बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लखीसराय के अशोक धाम के पास भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गयी जबकि पश्चिम बंगाल के तारापीठ में होटल में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई। ट्रंप ने ईरान के साथ होर्मुज को लेकर समझौते में ओमान के हस्तक्षेप पर उस पर बमबारी की धमकी दी है। रांची में छात्रों के आंदोलन के बाद हेमंत सरकार ने पहले हुई कई परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है।
और, गार्ड को कुर्सी नहीं मिली तो 50 मिनट तक रोक दी ट्रेन।
पहली ख़बर
प्रभात खबर के अनुसार लखीसराय स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम के पास सोमवार सुबह मची भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गयी, जबकि 25 अन्य घायल हो गये. हादसा सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर सुबह करीब साढ़े छह बजे अशोक धाम हॉल्ट के पास हुआ, जहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे. अधिकारियों के अनुसार हॉल्ट पर दोनों दिशाओं से ट्रेनों के आने पर मची अफरा-तफरी के बीच एक बिजली का पोल झुक गया. इसके बाद करंट फैलने की झूठी अफवाह उड़ते ही भगदड़ मच गयी. जान बचाने के चक्कर में लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े व कुचल गये. इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
तारापीठ में 9 की मौत
पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ में सोमवार तड़के एक चार मंजिला होटल में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गयी, जबकि 22 अन्य घायल हो गये. हादसा सावन के अंतिम सोमवार को तड़के करीब 4:30 बजे ‘होटल विदेशिनी’ के भूतल पर स्थित रिसेप्शन के पास हुआ. आग लगते ही अंदर लगी फॉल्स सीलिंग और फाइबर सामग्री के कारण घना धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों में फैल गया, जिससे कमरों में सो रहे 40 से अधिक श्रद्धालु अंदर ही फंस गये. दम घुटने और झुलसने से कई लोग बेसुध हो गये. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला. छह शव होटल से मिले, जबकि तीन घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. घायलों का इलाज रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने लापरवाही के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है.
बख्तियारपुर में गंगा में साथ लड़कियां डूबीं, तीन की मौत
बख्तियारपुर प्रखंड के रानीसराय गांव की सात बच्चियां सोमवार के अहले सुबह गंगा नदी में डूब गयीं. इनमें से तीन की मौत हो गयी, जबकि एक लापता है. वहीं, तीन अन्य को बचा लिया गया. जानकारी के अनुसार, सोमवारी व्रत को लेकर रानीसराय गांव की सात बच्चियां गांव के पास ही स्थित गंगा घाट पर स्नान के लिए गयी थीं. स्नान के दौरान सातों बच्चियां गंगा में डूबने लगीं. सभी को डूबते देख वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोग गंगा में कूदे और तीन बच्चियों को बाहर निकाल लिया. जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा एसडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचे. एनडीआरएफ ने तीन के शव निकाले.
अब ओमान को ट्रंप से धमकी मिली
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की 60 दिन की समयसीमा सोमवार को खत्म हो गई। दोनों पक्ष अब पहले से भी अधिक दूर नजर आ रहे हैं। इस बीच, ट्रंप ने ईरान के साथ होर्मुज को लेकर समझौते में ओमान के हस्तक्षेप पर उस पर बमबारी की धमकी दी है। उन्होंने ईरान से आत्मसमर्पण करने को भी कहा है। अमेरिका-ईरान के बीच जून में हुए समझौते को ‘समझौता ज्ञापन’ कहा गया था। इसमें सैन्य कार्रवाई रोकने और 60 दिनों के भीतर युद्ध स्थायी रूप से समाप्त करने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद को सुलझाने पर सहमति बनी थी।
हेमंत सरकार ने पहले हुई कई परीक्षा रद्द करने की घोषणा की
प्रभात खबर के अनुसार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और परिणाम को रद्द करने की घोषणा की है. उन्होंने प्रोजेक्ट भवन में मंत्रियों के साथ करीब साढ़े चार घंटे तक मैराथन बैठक की. बैठक शाम 4.30 बजे शुरू हुई और रात करीब नौ बजे समाप्त हुई. बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द की जा रही है. गौरतलब है कि इस परीक्षा से करीब 1975 लोग नौकरी कर रहे हैं, जो अब खत्म हो जायेगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, उसके द्वारा प्रकाशित परिणाम तथा चयनित या परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से संबंधित पूरी प्रक्रिया रद्द की जाती है. सीएम हेमंत सौरेन की घोषणा के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों में उत्साह देखा गया. छात्रों ने कहा कि यह हमारे पहले चरण की मांग पूरी हुई है. कई छात्रों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया, लेकिन सीबीआइ जांच होने तक आंदोलन जारी रखने की बात भी कही. वहीं सदर अस्पताल में अनशन पर रहते हुए इलाज करा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की है, लेकिन कहा है कि संघर्ष जारी रहेगा.
