बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नेपाल में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी वजह से बिहार में भी अलर्ट घोषित किया गया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आत्मकथा को छापने से उसके प्रकाशक ने इनकार कर दिया और यह माना जा रहा है कि ऐसा सरकार के सेंसर के कारण हुआ है।
और जानिएगा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों से इंटरव्यू के बाद कैसे पाक क्रिकेट बोर्ड ने तेवर दिखाया और फिर नरम पड़ गया।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार कुदरत के कहर से जूझ रहे नेपाल पर शुक्रवार को खतरा तब और बढ़ गया, जब तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनी एक और झील फट गई। शुक्रवार को झील के ठीक ऊपर बर्फ से ढके पहाड़ पर हिमस्खलन के बाद करीब 4000 फीट की ऊंचाई से बर्फ और चट्टानों का लगभग 50 हजार घन मीटर मलबा सीधा झील में गिरा। इससे झील टूट गई और पानी-मलबा तेजी से निचले इलाकों की ओर बहने लगा है। नदियों का जलस्तर और बहाव तेज होने से नेपाल में एक बार फिर जल प्रलय का खतरा बढ़ गया। इधर, झील टूटने से भीषण बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट है। विशेषकर गंडक के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सारण तटबंध सहित सभी महत्वपूर्ण तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। संभावित खतरों से निपटने को वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 गेटों को खोल दिए गए हैं।
584 लोगों की मौत, 320 भारतीय लापता
बुधवार को आए सैलाब के बाद तिब्बत और नेपाल दोनों देशों में अब तक 584 लोगों की मौतों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पांच की मौत तिब्बत में, जबकि 579 की जान नेपाल में गई। वहीं, 86 सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 1924 लोग लापता हैं। 85 भारतीय समेत 121 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। अब भी भारत के कम से कम 320 लोग लापता हैं।
लहरों में बहकर आ रहे शव और सामान
जागरण के अनुसार नेपाल के रसुवा से
निकली विनाशकारी बाढ़ की तबाही के निशान अब भी नारायणी की धाराओं पर लगातार बहते हुए बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर तक पहुंच रहे हैं। नदी का पानी भले ही घटने लगा हो लेकिन उसके साथ बहकर आने वाली त्रासदी की तस्वीरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मलबे, लकड़ियों और उजड़े घरों के सामान के बीच शवों के मिलने का सिलसिला भी जारी है। शुक्रवार को नारायणी में तमकुहीराज के एपी बांध के समीप दो व खड्डा के भैसहां घाट के समीप एक शव मिला। तीनों शव पुरुष के थे। गुरुवार को मिले तीन शवों में दो महिला व एक पुरुष का था।
पेंगुइन इंडिया ने सोनिया गांधी की आत्मकथा प्रकाशित करने से इनकार किया
जागरण के अनुसार कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब ‘बिलाँगिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ के भारत में प्रकाशन को लेकर असमंजस गहरा गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआइ) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह इस संस्मरण का भारत में प्रकाशन नहीं कर रहा है। यह बयान उसके अमेरिकी सहयोगी प्रकाशन संस्थान अल्फ्रेड ए, नौफ के 18 अगस्त के उस एलान के कुछ सप्ताह बाद आया है, जिसमें किताब को 10 नवंबर को जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी। पीआरएचआई ने कहा कि वह भारत में ‘बिलाँगिंग’ का प्रकाशक नहीं है। साथ ही, यह धारणा भी सही नहीं है कि उसके द्वारा सुझाए गए संपादकीय बदलावों को लेखिका द्वारा स्वीकार करने से इन्कार कें कारण किताब प्रकाशित करने का फैसला बदला है। प्रकाशक ने कहा कि वह किताब के प्रकाशन को लेकर इच्छुक और गंभीर था। लेखकों की पांडुलिपियों का तथ्य जांच करना और जरूरी सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। एएनआइ के अनुसार, प्रकाशक ने कहा कि लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेगा। हालांकि भारत में किताब के वितरण की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। काग्रेस सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी की किताब में आरएसएस, चीन सीमा विवाद और मोदी सरकार की कार्यशैली से जुड़े तीन संवेदनशील मुद्दे विवाद की जड़ माने जा रहे है।
