छ्पी-अनछपी: बेगूसराय व भागलपुर में बाढ़ से बांध टूटे, ईरान पर अमेरिका का इकोनॉमिक वॉर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। गंगा में बाढ़ से बेगूसराय और भागलपुर के बाहरी इलाकों में पानी भरने और तटबंध टूटने की खबर है। युद्ध के मैदान में ईरान को हराने में नाकाम अमेरिका ने अब उसके खिलाफ इकोनामिक वार का ऐलान किया है। शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 दिसंबर जनवरी में आयोजित की जाएगी। आज 15 संगठनों के छात्र मार्च को लेकर पटना में सुरक्षा बढ़ी। 

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार बेगूसराय में गंगा बाया नदी का रिंग बांध टूटने और भागलपुर के नवगछिया के खरीक प्रखंड में तटबंध कटने के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से बक्सर से कहलगांव तक दियारा के कई गांव बाढ़ से घिरे हैं। नवगछिया के खरीक में गंगा के बढ़ते जलस्तर और पानी के तेज दबाव के बीच रविवार मध्य रात टोला-शंकरपुर के पास काजीकौरिया-राघोपुर मार्जिनल बांध का डी-नोज के निकट करीब 110 मीटर तक कटाव हुआ। इससे गंगा का पानी राघोपुर गांव में फैल गया। ऊर्जा मंत्री और गोपालपुर के विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के घर में भी ठेहुना भर पानी घुस गया है। अचानक आई बाढ़ से 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई। ऊर्जा मंत्री रविवार की रात अपने घर पर ही थे। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है। उधर, बछवाड़ा के झमटिया गांव के समीप गंगा बाया नदी पर बने रिंग बांध के करीब 30 फीट लंबाई में रविवार की देर रात अचानक टूटने से बछवारा प्रखंड की तीन पंचायत में रिंग बांध व गुप्ता बांध के बीच स्थित कुल आठ वार्डो में पानी तेजी से फैल रहा है। 

फरक्का बराज के सभी गेट खोले गए

मुख्यमंत्री सम्राट वौधरी के आग्रह पर पश्चिम बंगाल की सरकार ने फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिये हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पश्चिम बंगाल से सीएम शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बात कर सभी गेट खोलने का आग्रह किया था।

ईरान पर अमेरिका का इकोनॉमिक वॉर

प्रभात खबर के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव हर रोज बढ़ता जा रहा है. दोनों देश अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने अभियान के आखिरी चरण में प्रवेश कर रहा है. उन्होंने ईरान की आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटने के मकसद से ‘इकोनॉमिक डी-डे’ शुरू करने की घोषणा की. बेसेंट के मुताबिक, यह किसी दुश्मन देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला होगा. एक्स पर एक पोस्ट में बेसेंट ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को खत्म कर दिया है, उसकी लगभग 100 प्रतिशत सैन्य फैक्ट्रियों को नष्ट कर दिया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया है. सुबह एक आर्थिक डी-डे की शुरुआत होगी. बेसेंट ने ईरान पर सुरक्षा गारंटी का इस्तेमाल ‘वसूली’ के तौर पर करने का आरोप लगाया.

टीआरई 4 दिसंबर-जनवरी में

भास्कर के अनुसार टीआरई 4 की परीक्षा अब दिसंबर-जनवरी में होगी। परीक्षा की तिथि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में घोषित होगा। परीक्षा दो चरणों में होगी। परीक्षा में माइनस मार्किंग भी होगी। टीआरई 4 में 33274 पदों पर भर्ती होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से 30 सितंबर तक जितनी अधियाचना आएगी, उसे टीआरई 4 के तहत जोड़ा जाएगा। सेंटर, परीक्षा के दौरान सुरक्षा, प्रश्न पत्र की आवाजाही सहित अन्य तैयारी सितंबर के बाद अभ्यर्थियों की संख्या को ध्यान में रख कर की जाएगी। ये जानकारी बीपीएससी के सचिव हेमंत कुमार और परीक्षा नियंत्रण राजेश कुमार सिंह ने दी। बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रण राजेश कुमार सिंह ने कहा, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक कि जांच के दौरान आयोग को सुझाव दिया कि परीक्षा दो चरणों में कराया जाए। विभिन्न राज्यों में होने वाली परीक्षा, आर्थिक अपराध इकाई के सुझाव सहित अन्य बातों को ध्यान में रख करके बीपीएससी द्वारा होने वाली सभी परीक्षाओं को दो चरणों में कराए जाने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा में पारदर्शिता, क्वालिटी युक्त अभ्यर्थियों के सलेक्शन सहित अन्य बिंदुओं को ध्यान में रख करके सभी परीक्षा 2 चरणों में होगी। इससे पहले भी यूपी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा 2 या 3 चरणों में होती है। ऐसे में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा होने वाली परीक्षा भी अब 2 चरणों में ली जाएगी। 

कुत्ते वाले बयान पर बीएससी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर सस्पेंड

हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के बेतुके बयान का मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन विभाग को दिया। ने तत्काल कार्रवाई करने का आदेश सामान्य प्रशासन विभाग को दिया। सोमवार को बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता बुलाई थी। अंत में मीडिया के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भूके हजार’। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

