छपी-अनछपी: चीनी के बहाने 36 हज़ार करोड़ का घोटाला? बिहार में खतरा टला लेकिन नेपाल तबाह

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि भारत में चीनी को महंगा कर 36,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया जा रहा है। भारी बाढ़ का खतरा फिलहाल बिहार से तो टल गया है लेकिन नेपाल में भारी तबाही हुई है। शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 में अब पीटी-मेंस नहीं बल्कि एक ही परीक्षा होगी। बिहार में महिला विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान किया गया है।

और, रोसड़ा की डीएसएलआर ने घूस में मांगे थे दो लाख और वाशिंग मशीन, निगरानी विभाग ने किया गिरफ्तार।

पहली ख़बर

जागरण के अनुसार कांग्रेस ने चीनी की महंगाई के लिए सरकार की सुस्ती एवं ई-20 नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए जमाखारों व कालाबाजारियों को बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। पार्टी का यह भी आरोप है कि चीनी को महंगा कर 36,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया जा रहा है और त्योहारों के इस मौसम में यह लूट जनता की जेब से होगी। कांग्रेस ने कहा कि चीनी खपत की आपूर्ति सुनिश्चित किए बिना चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए गन्ने के घटते उत्पादन के बावजूद उसका बड़ा हिस्सा एथनाल में दिया गया। पार्टी ने पीडीएस के जरिये प्रत्येक परिवार के हर सदस्य को सब्सिडी बाली दरों पर 500 ग्राम चीनी प्रति माह देने की 2017 में बंद हुई योजना फिर शुरू करने की मांग की। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन ने 2025-26 में देश में 275 लाख मीट्रिक टन चीनी उत्पादन का आंकड़ा 30 अप्रैल को ही रख दिया था जो सरकार के 343 लाख मीट्रिक टन के उत्पादन की उम्मीद से कम था। यानि सरकार को चीनी की कमी के बारे में अप्रैल से ही मालूम था और फिर भी सरकार चुप रही।

बाढ़: बिहार से खतरा टला लेकिन नेपाल में भारी तबाही

हिन्दुस्तान के अनुसार नेपाल में जलप्रलय से बिहार में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। बुधवार की रात गंडक नदी के जलप्रवाह में बढ़ोतरी के बाद गुरुवार को इसमें कमी शुरू हो गयी है। वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार की रात 12 बजे गंडक का जलस्राव 99800 क्यूसेक रहा, जो बुधवार की रात 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक पर पहुंचा था। हालांकि, एहतियात के तौर पर गंडक से प्रभावित सभी आठ जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया है। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि गंडक के जल प्रवाह की स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।

20 मीटर ऊपर ग्लेशियर टूटने से आई तबाही

जागरण के अनुसार नेपाल में बुधवार को तिब्बत-नेपाल सीमा से 20 किमी ऊपर ग्लेशियर टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी। तिब्बत से शुरू हुई आपदा ने देखते ही देखते रसुवा, धादिंग, नुवाकोट, गोरखा, तनहुँ, नवलपरासी और चितवन समेत तमाम निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए गुरुवार को राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया। रायटर के अनुसार, आपदा में नेपाल और चीन के मिलाकर 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब तक 392 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। दर्जनों शव पानी के साथ बहकर मैदानी इलाकों तक पहुंच गए हैं। अस्पतालों में शव रखने की जगह कम पड़ने के बाद कई शवों को तंबुओं में रखा गया है। वहीं, 1592 लोग बचाए गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक नेपाल से 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 227 की तलाश जारी है। इनमें से अधिकांश कैलास मानसरोवर तीर्थयात्री हैं। बचाए गए लोगों में त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। वहीं, चीन सीमा में भी 200 से अधिक भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्होंने मदद मांगी है।

देखते-देखते बह गए बाजार और बस्ती

नेपाल में बुधवार को हुई तबाही को याद कर इससे प्रभावित लोग अब भी सिहर उठते हैं। उनका कहना है-यह समझना नामुमकिन था कि क्या हो रहा है। हमारी आंखों के सामने ही बाजार और बस्ती तबाह हो गए। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कीचड़ और पानी की कई फीट ऊंची लहरों में इमारतें, लोग और जानवर बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। जब बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचा, तब पता चला कि कितने बड़े पैमाने पर तबाही आई थी। बच गए लोगों को बाढ़ की याद डराती है। उन्हें लगता है कि एक पल उनकी जिंदगी सामान्य थी। अगले ही पल दुनिया बर्बाद हो गई। रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बाढ़ में सब कुछ बह जाने के बाद गिरिलाल के पास अब सिर्फ पत्नी और चार बच्चों की यादें ही बची हैं। 38 साल के गिरिलाल भी उसे आपदा की चपेट में आ गए थे जो इतनी तेजी से आई कि कई लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। इस बाढ़ ने पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों समेत गिरिलाल का पूरा परिवार छीन लिया।

डेढ़ सौ किलोमीटर का डेथ कॉरिडोर

प्रभात खबर के अनुसार तिब्बत में बुधवार की सुबह ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद त्रिशूली नदी में हर ओर शव बहते दिख रहे हैं. तिब्बत सीमा से लेकर नारायणी के संगम तक 150 किलोमीटर का दायरा इस वक्त ‘डेथ कॉरिडोर’ में तब्दील हो चुका है. गुरुवार की दोपहर नेपाल के नुवाकोट स्थित बट्टार के ‘श्री नं. 1 सैन्य प्रशिक्षण केंद्र’ के बाहर का मंजर रूह कंपा देने वाला दिखा. आसमान में गरजती सैन्य हेलिकॉप्टरों की गूंज और नीचे जमीन पर बदहवास आंखें. बाढ़ग्रस्त इलाकों से शेष जीवन की खोजबीन कर लौटा कोई हेलिकॉप्टर उतरता है, तो दर्जनों लाचार परिजन भागते हैं. किसी के हाथ में बेटे की तस्वीर है, तो किसी की जुबां पर बस एक दुआ- ‘शायद मेरा अपना सकुशल लौट आया हो.’ पर जब अंदर से घायल और शव निकलते हैं, तो यह भीड़ पथराई आंखों से फिर पीछे लौट आती है.

