बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारतीय स्टेट बैंक के 3.75 लाख ग्राहकों का डेटा लीक होकर डार्क वेब पर पहुंच गया है। रिज़र्वेशन में शॉर्ट लेटर्स को लेकर एतराज़ की वजह से रुकी हुई उर्दू ट्रांसलेटर्स की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। गया में अपराधियों ने दरोगा के दो पुत्रों पर फायरिंग की जिसमें एक की मौत हो गई।
और, बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर प्रचार खत्म कल होगा मतदान।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार ग्राहकों की जानकारी सुरक्षित रखने के बैंकों के दावे और सारे इंतजाम एक बार फिर हवा-हवाई साबित हुए हैं। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) ने स्वीकार किया है कि बड़े पैमाने पर उसके ग्राहकों की जानकारी डार्क वेब पर पहुंच गई है। हैकर ग्रुप ‘सिरियसइम’ के दावे के बाद 16 अक्टूबर को थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और सीईआरटी-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) की ओर से अलर्ट मिलने के बाद एसबीआइ ने जांच शुरू कर दी है। एसबीआइ ने सेबी और स्टाक एक्सचेंजों को सूचना देते हुए बताया कि डार्क वेब पर उपलब्ध करीब 3.75 लाख रिकार्ड की प्रारंभिक जांच में 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी मिली है। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, जेंडर, ईमेल, पता, ब्रांच और विशेष पहचान नंबर, लीड आइडी तथा लोन संबंधी डाटा भी शामिल हैं। यह हाल के वर्षों में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों की डाटा चोरी का सबसे बड़ा मामला है। यह सीधे तौर पर ग्राहकों की गोपनीयता और वित्तीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि ऐसी जानकारी पहचान चोरी और धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल हो सकती है।
उर्दू ट्रांसलेटर भर्ती की दिक़्क़त दूर
हिन्दुस्तान के अनुसार पटना हाईकोर्ट ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी उर्दू अनुवादक भर्ती 2019 में एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए चयन प्रक्रिया को दोबारा खोलने से इनकार किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों में बदलाव करने या पूरी प्रक्रिया को फिर से खोलने को कानूनी रूप से उचित नहीं ठहराते हुए एकलपीठ के आदेश को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश के बाद उर्दू अनुवादकों के 1294 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। आयोग ने 14 नवंबर, 2019 को विज्ञापन संख्या 01/2019 के तहत उर्दू अनुवादकों के कुल 1,294 पदों पर था। भर्ती की शर्तों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में केस दायर कर भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया दिया। उनका कहना था कि विज्ञापन में अति पिछड़ा वर्ग के लिए ‘ईबीसी’ की जगह ‘एमबीसी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कई अभ्यर्थियों ने भ्रमित होकर अपनी श्रेणी ‘बीसी’ भर दी। ऐसे अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के दौरान ईबीसी का लाभ नहीं मिला।
गया में दरोगा के दो पुत्रों पर फायरिंग एक की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी के रोड नंबर एक में सोमवार देर रात अपराधियों ने दारोगा के दो बेटों को गोली मार दी। घटना में छोटे बेटे रानू शेखर (28) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा मोनू शेखर गंभीर रूप से घायल हो गया। रानू के पिता ने 12 लोगों पर केस दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, सोमवार की देर रात किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान रानू और मोनू शेखर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, सोमवार की देर रात किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान रानू और मोनू शेखर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। तभी आरोपितों ने दोनों भाइयों पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से रानू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों नरेंद्र सिंह और गौरव कुमार को गिरफ्तार किया है।
98.12 लाख भुगतान के मामले में डीईओ और डीपीओ सस्पेंड
जागरण के अनुसार फर्जी शिक्षिका तनुश्री के नाम पर एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से 98.12 लाख रुपये के अवैध वेतन भुगतान मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), स्थापना शशि चंदन चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन विजय कुमार पांडे ने दोनों अधिकारियों के निलंबन से संबंधित आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी करने और अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने के संबंध में अलग से पत्र जारी किया जाएगा।
कतर के प्रस्ताव पर ईरान और अमेरिका का रुख बेहतर
प्रभात ख़बर के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर इस हफ्ते सहमति बनने की संभावना है. कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार प्रस्ताव पर दोनों देशों ने कथित तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. कतर के सरकारी समाचार चैनल अल अरबी अल जदीद ने मंगलवार को मध्यस्थता प्रयासों से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. प्रस्ताव में ईरान के फ्रीज किये गये छह अरब डॉलर के फंड में आंशिक रियायत और उसके परमाणु संयंत्रों के गोपनीय निरीक्षण की शर्त शामिल है.
