छ्पी-अनछपी: फ्रांस-इटली में हिंसक प्रदर्शन, एमपी में मंदिर के बाहर ट्रक घुसा- 15 की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। स्कूलों की खराब हालत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ फ्रांस और इटली के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन लगातार जारी हैं। ग्वालियर में एक मंदिर के बाहर पूजा के लिए खड़े लोगों के बीच ट्रक घुसने से 15 लोगों की मौत हो गई।

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पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार बढ़ती महंगाई के खिलाफ फ्रांस और इटली के कई शहरों में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब हालत के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गयी है. राजधानी पेरिस में पुलिस ने 1800 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिंसक समूहों ने पुलिसकर्मियों से भिड़ंत की और दुकानों में लूटपाट की. प्रदर्शन में पेरिस क्षेत्र में करीब 1.10 लाख लोग शामिल हुए थे. देश के कई अन्य शहरों में भी तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आयीं. इटली के मिलान के मध्य हिस्से में दंगाइयों ने पुलिस से झड़प के बाद दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी. अलग-अलग जगहों पर युद्ध और बढ़ती महंगाई के खिलाफ निकाला गया मार्च शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में नकाब पहने प्रदर्शनकारियों ने दंगा नियंत्रण पुलिस पर पत्थर और अन्य चीजें फेंकीं. इसमें दो पुलिस अधिकारी घायल हुए.

ग्वालियर में मंदिर के बाहर खड़े लोगों को ट्रक ने कुचला, 15 की मौत

हिन्दुस्तान ने लिखा है कि देश अभी कोलकाता के पंडाल में हुई भगदड़ की त्रासदी से उबरा भी नहीं था कि ग्वालियर से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। शनिवार देर रात ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के बाहर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। इस भीषण हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 32 से अधिक लोग घायल हैं। घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने दुख जताया है। पुलिस ने बताया कि हादसा देर रात 1:30 बजे चीनौर रोड पर हुआ। नवरात्रि पर श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे कतार में लगे थे, तभी चीनौर की ओर से आ रहा ट्रक तीव्र ढलान पर बेकाबू हो गया। ट्रक लोगों को कुचलते हुए सड़क किनारे स्थित दुकानों को टक्कर मारने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार से जा भिड़ा। पंजाब के पंजीकरण नंबर वाले ट्रक के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

पंजाब में कार से कुचल 9 महिला मजदूरों की मौत

पंजाब के संगरूर जिले में रविवार को एक तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को कुचल दिया। इससे नौ महिला मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, 12 गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। पुलिस के अनुसार, संगरूर जिले के लहरागागा इलाके में महिला मजदूर मनरेगा (जीराम जी योजना) के तहत सड़क किनारे घास काटने और सफाई का काम कर रही थीं। इस बीच, एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया। इनमें से पांच की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सभी अलीशेर गांव की रहने वाली हैं। संगरूर के सरकारी अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहीं डॉ. पूनम धीर ने बताया कि 7-8 महिला मरीज अस्पताल पहुंची हैं। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि 2-3 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है।

उर्दू-बांग्ला टीईटी अभ्यर्थियों का रिजल्ट के लिए प्रदर्शन

भास्कर के अनुसार 12 हजार उर्दू-बांग्ला टीईटी अभ्यर्थी 12 साल से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। रविवार को इन अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान में प्रदर्शन किया। साथ ही उर्दू बांग्ला टीईटी अभ्यर्थी संघ में बैठक कर फैसला लिया कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती हसन रजा अमजदी ने कहा की सरकार 12 साल से सिर्फ आश्वासन दे रही है। इस मुद्दे को चार बार विधानसभा में उठाया गया। सड़क पर प्रदर्शन करने के साथ ही विधायकों के आवास का घेराव किया गया। लेकिन, अबतक रिजल्ट जारी नहीं किया गया। परीक्षा 1 अक्टूबर 2013 को हुई थी।

पटना ज़िले के मनेर में पैक्स अध्यक्ष की गोली मार हत्या

पटना ज़िले के मनेर थाना क्षेत्र के व्यापुर में रविवार की देर रात पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ भालू की गोलीमार हत्या कर दी गई। वहीं, मनेर प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू पॉइजन गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं। संजीव व्यापुर में बिचली गली के निवासी थे। बताया जाता है कि बाइक सवार दो युवकों ने दशहरा मेले में अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इससे भगदड़ मच गई। इस दौरान गोली लगने से पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार और व्यापुर निवासी प्रखंड प्रमुख रिंकी देवी के पति पिंटू पॉइजन गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को दानापुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पैक्स अध्यक्ष की मौत हो गई। गोलीबारी के बाद अपराधी भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इधर, पटना के सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पूर्व की दुश्मनी में यह घटना होने की बात सामने आई है। थानाध्यक्ष रजनीश कुमार के मुताबिक, पुरानी रंजिश में दो गुटों में गोलीबारी हुई है।