गोपालगंज में महावीर अखाड़ा के दौरान युवक के मुंह में पिस्टल घुसा मारी गोली
गोपालगंज के पुरानी चौक के समीप शुक्रवार सुबह महावीरी अखाड़ा जुलूस के दौरान एक युवक के मुंह में पिस्टल डालकर गोली मार दी गई। गोली सिर में फंस गई और युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आनन-फानन में युवक को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सदर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई और पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मृतक की पहचान शहर के पुरानी चौक निवासी शिव जी प्रसाद के पुत्र विकास कुमार के रूप में हुई है।
इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड गुस्साया
जागरण के अनुसार इंग्लैंड-पाकिस्तान के बीच चल रहे लार्ड्स टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्काई स्पोर्ट्स के एक फैसले से गुस्सा होकर लंच के बाद अपने क्रिकेटरों को मैदान पर ना भेजने के विकल्प पर विचार किया था। दरअसल स्काई स्पोर्ट्स ने इस टेस्ट के लंच के समय अपने प्रसारण में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान का इंटरव्यू चलाया था और इस बात से पीसीबी ने कड़ी नाराजगी जताई। इस मामले में संपर्क किए जाने पर पीसीबी ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया लेकिन इस मामले से परिचित एक सूत्र ने कहा कि पीसीबी ने इस मसले पर एक स्काई स्पोर्ट्स को एक औपचारिक शिकायत भेजी थी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक एथरटन द्वारा लिए गए इस 18 मिनट के इंटरव्यू में इमरान के दोनों पुत्रों ने जेल में बंद अपने 73 वर्षीय पिता की सलामती को लेकर चिंता जाहिर की थी।
कुछ और सुर्खियां:
- प्रसिद्ध कवि-गीतकार और बिहार गीत ‘मेरे भारत के कंठहार’ के रचयिता सत्यनारायण का 92 वर्ष में निधन
- छत्तीसगढ़ के चकरभाटा एयरपोर्ट पर एलायन्स एयर के विमान का टायर फटा, 41 लोग बाल-बाल बचे
- पटना के मीठापुर से सिपारा तक 2.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के चालू होने से गया तक का सफर और आसान
- रांची से पटना आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस हजारीबाग के चरही स्टेशन के पास ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई , 40 मिनट तक रुकी रही
- भागलपुर के पीरपैंती में डूबने से तीन बहनों की गई जान
अनछपी: दुनिया में भूकंप और बाढ़ तबाही के दो बड़े कारण माने जाते हैं लेकिन नेपाल में हाल में आई बाढ़ ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अच्छे भले इंसान की भी मौत कब किस बहाने हो जाए इसका कोई पता नहीं लगा सकता। एक बीमार आदमी के बारे में यह तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी सेहत कितनी खराब है और उसका जीना कितना मुश्किल है और शायद यह भी मालूम हो सकता हो कि वह कितने दिनों तक जिएगा लेकिन चलते फिरते शहर के हंसते खेलते इंसान की जान भी कब कैसे चली जाएगी इसका अंदाजा पक्के तौर पर कोई नहीं लगा सकता। शायद इसीलिए कहा जाता है कि हर इंसान को हर दिन को अपना आखिरी दिन मानना चाहिए लेकिन यह कहना आसान है, इस पर कम ही लोग यकीन करते हैं। बाढ़ का एक रूप तो वह होता है जिसमें आमतौर पर यह अंदाजा लगाया जाता है की नदियों में पानी कितना बढ़ रहा है और कैसे कोई बांध टूट सकता है लेकिन आधे घंटे के अंदर बिल्कुल अनजान तरीके से पानी का एक महारेला आएगा और शहर के शहर को बहा ले जाएगा, इसका अंदाजा नेपाल में शायद ही किसी को रहा होगा। नेपाल की इस भयावह त्रासदी में नेपाल के अलावा भारत, चीन, अमेरिका और दूसरे देशों के लोग भी फंसे हुए हैं। इनमें से कुछ लोगों को तो बचाया गया है लेकिन अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं। कहने को तो लोग यह भी कह रहे हैं कि यह जलवायु परिवर्तन का असर है और कुछ लोग इसके लिए चीन को भी जिम्मेदार बता रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि आपदा पहले भी आती रही है और कुदरती आफत से बचने के लिए इंसान की कोशिश कई बार पूरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है। जलवायु परिवर्तन के खतरों को टालने की कोशिश भी जरूरी है लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि कई बार ऐसी आपदाओं को रोकना नामुमकिन होता है।
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