बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे के साथ ही पीएम और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। केंद्र सरकार ने राज्यों से धार्मिक आबादी में बदलाव का डेटा तलब किया है। केंद्र सरकार की बनाई समिति ने राज्यों से धार्मिक आबादी में बदलाव का जिलेवार डेटा मांगा है।
और, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी ने राम को अमीरों और शिव को गरीबों का देवता बताया तो भाजपा ने की आपत्ति।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार अब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री सरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर भी सियासी निशाना साधा है। कांग्रेस कार्यसमिति की मंगलवार हुई बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे के साथ ही पीएम और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा दी। इतना ही नहीं, पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया को तत्काल रोकने और वोटर लिस्ट से अब तक हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम उसमें फिर से शामिल करने की मांग की है। साथ ही देशभर में विपक्षी दलों के साथ मिलकर संसद से सड़क तक राजनीतिक विरोध अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है।
भाजपा ने कांग्रेस की मांग की आलोचना की
कांग्रेस कार्यसमिति में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में पारित किए गए प्रस्ताव की भाजपा ने आलोचना की है। पार्टी ने सवाल किया कि कांग्रेस नेतृत्व मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों और डुप्लीकेट नामों को बनाए रखने पर जोर क्यों दे रहा है। भाजपा ने कांग्रेस पर अपनी चुनावी हार छिपाने के लिए मतदाता सूची में बदलाव के मामले में “यू-टर्न” लेने का आरोप लगाया और उन मौकों की याद दिलाई जब कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची को ठीक करने की मांग की थी।
राज्यों से धार्मिक आबादी में बदलाव का डेटा तलब
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत बनी ‘जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्च-स्तरीय समिति’ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जिलों, औद्योगिक क्लस्टर और सीमावर्ती जिलों में पिछले 15 वर्षों में धार्मिक आबादी में आए बदलावों का डाटा मांगा है। समिति ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इस आशय का एक पत्र भेजकर 2011 से आदिवासी आबादी की धार्मिक संरचना का डाटा भी मांगा है। सरकार ने जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रकाश प्रभाकर नवलेकर की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी, जिसके फलस्वरूप उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था।
भाजपा विधायक राजू सिंह की सजा बरकरार, विधायकी जाएगी?
जागरण के अनुसार दिल्ली में हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला की मौत के मामले में दोषी करार दिए गए बिहार के पूर्व मंत्री व मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को हाई कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने सजा पर रोक लगाने की मांग वाली राजू सिंह की याचिका खारिज कर दी। 31 दिसंबर, 2018 को जश्न में की फायरिंग से मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी चार साल की सजा पहले ही निलंबित कर दी थी और जमानत दे दी थी। सजा पर रोक लगाने से हाई कोर्ट के इन्कार के बाद अब राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता खतरे में है।
परिवार को क्वार्टर में आने से रोका तो बिहार के जवान ने चार साथियों को भूना
भास्कर के अनुसार जम्मू-कश्मीर के कठुआ में मंगलवार शाम सीआईएसएफ के एक हेड कॉन्स्टेबल ने अपने साथियों पर गोलियां चला दीं। असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 जवानों की मौत हो गई। कठुआ की एसएसपी मोहिता शर्मा के मुताबिक, घटना शाम करीब 7 बजे बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-III जलविद्युत परियोजना में हुई। मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और कॉन्स्टेबल रफीक अहमद व संदीप कुमार शामिल हैं। पांडे सीआईएसएफ इकाई के कंपनी कमांडर थे। आरोपी 2009 बैच का हेड कॉन्स्टेबल अभिदेश कुमार बिहार का रहने वाला है। उसकी पत्नी पूजा देवी भी सीआईएसएफ में लेडी हेड कॉन्स्टेबल हैं और बसोहली में तैनात हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद पूजा और उनके बच्चे के क्वार्टर में आने को लेकर शुरू हुआ। यूनिट प्रशासन ने बच्चे के साथ वहां आने या रुकने की इजाजत नहीं दी थी। इसी बात पर कहासुनी हुई। इसके बाद अभिदेश क्वार्टर गेट के पास ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय पहुंचा, जहां चारों जवान मौजूद थे। उसने राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अन्य जवानों ने अभिदेश को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया। सीआईएसएफ मुख्यालय ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, एनएसजी और असम राइफल्स में 2021-25 के दौरान आपसी गोलीबारी के 24 मामले दर्ज हुए हैं।
