बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पीएमसीएच में नर्सों की हड़ताल खत्म होने के अगले ही दिन जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल हो रही है। भारी विरोध के बाद बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाने का प्रस्ताव बदलते हुए प्राइवेट गाड़ियों को छूट दी है।
और, जानिएगा कि भारत की पेट्रोल/डीज़ल कंपनियां तो एक लीटर पर ₹10-11 कमा रहीं लेकिन आम लोगों को राहत नहीं।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पीएमसीएच में मंगलवार को नर्सों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल रहीं। सुबह 10 बजे से शुरू हुए कार्य बहिष्कार के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को न तो समय पर दवाएं मिलीं और न ही इंजेक्शन लग सके। आपरेशन थिएटर में काम ठप होने से 110 निर्धारित सर्जरी में से 56 बड़े आपरेशन टालने पड़े जबकि 54 को अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से किया गया। उपचार में देरी व दर्द से कराहते मरीजों के बीच इमरजेंसी, आपरेशन थिएटर, वार्ड से लेकर आइसीयू तक में इलाज थम गया। हड़ताल की वजह सोमवार को स्टाफ नर्स लक्ष्मी कुमारी व उनके पुत्र शिवम के साथ कथित मारपीट रही। नर्सों का आरोप है कि लक्ष्मी के पति की इलाज में लापरवाही से मौत के बाद विरोध करने पर कुछ डाक्टरों ने मारपीट की। दोषी डाक्टरों पर प्राथमिकी व कार्रवाई की मांग को लेकर पीएमसीएच नर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सभी नर्सों ने कार्य बहिष्कार किया। हालांकि अधीक्षक डॉक्टर राजीव कुमार सिंह द्वारा जांच टीम गठित करने व स्वास्थ्य विभाग के कार्यवाही के आश्वासन के बाद शाम 6:00 बजे नर्सें काम पर लौट आईं।
आज जूनियर डॉक्टर ओपीडी बंद कराएंगे
मारपीट मामले की जांच को कमेटी गठित होने व कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर नर्सों ने तो अपनी हड़ताल खत्म कर दी, लेकिन अब जूनियर डाक्टरों में आक्रोश है। उन्होंने बुधवार सुबह ओपीडी सेवा बंद कराने की घोषणा की है। इसके साथ वे वार्ड व ओटी सेवा का भी बहिष्कार करेंगे। जूनियर डाक्टरों ने अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने, स्टाइपेंड बढ़ाने, मारपीट आदि मुद्दों को लेकर हड़ताल की घोषण की है। पीएमसीएच जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के अध्यक्ष डा. सत्यम कुमार ने बताया कि इमरजेंसी छोड़ सभी सेवाएं बुधवार को बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों पर बढ़ती हिंसा एवं अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक एवं आधारभूत संरचना की विफलताओं का दायित्व चिकित्सकों पर थोपने, आइसीयू में बेड की कमी, मरीजों के परिवहन के लिए ट्रालियों की कमी, पर्याप्त एंबुलेंस व शव वाहन का अभाव और अनेक आवश्यक जांच नहीं होने से हो रही परेशानी के विरोध में हडताल की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री से बोले मरीज- नहीं मिलती दवा
पटना के राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) हड्डी अस्पताल का मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत औचक निरीक्षण किया। वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी, रसोई, पैथोलाजी, नए भवन से पुरुष शौचालय तक का निरीक्षण किया और पसरी गंदगी पर नाराजगी जताई। कई मरीजों ने शिकायत की कि अस्पताल में दवाएं नहीं मिलतीं, महंगी दवाएं बाहर से लानी पड़ती हैं। कहीं अस्पताल में जांच की सुविधा होने के बावजूद उन्हें डाक्टर कक्ष में बैठे लोग निजी पैथोलाजी से जांच कराने के लिए कहते हैं। कई डाक्टर वार्ड में देखने नहीं आते हैं। निरीक्षण के क्रम में डा. राकेश कुमार रोशन जिनकी दो बजे से ड्यूटी थी वे तीन बजे तक नहीं पहुंचे थे। फोन पर बात करने पर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो स्पष्टीकरण मांगा गया। प्रिस्क्रिप्शन में बाहर से जांच कराने को लिखने वाले न्यूरो के डा. श्याम किशोर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। मंत्री ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर व अन्य पैथोलाजी जांच में देरी पर भी चिंता जताई और 24 घंटे पैथोलाजी संचालित करने का निर्देश दिया।
टोल टैक्स लगाने का प्रस्ताव बदलते हुए प्राइवेट गाड़ियों को छूट
प्रभात ख़बर के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. निजी वाहनों पर किसी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगेगा, केवल व्यावसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि अपराध और घुसपैठ के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी. सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 735 किमी लंबी सीमा पर 194 बीओपी स्थापित किये गये हैं. मुख्यमंत्री ने ये बातें मंगलवार को अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हरिपुर पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित सहयोग शिविर में कहीं.
बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अभिषेक को बनाया उम्मीदवार
भास्कर के अनुसार भाजपा ने मंगलवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार को उम्मीदवार घोषित किया। वह भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने उनके नाम की घोषणा की। भाजपा ने अभिषेक को उम्मीदवार बना चौंका दिया है। बांकीपुर से टिकट के लिए करीब एक दर्जन नेताओं ने बायोडाटा जमा किया था। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अभिषेक कुमार के नाम पर सहमति बनाई। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सिटिंग सीट रही है। 30 मार्च को नितिन नवीन ने विधायक पद से इस्तीफा दिया था।
पेट्रोल-डीज़ल कंपनियां कमा रहीं एक लीटर पर ₹11
भास्कर के अनुसार अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम अब 6 माह के निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 68.69 डॉलर/बैरल तक आ गया है। यह युद्ध के दौरान बने 157 डॉलर के शिखर से करीब 56% कम है। इसके बावजूद आम आदमी को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कोई राहत नहीं मिली है। डीएएम कैपिटल के मुताबिक मौजूदा कीमत पर तेल कंपनियां पेट्रोल पर 10.5 और डीजल पर 11 रुपए प्रति लीटर तक मार्जिन कमा रही हैं। कच्चे तेल के दाम 1 जून के बाद से 87 डॉलर से नीचे हैं। इस रेट पर तेल कंपनियां ब्रेक ईवन (न नफा, न नुकसान) में रहती हैं। यानी कंपनियां पूरे 36 दिन से मुनाफे में ही हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- दहेज के लिए प्रताड़ित कर पत्नी की हत्या के आरोप में दरभंगा जिले के जाले के बीडीओ मनोज कुमार गिरफ्तार
- अहमदाबाद बम धमाकों में 38 को मौत की सजा देने का निचली अदालत का फैसला हाई कोर्ट में भी बरकरार, 2008 में 21 सीरियल ब्लास्ट में 56 लोगों की मौत हुई थी
- पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बंदूकधारियों के हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत, कई लापता
- समस्तीपुर के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर दरियापार गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो अधेड़ की हत्या
- केरम के वायनाड जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की
- तीसरी टी20 मैच में इंग्लैंड ने भारत को 125 रनों से रौंदा, पूरी भारतीय टीम 76 रन पर ही ढेर हुई
- कतर से गुजरात आ रहे इंग भरे पोर्ट पर होर्मुज स्ट्रेट में ड्रोन हमला
अनछपी: बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाने के फैसले का जब भारी विरोध हुआ तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस बात के लिए मजबूर हुए कि वह ऐलान करें कि इसमें प्राइवेट गाड़ियों को छूट दी जाएगी। इस ऐलान को राहत बताया गया लेकिन यह वैसा ही है जैसे कोई राजा यह कहे कि वह प्रजा के दोनों हाथ काटेगा और बाद में कहे कि नहीं नहीं वह एक ही हाथ काटेगा। इस मामले में आगे टिप्पणी करने से पहले याद दिलाना जरूरी होगा कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी भूमिका बिल्कुल सही तरीके से नहीं निभाई है और जिस आक्रामक तरीके से इसका विरोध किया जाना चाहिए वह देखने को नहीं मिला है। असल बात यह है कि बिहार में अब तक एनएच पर टोल टैक्स लगता था लेकिन अब सरकार स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स लगाएगी। याद रहे कि लोग पहले से ही रोड टैक्स देते हैं उसे पर एनएच पर टोल टैक्स लगता है और अब एसएच पर भी टोल टैक्स लगेगा। यह टोल टैक्स कमर्शियल गाड़ियों पर ही लगाई जा रही है तो भी क्या यह आम लोगों की जेब पर यह बोझ नहीं बनेगा? क्या बस और ट्रक वाले या जो लोग गाड़ी बुक कर कहीं सफर करते हैं वैसे गाड़ी वाले सवारी से टोल टैक्स का पैसा नहीं वसूलेंगे? बिहार के आम लोगों को यह बात समझनी होगी कि दरअसल मुफ्त की रेवड़ी बांटने के चक्कर में बिहार सरकार ने पिछले कुछ महीनो में जो पैसे खर्च किए हैं उसकी वजह से उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह अब उससे निजात पाने के लिए इस तरह का टैक्स लगा रही है। इन हालात में जो प्रशासनिक अधिकारी हैं वह इस तरह का प्रस्ताव लेकर आते हैं तो जाहिर है उनकी जेब पर भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। बिहार में अगर विपक्ष मजबूत होता तो सरकार इस वक़्त बैकफुट पर खड़ी होती लेकिन इसके बदले वह राहत देने का एहसास दिलाने में कामयाब दिख रही है।
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