टीआरई 4 में अब पीटी-मेंस नहीं बल्कि एक ही परीक्षा

जागरण के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को सरकार के और एक निर्णय को पलट दिया। विद्यार्थियों की मांग एवं आंदोलन के उपरांत मुख्यमंत्री ने एक्स पर बड़ी घोषणा की। उन्होंने लिखा कि छात्रों की मांगों के संबंध में निर्णय लिया गया है कि इस बार की टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि पीटी और मेंस की बजाय अब विद्यार्थियों को एक ही परीक्षा देनी होगी। मुख्यमंत्री ने लिखा कि इसके साथ ही नौ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए अनुशंसाएं देने हेतु परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

बिहार में महिला विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान

हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसमें सिर्फ छात्राओं का नामांकन होगा। कुलपति, प्रोफेसर, पदाधिकारी और कर्मचारी सभी महिलाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को बापू सभागार में समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ करने के दौरान यह ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं समृद्ध होंगी, तभी बिहार समृद्ध होगा और भारत विकसित बनेगा। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

रोसड़ा की डीएसएलआर ने घूस में मांगे थे दो लाख और वाशिंग मशीन

भास्कर के अनुसार समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल की भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर गुरुवार सुबह निगरानी, अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने छापेमारी की। सुबह करीब 9 बजे कई गाड़ियों से पहुंची टीम ने आवास को चारों तरफ से घेर लिया। घर से लगभग 13 लाख रुपए नकद मिले हैं। यह पूरी कार्रवाई विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर निवासी मनोज कुमार महतो की शिकायत पर हुई है। मनोज ने एक कट्ठा तीन धूर जमीन की दखल-दहानी के मामले को निपटाने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि डीसीएलआर ने इस काम के एवज में मनोज से दो लाख रुपए नकद और एक वाशिंग मशीन गिफ्ट के रूप में मांगी थी।

कुछ और सुर्खियां:

  • पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फुलवारी शरीफ की खानकाह मुझेबिया में चादरपोशी की
  • महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए सितंबर के पहले हफ्ते में फिर बुलाया जा सकता है संसद का मानसून सत्र
  • कानपुर में हवाई जहाज दुर्घटनाग्रस्त होने से ट्रेनी पायलट समेत दो लोगों की मौत
  • बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी ने अपना कन्वोकेशन रद्द किया, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्यकांत को बुलाने क्या हुआ था विरोध
  • गोवा में धर्म परिवर्तन के खिलाफ बिल को मंजूरी, उम्र कैद समेत कई कड़ी सजा का प्रस्ताव

अनछपी: भारत में गरीबों और खासकर किसानों से कर्ज वापसी के लिए सरकार की सख्ती और बड़े लोगों, पैसे वालों और सरकार के समर्थक बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियो के लिए कानून में ढील देना कोई नई बात नहीं है लेकिन आम लोगों के बीच इसकी चर्चा कम होती है। अब एक ताजा मामला ज़ी ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा का सामने आया है। यह वही ज़ी ग्रुप है जिसका ज़ी नेटवर्क वर्तमान सरकार का जबरदस्त समर्थक रहा है। यह बताया गया है कि एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालिया प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब उन्हें गारंटर के रूप में उन्हें विभिन्न कर्जदाताओं के बकाया 22006 करोड़ रुपए के बदले केवल 6.5 करोड़ रुपए का ही भुगतान करना होगा। खबरों में इसे हेयरकट बताया गया है जो लगभग 99.97% है। हेयरकट दरअसल बकाया कर्ज और चुकाई जाने वाली राशि के फर्क को कहा जाता है। यह तकनीकी उलझनों की बातें आम इंसानों को ना तो समझ में आती है और ना ही उन्हें सही से बताया जाता है। इस मामले में विवाद बढ़ने पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) क्या कहना है कि यह आंकड़ा गलत है क्योंकि दूसरे कर्जदारों पर 1494 करोड़ की देनदारी है। इधर सुभाष चंद्रा ने भी इस रिपोर्ट को खारिज किया और कहा कि उनके ऊपर सिर्फ 3992 करोड़ का दावा है जिसमें से 620 करोड़ पहले सेटल किया जा चुका है। दिलचस्प बात यह है कि भगोड़ा करार दिए गए विजय माल्या ने इस पर तंज करते हुए सुभाष चंद्रा को बधाई दी और याद दिलाया कि उनके मामले में 6203 करोड़ की देनदारी थी और बैंक व सरकार ने 1400 करोड़ रुपए वसूल किए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मजाक में एक पर पोस्ट लिखा एनसीएलटी यानी नेता- कंपनी लूट ट्रिब्यूनल। बिल्कुल संक्षेप में यह बात कही जा सकती है कि दरअसल हजारों करोड़ रुपये अमीरों के माफ किया जा रहे हैं और कुछ हजार रुपए कर्ज लेने वाले किसानों और दूसरे कर्जदारों पर सरकार इस तरह टूट पड़ती है कि उन्हें कभी-कभी सुसाइड करना पड़ता है।

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