निजी अस्प्ताल उद्योग बन लूट रहे: सुप्रीम कोर्ट
प्रभात खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों द्वारा कैंसर की दवाओं के मूल्य से 10 गुना अधिक दाम मरीजों से वसूले जाने पर मंगलवार को गहरी चिंता जतायी. शीर्ष अदालत ने इसे ‘लूट’ करार दिया. कोर्ट ने सभी दवाओं पर एक समान 16 प्रतिशत ‘मार्जिन’ की हिमायत की. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार से निजी अस्पतालों द्वारा अपने ही दवाखाना से दवाइयां खरीदने को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर गौर करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि इस व्यवस्था से आम आदमी को नुकसान हो रहा है. खुदरा विक्रेताओं को कैंसर की दवा की आपूर्ति 2,700 रुपये में की जाती है, जबकि उसका एमआरपी 27,000 रुपये है. जरा फर्क देखिए. यह तो लूट है. यह अंतर क्यों है? क्यों न हर चीज की एमआरपी पर 16 प्रतिशत का मार्जिन’ रखा जाए? पीठ ने कहा, सोचिए क्या होता है. आखिर में, नुकसान टैक्स देने वालों का ही होता है. पीठ, औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ), 2013 के तहत दवाओं की कीमतों के नियमन, चिकित्सकों द्वारा जेनेरिक दवा लिखे जाने और मेडिकल उपकरण पर नियंत्रण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.
रेवंत ने राम को अमीरों और शिव को गरीबों का देवता बताया
हिन्दुस्तान के अनुसार तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि कांग्रेस दक्षिणी राज्यों में ही सफल है, जबकि उत्तर भारत में उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उत्तर भारत में भगवान राम को चुरा लिया है, जबकि दक्षिण में भगवान शिव की पूजा की जाती है। बोले-शिव गरीबों के देवता हैं, जबकि राम अमीरों के देवता हैं और भाजपा अमीरों की पार्टी है। रेड्डी ने एक कार्यक्रम के दौरान पूछा गया था कि कांग्रेस दक्षिण में लोकप्रिय है, लेकिन उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत में उसकी स्थिति कमजोर क्यों है। इस पर उन्होंने कहा कि हम द्रविड़ हैं। उत्तर भारत में आर्य हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री बी. संजय ने ‘एक्स’ पर कहा कि पहले ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान और मुसलमानों का मतलब कांग्रेस है’ कहने वाले रेड्डी अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच सियासी सीमाएं खींच रहे हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- शिक्षक भर्ती परीक्षा के चतुर्थ चरण TRE 4 में पदों की संख्या बढ़कर 32388 होगी
- सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से लोजपा (आर) के विधायक अमित रानू पर कोर्ट ने तथ्य छिपाने के मामले में 120000 रुपए का जुर्माना लगाया
- भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर आज रात से बंद हो जाएगा गाड़ियों का आना जाना
अनछपी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार कैसे एक संप्रदाय को अत्याचार और प्रताड़ना का निशाना बनाती आ रही है इसका एक आधिकारिक सबूत कल सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से मिला जिसमें संभल के मस्जिद मामले में मुल्ला अफरोज को कथित कबूलनामे के आधार पर एहतियाती हिरासत के लिए एनएसए यानी नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस कार्रवाई को न केवल गलत बताया बल्कि उस पर 10 लख रुपए का जुर्माना भी लगाया लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अखबारों ने इस खबर के इस हिस्से को दबा दिया है। अखबारों ने ज्यादा तवज्जो इस बात को दी है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि किसी से पुलिस के जरिए लिया गया कबूलनामा गिरफ्तार कर रखने का आधार नहीं हो सकता। याद रखने की बात यह है कि कुछ ही दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा की डीएम के जरिए मजदूर के समर्थन में आवाज बुलंद करने वाली एक कार्यकर्ता को एनएसए के तहत जेल में डालने के मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना तो हटा दिया लेकिन कार्यकर्ता पर से एनएसए हटाने का फैसला को बरकरार रखा। अदालतों के इन फैसलों के बावजूद क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और उनके अधिकारी अपने रवैए में कोई बदलाव लाएंगे, कहना मुश्किल है।
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