छात्र मार्च को लेकर पटना में सुरक्षा बढ़ी

प्रभात ख़बर के अनुसार पटना में मंगलवार को 15 छात्र संगठनों के प्रस्तावित पैदल मार्च को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. छात्र संगठन गांधी मैदान के गेट नंबर-12 से लोक भवन तक पैदल मार्च निकालने की तैयारी में हैं. मार्च से संबंधित लिखित सूचना पुलिस को दी गयी है. इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में 1200 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी तैनात रहेंगे. वाटर कैनन वाहन को भी तैयार रखा गया है. मार्च के संभावित मार्ग में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग होगी. पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारी निर्धारित सुरक्षा घेरा तोड़कर लोक भवन की ओर आगे नहीं बढ़ सकें. जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और आयकर गोलंबर के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. इन प्रमुख स्थानों पर करीब 200 से 250 पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों की तैनाती की जायेगी. लोक भवन से पहले हड़ताली मोड़ स्थित लोहिया पथ चक्र-2 के समीप भी बैरिकेडिंग कर पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ने देने का निर्देश दिया गया है.  

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अधिकतम उम्र बढ़ाने की संभावना

बिहार के विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अब नए नियमों से होगी। इसके तहत अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष की जा सकती है। इस सीमा को एक बार में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे घटाया जाएगा। अब यह बहाली प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी। बहाली के लिए अब वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा ली जाएगी। इसमें सफल होने बाले अभ्यर्थियों के एकेडमिक मार्क्स जोड़कर मेरिट लिस्ट बनेगी। ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल सैयद अता हसनैन से करीब 2 घंटे चली बातचीत के बाद यह सहमति बनी है। इसके साथ ही 21 दिनों से चल रहा अनशन समाप्त हो गया। इस अवसर पर एमएलसी जीवन कुमार, सहायक प्राध्यापक (अतिथि) डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. उमेश कुमार, सहायक प्राध्यापक (अतिथि) डॉ. विभा रानी, शोध छात्र आशीष कुमार और मोनू कुमार राय उपस्थित थे।

अस्पताल की बदहाली देख मंत्री नाराज

जागरण के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने रविवार देर रात सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। करीब सवा घंटा वे अस्पताल में रहे। हर एक वार्ड का जायजा लिया। मरीजों और उनके स्वजन से बातचीत की। अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। किसी ने पेयजल की अनुपलब्धता तो किसी ने परिसर में गंदगी व दागदार चादर की शिकायत की। कुछ लोगों ने शिकायत की कि यहां उपचार की बजाय रेफर कर दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान एक महिला ने शिकायत की कि दोपहर ढाई बजे से उनकी एक मरीज प्रसव वार्ड में भर्ती है। न कोई नर्स देख रही है और ना ही कोई कुछ बता रहा है। मंत्री ने सिविल सर्जन को तुरंत नर्स को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान मंत्री ने माडल अस्पताल में रैंप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर यह भवन ऑफिस के लिए बना था तो फिर उसमें हॉस्पिटल क्यों चलाया जा रहा है। अगर चलाया जा रहा है तो उस अनुरूप सुविधा क्यों नहीं है। 

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के मैट्रिक और इंटर के परीक्षा फॉर्म आज से भरे जाएंगे
  • बैंक यूनियनों ने 11, 28, 29 और 30 सितंबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है
  • दिल्ली से पटना आ रहा एयर इंडिया का विमान पक्षी से टकराया, सभी 164 यात्री सुरक्षित
  • महाराष्ट्र के अमरावती में सरकारी अस्पताल के एनआईसीयू में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत

अनछपी: आपने मोतिहारी के प्रमोद साहनी और इंदु देवी का नाम शायद नहीं सुना होगा। इस पति-पत्नी के पहले से 6 बच्चे थे और अब आरोप लगा है कि उन्होंने अपने साथ में बच्चे का सौदा साढ़े चार लाख रुपए में किया था। यह बात पुलिस ने बताई है और अगर पुलिस की बात पर भरोसा किया जाए तो ऐसा लगता है कि इस दंपति को बच्चे से ज्यादा पैसों की जरूरत थी। खबरों में बताया गया है कि बच्चे के सौदे में उसके मां-बाप, एक बिचौलिया, एक आशा कार्यकर्ता और बच्चा खरीदने वाली महिला समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक बच्चों की पैदाइश के बाद उसे आईसीयू में रखने के नाम पर ले जाया गया और उसे महिला को दे दिया गया जो इसे खरीदना चाहती थी। बच्चों के मां-बाप और बिचौलिए ने ने उससे डेढ़ लाख रुपए लिए थे और बाकी के पैसों के लिए जब भी सड़क पर झगड़ा हुआ तो इस मामले का पता चला। जिस महिला ने बच्चों को खरीदा था उसके पास पहले से कोई बच्चा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को 2047 में विकसित भारत के रूप में देखना चाहते हैं लेकिन क्या इस तरह की घटनाओं के होते हुए हम इस सपने को साकार कर सकते हैं? पुलिस ने वैसे तो कानूनी तौर पर अपनकार्रवाई कर दी है लेकिन समाज के लिए जरूर यह सवाल बहुत ही गहरा है कि आखिर कोई मां-बाप अपने नवजात बच्चे को बेच कैसे सकता है? क्या इस मां-बाप को पैसों की वाकई कमी थी या इसका लालच इतना बढ़ गया था कि वह ऐसे अमानवीय काम के लिए भी तैयार हो गया? इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के लिए भी यह बात सोचने की है कि आखिर ऐसे बिचौलिए क्यों सक्रिय रहते हैं और उन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ा जाता?

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