छ्पी-अनछपी: भरत तिवारी एनकाउंटर में मर्डर की एफआईआर, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोला गया

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भोजपुर के एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मां के आवेदन पर पुलिस वालों के खिलाफ शाहपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज पूरी तरह खुल गया है। 

और, जानिएगा कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य 

पहली ख़बर

प्रभात ख़बर के अनुसार भोजपुर के शाहपुर थाने के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. मृत भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर पुलिस वालों के खिलाफ घटना के छठे दिन मंगलवार को शाहपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी (कांड संख्या 178/26) दर्ज की गयी. इसमें जगदीशपुर के एसडीपीओ राजेश शर्मा और शाहपुर के निलंबित थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश मालाकार को नामजद किया गया है. वहीं, अन्य पुलिसकर्मियों को भी आरोपित किया गया है. पुलिसकर्मियों पर जवइनिया के कटाव पीड़ितों की समस्या जानने के बहाने ले जाकर एसडीपीओ के आदेश पर भरत भूषण तिवारी की गोली मार कर हत्या करने का आरोप लगाया गया है. इंस्पेक्टर संजीव कुमार को इस कांड का आइओ बनाया गया है. एसपी मिस्टर राज ने प्राथमिकी दर्ज करने की जानकारी दी है. 17 जून को भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद 18 जून को शव पहुंचने पर मां ने पुलिसकर्मियों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था. इसके बाद थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया था. 

होर्मुज पूरी तरह खुला

हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज पूरी तरह खुल गया है। पहली बार एक दिन में 35 पोत पार हुए जिनमें से 11 पोत भारत आ रहे हैं। इनमें कच्चा तेल, एलपीजी, उर्वरक और अन्य सामान है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने मंगलवार को बताया कि समझौते के बाद जो 11 पोत भारत के लिए निकले हैं, उनमें तीन भारत के झंडे वाले हैं जो कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं। बाकी सभी विदेशी ध्वज वाले पोत हैं। उन्होंने बताया कि होर्मुज में अभी दस और भारतीय ध्वज वाले पोत अटके हुए हैं जो जल्द ही इस जलमार्ग को पार कर लेंगे। समुद्री मार्ग में पोतों की निगरानी करने वाली निजी संस्था कैप्लर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद पहली बार 35 पोत इस जलमार्ग से गुजरे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य दिनों में यहां से औसतन 120 पोत गुजरते थे। 19 से 21 जून के बीच 71 पोत गुजर चुके हैं। 

विदेशी चंदे से धर्मांतरण पर केंद्र सरकार की सख्ती

गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत विदेशी धन लेने और उसके उपयोग से जुड़े नियम अधिक सख्त कर दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, विदेशी चंदे का उपयोग धर्मांतरण कराने के लिए नहीं किया जा सकेगा। साथ ही मंदिर और मस्जिद समेत अन्य धार्मिकस्थलों का निर्माण-रखरखाव, धार्मिक पुस्तकों का संरक्षण विदेशी चंदे से नहीं हो सकेगा। वहीं, किसी संस्था को विदेशी चंदे की अगली किस्त तभी मिलेगी, जब वह पहले मिली राशि का कम से कम 75% खर्च कर चुकी होगी। कोई एनजीओ तय सीमा से अधिक विदेशी धन खर्च करता है तो उस पर कम से कम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अब एनजीओ को आवेदन करते समय यह बताना होगा कि वे किस उद्देश्य के लिए विदेशी धन लेना चाहते हैं और किन राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में काम करेंगे। उन्हें सरकार द्वारा तय सूची में से ही कार्यक्षेत्र-उद्देश्य चुनने होंगे। एनजीओ को अपने सोशल मीडिया खातों की जानकारी देनी होगी, ताकि गतिविधियों की निगरानी की जा सके।

नीट यूजी:30 आरोपितों को जेल भेजा गया

लखीसराय से जागरण की ख़बर है कि नीट यूजी पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार सभी 30 आरोपितों को सोमवार की देर शाम मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में लखीसराय मंडल कारा भेज दिया गया। जेल भेजे गए आरोपितों में 12 मेडिकल छात्र, एक मूल परीक्षार्थी तथा 17 बायोमीट्रिक कर्मी शामिल हैं। अब पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) इस संगठित नेटवर्क के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड, सेटर और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपितों को जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य 

जागरण के अनुसार बिहार में अब एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन किया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में आयोजित बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया। मुख्य सचिवालय में हुई बैठक में परिवहन, गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  (एनएचएआइ) के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और सड़क दुर्घटनाओं संस्थानों की स्वीकृति दी जा चुकी है। में कमी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में वर्तमान में 41 निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं, जबकि कुल 66 प्रशिक्षण संस्थाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 25 संस्थान बन रहे हैं। 

कुछ और सुर्खियां:

  • बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं जान स्वराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर
  • हाजीपुर के पास बेलसर थाना क्षेत्र के जारंग में स्वर्ण व्यवसाय से 12 लाख रुपए मूल्य के सोने चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन की लूट
  • केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा सीयूईटी यूजी का रिजल्ट निकला
  • बिहार में शिक्षकों को अच्छी तबादले के लिए 30 विकल्प मिलेंगे
  • हफ्ते भर प्रतिबंध के बाद टेलीग्राम की सेवा बहाल की गई

अनछपी: बिहार में आज के ज़माने में भी बेटी पैदा करने की वजह से महिलाओं को सताए जाने की घटनाएं होती रहती हैं लेकिन समाज और सरकार की इसे रोकने में कोशिशें बहुत कमजोर साबित हो रही हैं। पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड की लोहियरिया पंचायत के भंगहा से ऐसी ही दर्दनाक ख़बर सामने आई है। खबरों में बताया गया है कि इस गांव में बेटी का जन्म होने पर पांच माह से पति-पत्नी में चल रहा विवाद तीन बच्चों की मौत का कारण बन गया। इस मामले में झगड़े के बाद पति ने पत्नी और तीन बच्चों को नहर में फेंक दिया। इनमें छह वर्ष व पांच माह की दो बच्चियों और चार वर्ष के एक बच्चे की मौत हो गई। गांव वालों ने बताया कि पत्नी जैसे-तैसे निकलकर मायके पहुंची। इस तरह न केवल एक और महिला बेटी पैदा करने की वजह से इस दुनिया की जानलेवा अत्याचार का शिकार हुई बल्कि एक पूरा परिवार तबाह हो गया। मासूम बच्चों की जान गई और आरोपित रामबाबू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार राजमिस्त्री का काम करनेवाले रामबाबू यादव की पत्नी ललिता देवी ने पांच माह पूर्व दूसरी बेटी को जन्म दिया था। पति की चाहत दूसरे बेटे की थी। बेटी होने पर उसे प्रताड़ित और मारपीट करता था। पीड़िता ललिता के भाई, मझौलिया थाना क्षेत्र के बीरवा गांव निवासी सुदामा यादव ने बताया कि विवाद के बाद उनकी बहन नाराज होकर मायके जाने की बात कहने लगी तो जीजा और नाराज हो गया। गुस्से में वह तीनों बच्चों और ललिता को जबरन लेकर घर से करीब डेढ़ किमी दूर तिरहुत नहर के पास पहुंचा। सुनसान जगह देखकर उसने पत्नी और बच्चों को नहर में फेंक दिया। इस घटना की खबर छप गई और आरोपित की गिरफ्तारी भी हो गई लेकिन ऐसी घटनाएं फिर न हों, इसके लिए क्या किया गया?  समाज और सरकार को इसके बारे में सोचने का मौका कब मिलेगा? 

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