बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। डेहरी- डालमियानगर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के विरोध में राज्यभर के नगर निकायों में कार्यरत ईओ आज से बेमियादी हड़ताल करने वाले हैं। बिहार में लंबे अरसे के बाद नौ हजार से अधिक परमानेंट असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की वैकेंसी निकलेगी। चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हंगामा के बाद संसद की कार्यवाही ठप हुई।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार डेहरी-डालमियानगर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) डॉ. विमल कुमार की हत्या के विरोध में राज्यभर के नगर निकायों में कार्यरत ईओ बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। बिहार नगर सेवा संघ (बीयूएसए) के 78 अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह पत्र जारी हुआ है। मंगलवार को दानापुर स्थित दिवंगत अफसर के आवास पर श्रद्धांजलि सभा में इसका ऐलान किया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने तक काम बंद रखने की चेतावनी दी है। ईओ सुशील कुमार व पंकज कुमार ने घटना की जांच हाईकोर्ट के जज के नेतृत्व में कराने की मांग की।
मारे गए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के शरीर पर चोट के गंभीर निशान मिले
हिन्दुस्तान के अनुसार डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की भयावहता को उजागर किया है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में उनके शरीर पर कठोर और कुंद वस्तु से कई गंभीर चोटें पहुंचाए जाने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, विमल कुमार की मौत दम घुटने (एस्फिक्सिया) और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुए हेमरेजिक शॉक से हुई। मंगलवार को मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने जांच की गति और तेज कर दी है। विधायक सोनू सिंह पर तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस वार्ता कर ईओ हत्याकांड में सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजी और डिहरी से लोजपा आर विधायक सोनू सिंह की साठगांठ से असली आरोपी को बचाया जा रहा है और ड्राइवर से दबाव में बयान दिलवाया गया है। तेजस्वी ने विधायक पर एफआईआर दर्ज करने, पीड़ित परिवार व अधिकारियों को सुरक्षा देने और दिवंगत की पत्नी को नौकरी देने की मांग की।
ड्राइवर की पत्नी बोलीं: दबाव में दिलवाया बयान
प्रभात ख़बर के अनुसार रोहतास जिले के डेहरी- डालमियानगर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपित चालक मिथिलेश कुमार और उसकी पत्नी आरती देवी के विरोधाभासी बयानों ने हत्याकांड की गुत्थी को और उलझा दिया है. एक तरफ पुलिस हिरासत में आरोपित चालक का कबूलनामे वाला वीडियो सामने आया है, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पति को निर्दोष बताया है. आरती देवी का कहना है कि उनके पति बिल्कुल निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. कस्टडी में मिलने पर उनके पति ने हत्या नकार किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने टॉर्चर और मारपीट कर दबाव में उनके पति से झूठा बयान दिलवाया.
नगर आयुक्तों को मिलेगा आर्म्स लाइसेंस
जागरण के अनुसार रोहतास के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद बिहार सरकार ने नगर निकायों के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, जिला दंडाधिकारियों तथा वरीय पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर नगर आयुक्तों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शस्त्र अनुज्ञप्ति (आर्म्स लाइसेंस) देने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही आवश्यकता के अनुसार सशस्त्र गृहरक्षकों की तैनाती करने को भी कहा है। विशेष सचिव शाहिद परवेज की ओर से तीन अगस्त को जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई नगर आयुक्त या नगर कार्यपालक पदाधिकारी अपनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करता है तो उसका त्वरित निष्पादन किया जाए।
नौ हजार परमानेंट असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की वैकेंसी
प्रभात ख़बर बिहार के विश्वविद्यालयों में स्थायी सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया सितंबर से ही शुरू होने वाली है. राज्य सरकार विश्वविद्यालयों में नौ हजार से अधिक सहायक प्राध्यापकों के पदों पर स्थायी बहाली की तैयारी में जुटी है. सभी राज्य विश्वविद्यालयों ने शिक्षा विभाग को रिक्त पदों का ब्योरा उपलब्ध करा दिया गया है. कई विश्वविद्यालयों ने आरक्षण रोस्टर के अनुसार रिक्तियां भेज दी हैं, जबकि जिन विश्वविद्यालयों से अब तक प्रस्ताव नहीं मिला है, उन्हें शीघ्र रिक्तियां भेजने को कहा गया है. सभी विश्वविद्यालयों से अंतिम आंकड़े मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इस बार नियुक्ति लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगी. चयन प्रक्रिया का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इसे राजभवन से भी मंजूरी मिल चुकी है.
