छपी-अनछपी: महाराष्ट्र पेपर लीक में बिहार के दो गिरफ्तार, मंत्री ने ली 99 लाख की सब्सिडी

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के तहत महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी)-2026 पेपर लीक हो गया और इस मामले में तीन को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी बिहार के और एक हरियाणा का रहने वाला है। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने राजस्थान में खीरे के पालीहाउस प्रोजेक्ट के लिए 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी अपने ही मंत्रालय से हासिल कर ली, हालांकि ज़्यादातर अखबारों ने इस ख़बर को दबा दिया है।  

और, ऑपरेशन सिंदूर मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ‘संसद को गुमराह’ करने का आरोप, जिसकी ख़बर किसी अख़बार में नज़र नहीं आई। 

पहली ख़बर 

प्रभात ख़बर के अनुसार देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालिया नीट परीक्षा विवाद के बाद अब महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी)-2026 परभी पेपर लीक का साया पड़ गया है. ठाणे जिले के भिवंडी के कोनगांव इलाके से पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार तड़के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से दो आरोपी बिहार के और एक हरियाणा का रहने वाला है. इन आरोपियों की पहचान राजीव शाह (बिहार), आकाश कुमार (बिहार) और धीरज कुमार (हरियाणा) के रूप में की गयी है. इस बड़ी चूक के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीइ) ने रविवार, 28 जून को होने वाली राज्यव्यापी परीक्षा को आनन-फानन में स्थगित कर दिया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंगांव थाने में कड़े कानूनों के तहत गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया है. मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि मुख्य आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत सख्त कार्रवाई की जायेगी.

मंत्री ने ली 99 लाख की सब्सिडी

जागरण के अनुसार केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सब्सिडी को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। विवाद की वजह है राजस्थान में खीरे के पालीहाउस प्रोजेक्ट के लिए 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी अपने ही मंत्रालय से हासिल करना है। कांग्रेस ने इसे हितों के टकराव का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि जब भागीरथ चौधरी स्वयं नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड के पदेन उपाध्यक्ष हैं, तब उनके द्वारा उसी बोर्ड की योजना का लाभ लेना निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जबकि मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने नियमों के तहत एक किसान के रूप में सब्सिडी ली है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है। बता दें कि चौधरी का यह प्रोजेक्ट राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पेह गांव में स्थित है। भागीरथ चौधरी के अनुसार, खेत के बाहर लगे बोर्ड पर भी इसका जिक्र है। इस परियोजना को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड से वित्तीय सहायता मिली है। कुल परियोजना की लागत एक करोड़ 99 लाख रुपये है, जिसमें 99.60 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में स्वीकृत हुए हैं। 

शांति समझौते के दस दिन बाद अमेरिका- ईरान ने एक दूसरे पर हमला किया

जागरण के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते के महज दस दिन बाद ही तनाव फिर खुलकर सामने आ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने शुक्र‌वार को ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार केंद्रों पर हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है।

चढ़ावा चोरी में चंपत राय का इस्तीफा

भास्कर के अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि दोनों के इस्तीफे मिल गए हैं। इन पर ट्रस्ट की अगली बैठक में फैसला होगा। उन्होंने कहा कि चढ़ावे में आए चांदी की ईंटें, आभूषण या अन्य सामान सभी सुरक्षित हैं।

32 माह में वेतन 27.43 लाख, लेनदेन 2.51 करोड़ का

प्रभात खबर के अनुसार छपरा के डीपीओ, माध्यमिक शिक्षा अजीत कुमार हरिजन पर वेंडर से 12.50 लाख रुपये के रिश्वत लेने के आरोप लगने के मामले में डीडीसी के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है. जांच में डीपीओ की आय से अधिक संपत्ति और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है. रिपोर्ट के अनुसार, सारण में 32 माह की सेवा अवधि के दौरान डीपीओ को वेतन के रूप में लगभग 27.43 लाख रुपये मिलने चाहिए थे, जबकि इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ. जांच टीम ने इसे आय से अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया मामला माना है. अनुमान है कि वास्तविक अवैध कमाई तीन करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ‘संसद को गुमराह’ करने का आरोप

