छ्पी-अनछपी: कोलकाता के पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 की मौत, ट्रंप ने टैरिफ को टाला

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। कोलकाता में पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के मामले में लगाए गए 100% टैरिफ को फिलहाल टालने का फैसला किया है। 

और, जानिएगा कि किस बिस्किट में मिलाया जाता था जानवरों को खिलाने वाला चोकर।

पहली ख़बर

जागरण के अनुसार कोलकाता के उत्तर हिस्से में चित्तरंजन एवेन्यू के पास चोरबागान सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। मृतकों में चार पुरुष, दो बच्चे और 13 महिलाएं शामिल हैं। 11 घायलों को एसएसकेएम अस्पताल रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री शुभेदु अधिकारी ने बताया कि 18 लोगों को मृत अवस्था में कोलकाता मेडिकल कालेज पहुंचाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों में दो लोग बिहार के हैं। उन्होंने बताया कि इनमें एक मुजफ्फरपुर के निवासी हैं। पूजा आयोजक समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने पूजा समिति के सभी सदस्यों को थाने में बुलाने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ग्रुप-डी में सरकारी नौकरी, बादलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित राष्ट्रपति ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। शनिवार रात ही कोलकाता पहुंचे अमित शाह ने रविवार को अपना सारा कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। 

तंग दरवाज़े, बारिश और अंधेरे में मची भगदड़

कोलकाता के चोरबागान में मची भगदड़ के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरे प्रवेश और निकास द्वार, तेज बारिश, अंधेरा और सप्तमी की शाम उमड़ी भारी भीड़ ने स्थिति को भयावह बना दिया। लोगों के बीच मची अफरा-तफरी के दौरान पंडाल का एक हिस्सा भी ढह गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार काफी संकरे थे। इलाके में पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी। प्रवेश के लिए करीब डेढ़ घंटे तक कतार में खड़े रहने के बाद बारिश शुरू होने से लोग जल्दी अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। प्रत्यक्षदर्शी की बेटी और नातिन भी हादसे में घायल हुईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 

ट्रंप ने रस से तेल खरीद पर टैरिफ को टाला

प्रभात खबर के अनुसार घरेलू बाजार में ईंधन की रिकॉर्ड महंगाई और नवंबर के मध्यावधि चुनावों के भारी राजनीतिक दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने कड़े रुख से पीछे हटना पड़ा है. ट्रंप ने ‘लिंडसे ग्राहमू एक्ट’ के तहत रूस से कच्चा तेल गैस खरीदने वाले भारत समेत शीर्ष पांच आयातक देशों पर 100% तक अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) और दंडात्मक प्रतिबंध लगाने के प्रावधानों पर तत्काल रोक लगाते हुए विशेष छूट दे दी है. राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय हित का हवाला देकर इस शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए।

भाजपा-संघ के वर्कर्स से जनगणना कराने की अनुमति दी गई : कांग्रेस

भास्कर के अनुसार एसआईआर पर देश में जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने जनगणना नियमों में संशोधन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि सरकार ने आरएसएस और भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं को गणनाकर्मी नियुक्त करने की अनुमति दे दी। जनगणना 2027 इनके लिए रोजगार गारंटी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की तरह जनगणना में भी खतरनाक तरीके से हेरफेर होगा।

सरकार उर्दू-बांग्ला शिक्षकों की नौकरी बचाए: तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उर्दू-बांग्ला स्पेशल और मार्च 2015 के बाद नियुक्त शिक्षकों की नौकरी बचाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। उनको बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इन शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। सरकार कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे। तेजस्वी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश के हवाले प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने 1 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया। इससे हजारों नियोजित शिक्षकों, 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों और 2015-16 में नियुक्त उर्दू-बांग्ला स्पेशल शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है। उर्दू व बांग्ला स्पेशल शिक्षकों की नियुक्ति 2014 की प्रक्रिया की निरंतरता में अदालती आदेशों के तहत हुई थी। इनमें से कई अब प्रशिक्षित होकर सक्षमता परीक्षा पास कर चुके हैं। विशिष्ट या प्रधान शिक्षक के पद पर हैं। नियोजन अभिलेख या मेधा सूची में प्रशासनिक खामी की सजा वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को देना अन्यायपूर्ण है।