कोट्टायम में बसिए जहां खर्च कम, उम्र लंबी

भास्कर लिखता है कि केरल के कोट्टायम शहर में ऑटो चलाने वाले पी. मोहनन को यह तो नहीं पता कि ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में उनके शहर को भारत में जीवन की गुणवत्ता के मामले में पहला स्थान मिला है। पर वे जानते हैं क़ि यहां जिंदगी दूसरे बड़े शहरों की तुलना में आसान है। मोहनन कहते हैं, ‘यहां रहने का खर्च अपेक्षाकृत कम है। लोग पढ़े-लिखे हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं।’ कोट्टायम झील, पहाड़ और खेतों के बीच बसा शहर है। लोगों के ज्यादा जीने, आर्थिक समानता, कम अपराध और कम लागत के कारण, यह भारत में जीवन की गुणवत्ता के मामले में सबसे ऊपर है। करीब 55 हजार की आबादी वाले इस शहर में दो सदी से विकसित हो रही शिक्षा, साहित्य, प्रकाशन और सामाजिक सुधार की संस्कृति है। इसे ‘सिटी ऑफ लेटर्स’ यानी अक्षरों का शहर भी कहा जाता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • फिल्म एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की लॉरेंस गैंग ने लिया जिम्मा
  • मौलाना मजहर उल हक अरब फारसी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरियन परीक्षा के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट लेने पहुंचे अभ्यर्थियों ने सड़क जाम किया

अनछपी: आपने भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौड़ का नाम तो सुना ही होगा। उन्होंने अपने गायन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद की है। इन दिनों वह एक मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म की गुंडागर्दी का शिकार हुई हैं और इससे अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। यह एक ऐसा मामला है जिसका जिक्र हमेशा इस बात के लिए होगा कि कैसे मीडिया किसी का चरित्र हनन करता है और कैसे कोई बहादुरी से उससे लड़ता है। दरअसल एबीपी टीवी चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म ने नेहा सिंह राठौर के बारे में सेक्स रैकेट और जिस्मफरोशी जैसे दावे करते हुए खबर चलाई थी। इससे वह मामला भी ताजा हो गया जिसे सुल्ली डील्स का नाम दिया गया था जिसमें मुस्लिम लड़कियों और औरतों की तस्वीरें जारी कर उनकी नीलामी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बोली लगाई गई थी। उस समय भी यह आरोप लगा था कि ऐसी हरकत करने वाले दरअसल वह लोग हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों के समर्थक माने जाते हैं हालांकि अब तक यह पता नहीं चला कि इसके लिए दोषी लोगों पर क्या कार्रवाई हुई। इस बार नेहा सिंह राठौड़ ने यह साबित किया है कि इस तरह की गंदी हरकत करने वालों के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। उनकी इस लड़ाई की वजह से ही एबीपी न्यूज़ ने सार्वजनिक तौर पर माफी तो मांग ली है लेकिन सवाल यह है कि जिस तरह की बदनामी नेहा सिंह राठौर की हुई, वह इस माफी से दूर हो सकती है क्या? माफी मांगने की वजह यह है कि एबीपी न्यूज़ को ऐसा लगता है कि वह ऐसा कर अदालत में बच जाएगा लेकिन माफी तो उस मामले की दी जाती है जिसमें गलती होती है। जब मामला यह हो कि जानबूझकर किसी का चरित्र हनन किया जाए तो उसके लिए आपराधिक मुकदमा जरूरी होता है। नेहा सिंह राठौड़ ने प्रधानमंत्री से लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और दूसरे लोगों को टैग करते हुए यह पूछा था कि उनके साथ जिस तरह की घटिया हरकत हुई है क्या उन्हें उसके बारे में कुछ नहीं कहना चाहिए। इसके बाद कंगना रनौत जैसी भारतीय जनता पार्टी की सांसद यह लिखने पर मजबूर हुईं कि किसी भी महिला को टीआरपी के लिए बेबुनियाद बदनाम करना बेहद घटिया बात है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तो इस मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय से जोड़ा और उन्होंने लिखा कि इस तरह महिलाओं की मर्यादा का उल्लंघन पिछले 12 वर्षों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मेनस्ट्रीम मीडिया को अपना संघटनात्मक नोटिस बोर्ड बना दिया है और पत्रकारिता राजनीतिक बदला लेने का साधन बन गई है। नेहा सिंह राठौड़ ने एक बुनियादी सवाल उठाया है कि एबीपी न्यूज ने जो अफवाह उड़ाई है वह माफी मांगने से खत्म तो नहीं हो जाएगी। उन्होंने यह भी लिखा कि जो बेटियां विरोध नहीं कर सकतीं उसे तो एबीपी न्यूज़ आत्महत्या करने पर मजबूर कर देगा। नेहा सिंह ने लिखा कि एबीपी न्यूज़ की बदमाशी से उनकी गरिमा को जो ठेस पहुंची है उसकी कोई माफी नहीं है। इसलिए एबीपी न्यूज़ को एक ऐसा सबक देना जरूरी है जिससे बाकी मीडिया के लिए भी संदेश जाए जो इस तरह की घटिया हरकतों में शामिल है।

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