छ्पी-अनछपी: कमाल मौला मस्जिद कोर्ट के फैसले में मंदिर, यूएई-भारत में होगी बड़ी डिफेंस डील

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मध्यप्रदेश के धार जिले की कमाल मौला मस्जिद कोर्ट के फैसले में मंदिर बताई गई है। इसराइल के साथ बेहतर संबंध रखने वाले यूएई ने अब भारत के साथ बड़े रक्षा सौदा की तरफ कदम बढ़ाए हैं। पेपर लीक की वजह से रद्द मेडिकल दाखिले की परीक्षा NEET अब 21 जून को होगी। बिहार में दारोगा के 10468 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है।

और जानिएगा कि बिहार में केवल चार महीने में 199 करोड़ के साइबर फ्रॉड के केस दर्ज किये गए हैं।

पहली ख़बर

मध्यप्रदेश के धार जिले की कमाल मौला मस्जिद को मंदिर बताए जाने के दावे को इंदौर हाई कोर्ट ने सही मानने का फ़ैसला सुनाया है। इस बारे में जागरण ने खबर देते हुए लिखा है कि धार की परमारकालीन भोजशाला पर वर्षों से चल रहे स्वामित्व विवाद में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इसे वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर घोषित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यहां हिंदू पूजा की परंपरा कभी समाप्त ही नहीं हुई। यहां मिले साक्ष्य और स्थापत्य इसे वाग्देवी मंदिर सिद्ध करते हैं। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को भोजशाला में नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। अब यहां नमाज नहीं पढ़ी जा सकेगी। हाई कोर्ट ने कहा कि कमाल मौला मस्जिद का विवादित क्षेत्र भी वाग्देवी का मंदिर ही है। मुस्लिम पक्ष चाहे तो राज्य से धार जिले में कहीं और मस्जिद के लिए जमीन मांग सकता है। हाई कोर्ट में 12 मई को सुनवाई पूरी हो गई थी। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने शुक्रवार को फैसला सुनाया।

मस्जिद वाले जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

हिन्दुस्तान के अनुसार धार की कमाल मौला मस्जिद पक्ष के वकील अशहर वारसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देंगे। वारसी ने दावा किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा भोजशाला परिसर का जो वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया था और उसकी जो रिपोर्ट थी, जिस पर हाई कोर्ट ने भरोसा किया, वह त्रुटिपूर्ण थी। वारसी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट उनके तर्कों पर विचार करेगा और उस स्थान पर नमाज़ अदा करने की अनुमति को बहाल करेगा। उधर, हिंदू चिकाकर्ताओं में से एक जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ ने वकील वरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट (सतर्कता याचिका) दायर की। इसमें उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ किसी भी अपील पर सुनवाई किए बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

यूएई ने अब भारत के साथ बड़ा रक्षा सौदा किया

भास्कर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) यात्रा में पांच मेगा डील कीं। लगभग ढाई घंटे की यात्रा में पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एलपीजी-ऑयल रिजर्व, डिफेंस पार्टनरशिप, निवेश, शिपिंग और इनोवेशन सेक्टर में अहम करार किए। यूएई ने भारत में 48 हजार करोड़ रुपए (5 बिलियन डॉलर) के निवेश का ऐलान किया। साथ ही एलपीजी गैस की सप्लाई को बढ़ाने का भी समझौता किया। भारत के ऑयल रिजर्व को 3 करोड़ बैरल करने के लिए यूएई ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया। पीएम मोदी ने हाल के अमेरिका-ईरान युद्ध में यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का समर्थक रहा है। खाड़ी के प्रमुख देश यूएई के साथ भारत डिफेंस डील कर सकता है। विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि पहली कड़ी के रूप में स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप हुई है। अगले दौर में औपचारिक डिफेंस डील संभव है। इसका कारण हाल के युद्ध के दौरान ईरान की ओर से यूएई पर सबसे ज्यादा हमले किए जाना है। अब तक यूएई को अमेरिका की ओर से सिक्योरिटी गारंटी मिलती थी, लेकिन इस युद्ध में इस पर सवाल भी उठे। यूएई और इजराइल के बीच संबंध भी बढ़ रहे हैं।