मेड इन पाकिस्तान लिखी चादर बेचने के मामले में दो गिरफ्तार

पूर्वी चंपारण ज़िले के तुरकौलिया प्रखंड के रघुनाथपुर में मेड इन पाकिस्तान लिखा टैग लगी चादर बेचने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्ध यूपी के रहने वाले है। एक संदिग्ध बाराबंकी जिला के बडूपुर थाना क्षेत्र के मलवान गांव का मोहम्मद सलमान है। जबकि दूसरा फरुखाबाद जिले के महम्मदाबाद कसबा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर का मोहम्मद दिलशाद है। मामले की जानकारी लेने के लिए एटीएस की टीम भी रघुनाथपुर थाने पहुंची थी। गत 6 अक्टूबर को दोनों युवक इलाके में फेरी लगाकर मात्र 200 रुपए में पाकिस्तान लिखी चादर बेच रहे थे। कई लोगों ने रघुनाथपुर में चादर खरीदी भी थी। इसी दौरान एक खरीदार की नजर चादर पर लगे टैग पर पड़ी, जिस पर मेड इन पाकिस्तान लिखा हुआ था।

किस बिस्किट में मिलाया जाता था जानवरों को खिलाने वाला चोकर

जागरण के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड, डोडला डेयरी लिमिटेड और यूईआइआर आर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। खाद्य नियामक के अनुसार इन कंपनियों से जुड़े मामलों में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें और जांच में सामने आई कमियां कार्रवाई का आधार बनी हैं। जांच में पाया गया कि कंपनी प्रियागोल्ड बिस्कुट के निर्माण में फाइबर के स्रोत के रूप में पशुओं के चारे के लिए निर्धारित चोकर का इस्तेमाल कर रही थी। चोकर से भरे बोर्न पर भी स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यह सामग्री पशु चारे के लिए है मानव उपभोग के लिए नहीं। 

कुछ और सुर्खियां:

  • भोजपुर के संदेश थाना क्षेत्र में सोन नदी में नहाने के दौरान डूबने से दो सगे भाइयों समेत चार की मौत
  • बिहार में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में रिटायर्ड शिक्षकों और हेड मास्टरों के 300 पोस्ट्स लिए कॉन्ट्रैक्ट पर बहाली की प्रक्रिया शुरू
  • बांग्लादेश के कोष’एस बाजार जिले में रिसोर्ट में आग लगने से 10 लोगों की मौत
  • गुजरात के भरूच जिले में केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट से पांच मजदूरों की मौत

अनछपी: कोलकाता के पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर बेहद दुखदाई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाना बेहद जरूरी है। यह इत्तेफाक हो सकता है कि पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी भारतीय जनता पार्टी के सरकार की पहली दुर्गा पूजा के दौरान इतना बड़ा हादसा हो गया लेकिन पंडाल के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ संभालने के लिए वहां पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं थी। यह बात भी ध्यान देने की है कि कोलकाता में दुर्गा पूजा समितियों पर राजनीतिक हस्तक्षेप बहुत रहता है और पिछली ममता सरकार की दुर्गा पूजा समिति को बदलकर मुख्यमंत्री शुभेंदु सरकार ने नई पूजा समिति बनवाई थी। दरअसल पश्चिम बंगाल में पूजा समिति राजनीतिक लाभ लेने का माध्यम बन चुकी है और पंडाल की सुरक्षा किनारे लगी रहती है। वैसे तो पश्चिम बंगाल की पुलिस बहुत ही प्रोफेशनल मानी जाती है लेकिन कोलकाता में हुआ हादसा यह बताता है कि उसकी दक्षता इस बार लोगों की जान बचाने में ना काम रह गई। इस हादसे में मौत पर सियासत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए लेकिन यह जरूरी है कि इसके लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों और नेताओं को दंडित किया जाए। 

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