जियो के आईपीओ ने पहले दिन तीन रिकॉर्ड बनाए
हिन्दुस्तान के अनुसार देश के सबसे बड़े आईपीआओं ‘जियो प्लॅटफॉर्म्स’ ने आते ही इतिहास रच दिया। इसने तीन रिकॉर्ड कायम किए। आईपीओ खुलने के पहले ही दिन बुधवार को निवेशकों ने इसपर जमकर पैसा बरसाया, 100 मिनट के भीतर आरक्षित शेयर पूरी तरह बुक हो गए। 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए पहले दिन करीब 30.5 लाख आवेदन आए और 74,610 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। इसके साथ ही यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा सब्सक्रिप्शन पाने वाला देश का पहला आईपीओ बन गया।
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर प्रचार खत्म कल होगा मतदान
विधान परिषद की आठ सीटों के स्नातक तौर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रचार का शोर बुधवार शाम चार बजे थम गया. शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतदान शुरू होगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा. वोट डालने के लिए बैंगनी स्केच पेन मिलेगा. मतदान केंद्रों पर मतपेटियों को पहुंचाने का काम गुरुवार रात तक पूरा कर लिया जायेगा. इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 598 मतदान केंद्र बनाये गये हैं. इन पर कुल 5,32,547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 4.92 लाख स्नातक और 40 हजार शिक्षक मतदाता हैं. मतों की गिनती 27 अक्तूबर को होगी. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण, पटना, तिरहुत और दरभंगा सीटों में सारण की सबसे अधिक चर्चा है.
कुछ और सुर्खियां:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को गंगा पर सिक्स लेन पुल समय दूसरे प्रोजेक्ट का शुभारंभ करने बिहार आएंगे
- देशभर में रेलवे स्टेशन मास्टर के 1250 पदों के लिए 27 से एप्लीकेशन शुरू होगा, 25 नवंबर तक चलेगा
- पटना के अटल पथ पर मेला देख कर लौट रहे छह लोग स्कॉर्पियो कार की चपेट में आए, दो की मौत
- बिहार में वित्त रहित शिक्षक व कर्मचारियों के खाते में दो दिनों में पहुंचेगी अनुदान राशि
- जेडीयू के विधायक अनंत सिंह के खिलाफ मोकामा थाने में दर्ज कराया गया मामला
अनछपी: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पिछले कई वर्षों से भारत के सत्ताधारी समूह और इसके समर्थकों को वैचारिक आधार और विचारधारा की लड़ाई में नेतृत्व प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं। अपने ताजा बयान में उन्होंने यह कहा कि रिजीम चेंज से स्थिति न कभी बदली है ना अब बदलेगी। उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेजीम (सरकार) पर भी लागू होता है क्योंकि उनके बयान से ऐसा लगता है कि 2014 के बाद भी स्थिति नहीं बदली है और उन्हें लगता है कि आगे भी नहीं बदलेगी। हालांकि बहुत से लोग यह मानेंगे कि शायद मोहन भागवत भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समर्थन में बयान दे रहे हैं और वह नहीं चाहते कि इस सरकार को बदल जाए। रिजीम चेंज शब्द भारत में हाल में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद इस्तेमाल किया गया है। दरअसल इसका इस्तेमाल अमेरिका जैसा देश भी करता है जो दूसरे देशों में लोकतांत्रिक और षड्यंत्रकारी तरीके से सत्ता परिवर्तन करवाता है। लेकिन रिजीम चेंज का हमेशा मतलब नकारात्मक नहीं होता है क्योंकि भारत में इस तरह के सत्ता परिवर्तन का आह्वान कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े विरोधी रहे और समाजवादियों और भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े पसंदीदा राजनीतिक नेता जयप्रकाश उर्फ जेपी ने भी किया थी। राम मनोहर लोहिया का यह बयान तो बहुत ही मशहूर है जिसमें उनका कहना था कि जिंदा कौमें 5 साल तक इंतजार नहीं करतीं यानी सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन तभी नहीं होगा जब 5 साल बाद चुनाव का समय आएगा। दूसरी तरफ मोहन भागवत शायद यह संदेश देना चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन का जो आह्वान अभी किया जा रहा है वह दरअसल अलोकतांत्रिक और हिंसक तरीके का आह्वान है। ऐसे भी यह सवाल पूछा जाना जरूरी है कि क्या मोहन भागवत राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के रास्तों को गलत मानते हैं?
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