बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के आधा दर्जन जिलों में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है और राहत कार्य में सेवा की मदद लेनी पड़ी है। बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर 3.25 लाख करोड़ खर्च होंगे। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिवेआगर समुद्र तट पर गुरुवार को पिकनिक मनाने पहुंचे पुणे के आठ छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार गंडक और गंगा नदी में रिकॉर्ड जलप्रवाह और तटबंधों व रिंग बांध के टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ के हालात भयावह हैं। खास तौर पर पश्चिम और पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के तटवर्ती क्षेत्रों के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए वायु सेना ने राहत का काम संभाल लिया है। गुरुवार को सारण जिले के पानापुर में गोरखपुर से आए वायु सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री बांटी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले 48 घंटे तक बिहार के लिए अहम बताते हुए विशेष निगरानी का निर्देश दिया है। उधर, गुरुवार को सारण जिले के पानापुर प्रखंड के सरौजा-भगवानपुर के समीप बांध और मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज की माधोपुर हजारी पंचायत में गंडक का तटबंध ध्वस्त हो गया। उत्तर बिहार के चार जिलों- पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सारण और गोपालगंज में पिछले चार दिनों में 14 अलग-अलग जगहों पर तटबंध और रिंग बांध टूटने से आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं। गुरुवार को सारण के पानापुर प्रखंड के सरौजा-भगवानपुर में पानी के दबाव से गंडक का बांध टूट गया, जिससे करीब छह गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पानापुर, मकेर व तरैया, अमनौर , परसा और दरियापुर प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। तरैया के राजधानी गांव में भी 30 फीट में रिंग बांध टूट गया है। बाढ़ के कारण भोजन, पेयजल और आवास की समस्या के साथ पशुओं के चारे का भी संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक का जलस्तर इस बार 2021 की बाढ़ से करीब ढाई फीट अधिक है। मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी पंचायत के छरकी गांव के पास रिंग बांध टूटने से तीन सौ घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच एनएच पर बाढ़ का पानी
गंडक की बाढ़ से कई इलाकों में आवागमन ठप है। छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। मकेर बाईपास से फुलवरिया तक एनएच-722 पर पानी चढ़ जाने से छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बड़े वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। उधर, छपरा-सत्तरघाट पर भी पानी चढ़ जाने से दो दिनों से आवागमन ठप है। हाजीपुर-अरेराज राज्य उच्चपथ पर भी दो फुट पानी बह रहा है। परसा-मकेर पथ पर भी आवागमन बंद हो गया है।बैकुंठपुर प्रखंड के फैजुल्लाहपुर गांव से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर में राम-जानकी पथ पर बाढ़ का पानी बह रहा है।
बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर 3.25 लाख करोड़ खर्च होंगे: गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आगे के दिनों में बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर 3.25 लाख करोड़ खर्च होंगे। 2029 तक कुल 5 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य है। बोले-फंड की कमी नहीं है। बिहार सरकार मिशन मोड में जमीन व पर्यावरण क्लियरेंस का इंतजाम करे। गुरुवार को पटना में ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ के उद्घाटन और मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास का नया रोडमैप रखा। कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन उद्योग मंत्री और पथ निर्माण मंत्री की मौजूदगी में हुआ। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि बिहार में हाईवे और कॉरिडोर निर्माण के लिए केंद्र से धन की कमी नहीं होगी, बस राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराए। इसके साथ ही बिहार के नेशनल हाईवे निर्माण की गुणवत्ता सुधारने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करने का बड़ा निर्णय लिया गया। सीएम आवास में हुई समीक्षा बैठक में 20 से अधिक प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जांच की गई। दोनों नेताओं ने सख्त रुख अपनाते हुए ठेकेदारों को अल्टीमेटम 15 दिया कि निर्माण में लापरवाही या घटिया काम बर्दाश्त नहीं होगा और दोषियों पर सख्त गाज गिरेगी।
पिकनिक मनाने गए 8 छात्रों की समुद्र में डूबकर मौत