रद्द NEET अब 21 जून को होगी

जागरण के अनुसार पेपर लीक और परीक्षा रद होने के बाद नीट यूजी में सम्मिलित हुए करीब 23 लाख छात्रों की उलझन खत्म हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का एलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी शुक्रवार को दोबारा होने वाली परीक्षा की तिथि साझा करते हुए इसमें तीन बड़ी राहत देने की घोषणा की। इस दौरान छात्रों को परीक्षा में 15 मिनट ज्यादा समय देने और उन्हें परीक्षा का शहर बदलने का भी विकल्प दिया है। साथ ही छात्रों की फीस वापस करने और दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं लेने की भी घोषणा की है।

दारोगा के 10468 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी

प्रभात खबर के अनुसार बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) और समकक्ष के कुल 10,468 पदों पर सीधी बहाली होगी. साथ ही 10,469 पद प्रोमोशन से भरे जायेंगे. दरअसल, बिहार पुलिस में कुल 20,937 पदों में सीधी बहाली होनी थी. लेकिन, बिहार पुलिस मैनुअल के प्रावधान के मुताबिक पुलिस अवर निरीक्षक की कुल रिक्ति का 50 फीसदी प्रोन्नति के माध्यम से सहायक अवर निरीक्षकों द्वारा भरा जाना है. ऐसे में सीधी नियुक्ति के पुलिस अवर निरीक्षक और समकक्ष 20,937 पदों में से 50 फीसदी को प्रोमोशन से भरने का निर्णय लिया गया है. सभी पद वेतन स्तर-6 के हैं.

चार महीने में 199 करोड़ का साइबर फ्रॉड

बिहार में इस साल जनवरी से अप्रैल तक चार माह में 199 करोड़ की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। जागरण के अनुसार बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने साइबर ठगी की राशि निकालने में इस्तेमाल होने वाले पांच हजार म्यूल बैंक खातों को चिह्नित किया है। इनमें 1200 बैंक खातों को बंद भी कराया गया है। इस दौरान जांच में 22 बैंक शाखाएं चिह्नित की गई हैं, जहां सर्वाधिक म्यूल खाते खोले गए हैं। इन बैंक शाखाओं के कर्मी भी जांच के दायरे में हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में संलिप्त पाए गए पांच बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

कुछ और सुर्खियां:

  • 1 से 15 जून तक पटना और आरा में होगी अग्नि वीर भर्ती
  • पटना सहित बिहार के 12 जिलों में आज आंधी की चेतावनी
  • क्रिकेटर ईशान किशन को टी-20 विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक करोड़ रुपए का चेक सौंपा
  • प्राइवेट स्कूलों में री एडमिशन फीस लेने पर शिक्षा विभाग ने रोक लगाई

अनछपी: इस दुनिया में पैसों की कीमत के बारे में हमेशा चर्चा होती रही है और लोगों ने देखा है कि कैसे पैसों के दम पर सभी कानून कायदे की धज्जियां उड़ाई जा सकती हैं। ऐसा नहीं है कि यह मामला किसी एक देश के साथ जुड़ा हुआ है लेकिन जब बात अमेरिका की आती है तो लोगों को यह लगता है कि वहां की न्याय व्यवस्था पैसों से प्रभावित नहीं होती है। लोगों की यह धारणा भी एक भ्रम है और इसका एक ताजा उदाहरण भारतीय उद्योगपति गौतम अदानी का मामला है जिन पर अमेरिका में बड़े वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगा था। अब खबर आई है कि अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर अदानी से जुड़े दीवानी आरोपों का निपटारा करने का फ़ैसला किया है। यह मामला भारत में सोलर एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। गौतम अदानी ने इस मामले में छह लाख डॉलर व सागर अदानी ने 1.2 करोड़ डॉलर देने पर सहमति जताई है, मगर बिना किसी दोष को स्वीकार या अस्वीकार किए। यह बेहद रोचक है कि वह आरोप को ना तो स्वीकार कर रहे हैं ना ही अस्वीकार लेकिन जो पैसे वह दे रहे हैं उसकी क्या वजह है? बहरहाल, इन पैसों के भुगतान के बाद अमेरिकी न्याय विभाग दोनों के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि दरअसल अदानी के वकील ने यह व्यवस्था कराई है लेकिन अदानी पर भारत में वित्तीय अनियमितता का आरोप ना लगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में जिम्मेदार न ठहराया जाए, इसलिए भारतीय मीडिया में इसकी बहुत चर्चा नहीं की जा रही है। ध्यान रहे कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री मोदी को अदानी के घोटाले के मामले में निशाना बनाते आए हैं।

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