बीबीसी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जान गंवाने वाले छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाने के बाद, कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है. वहीं विपक्ष के आरोपों के बाद रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि “28 जुलाई, 2025 को संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को ग़लत तरीक़े से दिखाने की कोशिश की गई है.” 28 जुलाई 2025 को संसद सत्र के दौरान लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष से कहा था, “आपको सवाल पूछना है तो ये पूछिए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज़ सैनिकों को कोई क्षति पहुंची है तो उसका उत्तर है नहीं (ज़ोर देकर).” कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर संसद में दिए गए राजनाथ सिंह के भाषण का एक वीडियो क्लिप शेयर किया है. पवन खेड़ा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “जुलाई 2025 को दिए गए राजनाथ सिंह के भाषण में कहा गया था कि हमारे जवानों को कोई क्षति नहीं हुई. क्या वो झूठ था?” खेड़ा ने पूछा, “या तो आपको जानकारी नहीं थी, या जानकारी छिपाई. दोनों ही स्थितियों में क्या आपको अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है?”

कुछ और सुर्खियां:

  • अफगानिस्तान में शनिवार शाम 6.2 तीव्रता का जलजला आया, दिल्ली एनसीआर और जम्मू कश्मीर में भी झटके महसूस किए गए
  • भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान को 7-1 से हराया
  • कराची के रेंजर्स हेडक्वार्टर के पास आत्मघाती हमले में तीन सुरक्षाकर्मी समेत चार की मौत
  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को उम्मीद- अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा सकते हैं ट्रंप

अनछपी: हमारे इस कॉलम का एक अहम मकसद यह रहता है कि हम उन खबरों के बारे में बात करें जो अखबारों में और दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर नहीं छापी गई है या इस तरह छापी गई है कि उस पर बहुत चर्चा नहीं हो। आज ऐसी ही दो खबरें हैं जिनके बारे में कहा जा सकता है कि अखबारों ने उनको दबा दिया है। यह दोनों खबरें सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं और ऐसा समझा जाता है कि सरकार नहीं चाहती कि अखबारों में कोई ऐसी खबर छपी जिससे उसकी छवि बिगड़े। यह दोनों खबरें केंद्रीय मंत्रियों से जुड़ी हुई हैं लेकिन ऑपरेशन सिंदूर का मामला ज्यादा गंभीर और संवेदनशील लगता है क्योंकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वह बयान साझा किया गया है जिसमें उन्होंने साफ तौर पर भारतीय सेना को किसी जानी नुकसान से इनकार किया था। इस मामले में रक्षा मंत्रालय ने जो बयान जारी किया है उसे भी देखा जाना चाहिए लेकिन उससे ऐसा कहीं नहीं लगता कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उस समय जो संदेश देना चाहा था, वह सत्य पर आधारित था क्योंकि अब यह बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के 6 जवानों ने अपनी जवान गंवाई थी। राजनाथ सिंह एक गंभीर राजनेता माने जाते हैं लेकिन उनकी सभी मजबूरी के बावजूद इस तरह का बयान भारत की रक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। दूसरी तरफ अपने ही मंत्रालय से 99 लाख रुपये की सब्सिडी लेने वाले मंत्री का मामला है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने न सिर्फ 99 लाख रुपए की सब्सिडी ली बल्कि उनकी दलील है कि उन्होंने ऐसा बिल्कुल स्वच्छ तरीके से किया है। यह तो जांच का विषय है कि इस सब्सिडी के मामले में वह कितने स्वच्छ हैं लेकिन यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि क्या इतनी बड़ी राशि भी सब्सिडी के रूप में दी जा सकती है जबकि यह ज़रूरतमंद किसानों की मदद के लिए उठाया गया कदम माना जाता है। दूसरे रूप में यह भी कहा जा सकता है कि भारत की आम जनता के पैसे से मिलने वाली सब्सिडी क्या एक मंत्री को लेनी चाहिए? 

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