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिवेआगर समुद्र तट पर गुरुवार को पिकनिक मनाने पहुंचे पुणे के आठ छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद सभी आठ शवों को समुद्र से बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, पुणे जिले के आलंदी स्थित एक कोचिंग के 48 लोगों का समूह पिकनिक के लिए दिवेआगर पहुंचा था। इसमें 25 छात्र, 17 छात्राएं और छह शिक्षक शामिल थे। दोपहर बाद कुछ छात्र समुद्र में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान वे पानी की गहराई और समुद्र के बहाव का सही अंदाजा नहीं लगा सके और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और वाटर स्पोर्ट्स कर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।
एक देश, एक चुनाव पर जजों के साथ समिति की बैठक टली
भास्कर के अनुसार ‘एक देश एक चुनाव’ से जुड़े बिलों की जांच कर रही संसदीय संयुक्त समिति और सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच प्रस्तावित बैठक नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार, समिति ने 6 अक्टूबर को सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों से एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर अनौपचारिक चर्चा के लिए मुलाकात का प्रस्ताव रखा था। समिति के चेयरमैन पीपी चौधरी ने गुरुवार को कहा कि सदस्यों की तारीखें मैच नहीं हो रहीं, इसलिए दौरा स्थगित किया गया है। इस बैठक पर विपक्ष के नेताओं ने आपत्ति जताई थी। जानकारी के मुताबिक, समिति के कम से कम एक सदस्य ने चौधरी को पत्र लिखकर ‘सेपरेशन ऑफ पावर्स’ यानी शक्तियों खड़े कर सकता है। दौरा रद्द करने की मांग की थी। विपक्ष का तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट के जजों से प्रस्तावित कानून की संवैधानिक वैधता या उसकी ‘मेरिट’ पर बातचीत करना सेपरेशन ऑफ पॉवर्स यानी शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत पर सवाल खड़े कर सकता है।
कुछ और सुर्खियां:
- त्योहारी मौसम शुरू होने से पहले होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों को झटका- सिलेंडर और विमान का ईंधन महंगा
- बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी 1 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश पर
- एशियन गेम्स के हॉकी मुकाबले के सेमीफाइनल में आखिरी 49 सेकंड में गोल कर भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया
- विधान परिषद चुनाव में राजद और कांग्रेस चार सीटों पर फ्रेंडली फ़ाइट में
अनछपी: वैसे तो चुनाव आयोग पिछले कई सालों से सवालों के घेरे में है लेकिन वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में बहुत से ऐसे निर्णय हुए हैं जो सीधे तौर पर फर्जी मतदाता को वोटर लिस्ट में शामिल करने और सही मतदाता का नाम काटने से जुड़ा हुआ है। वोटर लिस्ट के कथित विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर किए जाने के दौरान नए वोटर को जोड़ने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म सिक्स में किए गए बदलाव को भारी विरोध के बाद चुनाव आयोग ने वापस तो ले लिया है लेकिन इसकी जिम्मेदारी तय नहीं हुई है कि आखिर ऐसा किसके कहने पर हुआ और इस अपराध के लिए किस सजा मिलनी चाहिए। ध्यान रहे कि फॉर्म 6 में यह शर्त लगा दी गई थी के नए वोटर के माता-पिता या उनके माता-पिता के माता-पिता का नाम पिछले गहन पुनरीक्षण के बाद तैयार वोटर लिस्ट में होना चाहिए। जब इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में इस बार को उजागर किया गया कि इस मुद्दे पर दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की राय पर आपत्ति दर्ज की थी और उसके बाद हंगामा हुआ तो अब जाकर चुनाव आयोग ने इस शक को वापस लेने की घोषणा की है। इसी तरह फॉर्म 7 वह फॉर्म होता है जिसमें यह आरोप लगाया जाता है कि अमुक वोटर का नाम लिस्ट से काटा जाए क्योंकि वह फर्जी है। कर्नाटक के बेलगावी जिले से यह शिकायत आई के बड़े पैमाने पर फॉर्म 7 पहले से प्रिंट किया हुआ था और उसमें ज्यादातर नाम मुसलमानों के थे। आरोप है कि यह हरकत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से करवाई गई और इसकी शिकायत पर चुनाव आयोग चुप्पी साधे था। जब इसका बड़े पैमाने पर विरोध हुआ तो इस मामले को शांत करने की कोशिश की जा रही है। इसीलिए कांग्रेस नेता चुनाव आयोग की इस तरह की हरकतों को देशद्रोह बताते हैं। ऐसे में जरूरी हो गया है कि चुनाव आयोग के हर उस अधिकारी पर कार्रवाई हो जो ऐसे लोकतांत्रिक गतिविधियों में शामिल है चाहे वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही क्यों ना हों।
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