पेपर लीक और रोजगार को लेकर पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
जागरण के अनुसार संवाददाता पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा व्यवस्थ्य में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी में छात्र संगठनों का प्रदर्शन उग्र हो गया। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआइ) के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों से आए हजारों छात्र-युवा गांधी मैदान स्थित रामगुलाम चौक से जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और आयकर गोलंबर पर कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की व झड़प हुई। बैरिकेडिंग तोड़कर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। हंगामे के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई नेताओं और छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। छात्रों के हाथों में एनटीए को खत्म करो, पेपर लीक बंद करो से जुड़े पोस्टर व तख्तियां थीं।
चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हंगामा के बाद संसद की कार्यवाही ठप
हिन्दुस्तान के अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। हालांकि, लोकसभा ने हंगामे के बीच विनियोग विधेयक, 2026 और राज्यसभा ने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। लोकसभा की सुबह 11 बजे बैठक शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य हंगामा करनेलगे। वे चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे।
कुछ और सुर्खियां:
- असम के नगांव जिले में सीआरपीएफ जवान ने दो जवानों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मारी
- शेखपुरा में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र मेस के भोजन की गुणवत्ता के विरुद्ध अनशन पर बैठे
- ई-20 पेट्रोल के विरोध में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च पर निकले तो पुलिस ने रोका
- थाईलैंड के फुकेट से 134 यात्रियों को दिल्ली लेकर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट टर्बूलेंस में फंसी, 300 फीट नीचे आई, 17 जख्मी
- सरकार ने डाबर के 100 फ़ीसदी शुद्धता के दावे को भ्रामक बताया, डाबर शहद तेल समेत कई सामान की बिक्री पर रोक
- बेउर जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुधीर कुमार शर्मा को शो कॉज नोटिस
- भोजपुर जिले के पुराने कोईलवर पल के पास ट्रक से चकमा खाकर सवारी से भरा ऑटोरिक्शा दीवार से टकराया, दो लोगों की मौत
अनछपी: साइबर क्राइम की दुनिया में पासवर्ड की चोरी बेहद आम समस्या है लेकिन क्या यह मंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी के बीच गंभीर आरोपों की वजह बन सकता है? इस बात पर बहुत कम लोगों को यकीन होगा लेकिन हकीकत यह है कि बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी के मामले में ऐसा ही हुआ है। मामला इतना गंभीर है कि यह थाने तक पहुंच चुका है। खबरों में बताया गया है कि अशोक चौधरी के आप्त सचिव रक्षित कश्यप ने साइबर थाने में आवेदन देकर मंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल और जीमेल अकाउंट के एक्सेस के बदले फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कहानी यह है कि मंत्री के पूर्व निजी सहायक के पास एक्स हैंडल के अकाउंट और जीमेल का एक्सेस है। अब आरोप यह लगा है कि इसका एक्सेस वापस देने के बदले फिरौती की मांग की जा रही है। इसके अलावा वॉइस नोट भेजकर गोली मारने और किसी भी हद तक जाने की धमकी देने की शिकायत की गई है। इससे पहले भी चार जुलाई को भी इसी मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि कार्यालय से अलग होने के बाद भी ईमेल और अकाउंट का एक्सेस नहीं दिया जा रहा है, बल्कि इसके बदले पैसों की मांग। अब साइबर पुलिस का यह कहना है कि इस मामले में पहले से ही एफआईआर दर्ज है। कुल मिलाकर इस कहानी का सबक यह है कि आप आम इंसान हों या किसी प्रदेश के सरकारी मंत्री अपना पासवर्ड किसी को ऐसे ना दें कि वह आपको बाद में ब्लैकमेल करे।
35 total views