सरप्लस शिक्षक होने के आधार पर स्थानांतरण पर हाईकोर्ट की रोक
पटना हाईकोर्ट ने स्कूलों में सरप्लस शिक्षक बता उनके स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई करते हुए कहा कि तब तक जो शिक्षक जहां कार्यरत हैं, वहीं बने रहेंगे। कोर्ट ने अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का आदेश दिया। कोर्ट ने नरेंद्र कुमार नंद एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। कोर्ट को बताया गया कि स्कूलों में सरप्लस शिक्षक होने के आधार पर स्थानांतरण में कई विसंगतियां हैं।
गार्ड को कुर्सी नहीं मिली तो 50 मिनट तक रोक दी ट्रेन
जागरण के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे रूट की वीआइपी ट्रेन वैशाली एक्सप्रेस से सुपरफास्ट का तमगा क्या छिना, रेलवे प्रशासन ने भी उसकी तरफ से मुंह मोड़ लिया। प्रबंधन की उपेक्षा के कारण सोमवार को नई दिल्ली से ललितग्राम जा रही वैशाली एक्सप्रेस (15566) के गार्ड रामाशीष दास को गोरखपुर में कुर्सी नहीं मिली तो उन्होंने ट्रेन आगे बढ़ाने से ही मना कर दिया। गार्ड ने स्टेशन प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कुर्सी के इंतजार में वह प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़े रहे। उन्हें न कुर्सी मिल रही थी और न ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए सिग्नल मिल पा रहा था। अंततः कुर्सी नहीं मिली तो वह स्टेशन अधीक्षक को मेमो (सूचना) भेजकर ट्रेन लेकर रवाना हो गए।
कुछ और सुर्खियां:
- जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने विधानसभा की सदस्यता की शपथ ली
- गोपालगंज के उचका गांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार के पास मस्जिद में इमाम की चाकू गोद कर हत्या
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में दिमागी नक्सली शब्द के इस्तेमाल के बाद दिमागी नक्सली जनता पार्टी बनी, 24 घंटे में 2 लाख फॉलोअर्स
अनछपी: भारत की आजादी के बाद अगर सबसे बड़ी नाकामियों की लिस्ट बनाई जाएगी तो उसमें यह बात शायद पहले या दूसरे नंबर पर हो कि हमारे चुने हुए प्रतिनिधि यानी लोकसभा और विधानसभा के सदस्य अपराधियों की श्रेणी में शामिल रहे हैं। ऐसी खबरें बराबर आती रहती हैं कि हमारे जनप्रतिनिधि किस किस तरह के आपराधिक मामलों में आरोपित हैं। इनमें मंत्री और मुख्यमंत्री तक शामिल रहे हैं। हमारा देश इन सब बातों का इतना आदी हो गया है कि वह यह भी नहीं सोच पाता कि हमारे ऊपर जिन लोगों का शासन है, जो लोग हमारे लिए कानून बनाते हैं वह खुद ही कानून के दुश्मन हैं। अफसोस की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था के रहने के बावजूद भारतीय संसद और विधानसमंडलों में ऐसे लोग पहुंचते हैं। याद रखने की बात यह भी है कि ऐसे अपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को संसद और विधानमंडल में पहुंचाने में मददगार वह लोग होते हैं जिन्हें हम समझते हैं कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। यानी पार्टी के अध्यक्ष जो उन्हें टिकट देते हैं और दूसरे सदस्य जो उनका समर्थन करते हैं। यह भी सोचने की बात है कि अगर कोई पार्टी अध्यक्ष या कोई और सदस्य किसी आपराधिक छवि वाले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को संसद या विधानमंडल का सदस्य बदलने में मदद करता है तो क्या वह खुद इस अपराध में किसी ने किसी रूप में शामिल नहीं होता है? सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में एक वकील विजय हंसारिया की ओर से दाखिल हलफनामे में यह जानकारी दी गई है कि लोकसभा के 543 सदस्यों में से 251 और राज्यसभा के 233 में से 75 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 28 राज्यों में से 14 के मुख्यमंत्री के खिलाफ भी क्रिमिनल केस हैं। इस जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी के खिलाफ 89 बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 19 मामले लंबित हैं। सवाल यह है कि क्या हम केवल ऐसी गिनती ही जानते रहेंगे कि कितने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ केस है, या उनके खिलाफ कार्रवाई भी देख पाएंगे? और यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग किसी भी हाल में संसद या विधानमंडल नहीं पहुंचें?
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