दानापुर कोर्ट से एक एफिडेविट कराया है कि उसके पति और बेटे को पुलिस एनकाउंटर में मार देगी। पुलिस ने गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कुछ और सुर्खियां:

  • बोलने की इजाजत नहीं देने पर मचे हंगामा के बाद लोकसभा से कांग्रेस के सात और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक सांसद को सस्पेंड किया गया
  • अमेरिका सेना का दावा- अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन के पास आ रहे ईरानी ड्रोन को मार गिराया
  • पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन का चुनाव 28 फरवरी को
  • एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद भाजपा मणिपुर में फिर भी सरकार बनाएगी, युमनाम खेमचंद होंगे सीएम
  • मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया और इंडिगो के जहाज के विंग टिप्स टकराए

अनछपी: बजट को अब केवल आंकड़ों का खेल माना जाना चाहिए क्योंकि इसमें की गई घोषणाएं कई बार ऐसी होती हैं जिनके बारे में पहले ही ऐलान किया जा चुका होता है। मिसाल के लिए पांच एक्सप्रेसवे की बात पहले ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का चुके हैं। केंद्रीय विद्यालय खोलने की बात भी पहले आ चुकी है हालांकि इसमें यह समझना मुश्किल है कि इसके निर्माण का संबंध बिहार के बजट से क्यों है। इस आंकड़े की बाजीगरी में शिक्षा विभाग का बजट देखना और समझना दिलचस्प है। ध्यान देने की बात यह है कि इस बार उच्च शिक्षा के लिए अलग विभाग का बजट पेश किया गया है जो पहले नहीं था। इसके लिए 8012.34 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है लेकिन यह नहीं मालूम हो सका कि पहले जब विभाग अलग नहीं था तो इसके लिए कितने का बजट हुआ करता था। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि उच्चतर शिक्षा विभाग के लिए बाकी राज्यों का बजट कितना होता है। इसी तरह सायंस, टेक्नोलॉजी और टेक्निकल एजुकेशन के लिए पहले 1159 करोड़ का बजट था जो अब 155.43 करोड़ घटकर 1003.57 करोड़ रह गया है। शिक्षा विभाग का बजट पहले 60964.87 करोड़ रुपए होता था जो अब 760.26 करोड़ घटकर 60204.51 करोड़ रह गया है। इस तरह तकनीकी शिक्षा के लिए बजट में कमी क्यों की गई यह समझना मुश्किल है। अगर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की बात की जाए तो यह कहना पड़ेगा कि इसका बजट पहले से ही कम है और इसमें जो इजाफा किया जा रहा है वह एक प्रतिशत से भी कम है। इसमें अगर इन्फ्लेशन को जोड़ा जाए तो इसे इजाफा मानना भी मुश्किल ही लगता है। बरहाल बजट को समझने की कोशिश जारी रहनी चाहिए।

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