छ्पी-अनछपी: ईरान छोड़ने की एडवाईज़री, चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश- 7 की मौत
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारत ने एक बार फिर ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को वहां से निकल जाने की एडवाइज़री जारी की है। रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस चतरा जिले के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। आंध्र प्रदेश की पुलिस ने बिहार में तैनात आईजी को गिरफ्तार किया तो कोर्ट से मिली राहत।
और जानिएगा कि बिहार में बच्चों का मोबाइल स्क्रीन टाइम नियंत्रित करने के लिए नीति बनेगी।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार भारत ने सोमवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों से देश छोड़ने को कहा है। केंद्र सरकार ने नागरिकों को सलाह दी कि वे उड़ानों सहित परिवहन के सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करके देश छोड़ दें। तेहरान में नए सिरे से हो रहे विरोध प्रदर्शनों और खाड़ी देश पर अमेरिकी सैन्य हमलों की बढ़ती आशंकाओं के बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक नया परामर्श जारी किया है। ईरान के कई विवि में छात्रों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन किए, जो पिछले महीने तेहरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई क्रूर कार्रवाई के बाद इस तरह का पहला आंदोलन था। दूतावास ने दोहराया कि सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए। परामर्श में कहा गया कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे पासपोर्ट और पहचान पत्र सहित अपने यात्रा और आव्रजन संबंधी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखें।
ईरान की चेतावनी, अमेरिका के हर हमले का कड़ा जवाब देंगे : ईरान ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हम अमेरिका द्वारा किए गए किसी भी हमले का कड़ा जवाब देंगे। हमला छोटा हो या बड़ा, हम तैयार हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा, यदि हमें उकसाया जाएगा तो हम पीछे नहीं हटेंगे। उसने ये टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के बाद की, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम इस देश के खिलाफ छोटे हमले करने पर विचार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने कहा, अपने बचाव के अधिकार के तहत हम किसी भी हमले का आक्रमकता के साथ जवाब देंगे।
चतरा में हेलीकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत
भास्कर के अनुसार रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज प्रा. लि. की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई। इसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एयर एबुलेंस ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता एटीसी से संपर्क टूट गया। रात 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया।। विमान में 7 लोग सवार थे। इनमें दो पायलट (कैप्टन विवेक, कैप्टन सबराजदीप), मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भगीना ध्रुव कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि देर रात तक शव बरामद कर लिए गए। शुरुआती रिपोर्ट में खराब मौसम को संभावित कर्म में माना जा रहा है।
आंध्र की पुलिस ने आईजी को गिरफ्तार किया तो कोर्ट से मिली राहत
प्रभात ख़बर के अनुसार पटना में सोमवार की सुबह उस समय पुलिस महकमे में हलचल मच गयी, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम बिहार अग्निशमन सेवा व होमगार्ड के आइजी एम सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार करने उनके सरकारी आवास पर सुबह छह बजे पहुंची. शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में स्थित आवास पर पहुंची टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की और उन्हें गिरफ्तार करके ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले जाने की तैयारी में जुट गयी. मामले की जानकारी मिलते ही होमगार्ड व अग्निशमन के जवान बड़ी संख्या में आइजी के आवास के बाहर जमा हो गये. जवानों का आरोप था कि बाहर से आयी टीम ने गिरफ्तारी की विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. आवास से जब आंध्र प्रदेश की पुलिस नायक को कोर्ट ले जाने लगी, तो जवानों ने गाड़ियां रोक दी. बाद में स्थानीय पुलिस के सहयोग से मामला शांत कराया गया. 2005 बैच के आइपीएस अधिकारी सुनील कुमार नायक कुछ वर्ष पूर्व अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश में तैनात रहे थे. यह पूरा विवाद 2021 के एक पुराने प्रकरण से जुड़ा है. मामला नरसापुरम (गुंटूर, आंध्र प्रदेश) में पूर्व सांसद और अब आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष के रघुरामा कृष्णा राजू की हत्या के प्रयास और कस्टोडियल टॉर्चर से संबंधित है. आरोप है कि उस समय सीआइडी के डीआइजी के रूप में तैनात नायक ने राजू को हिरासत में लिया और उन्हें प्रताड़ित किया गया.
मेक्सिको के ड्रग माफिया के मारे जाने पर कई शहरों में भारी हिंसा
भास्कर के अनुसार मैक्सिको में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में कुख्यात ड्रग सरगना नेमेसियो ओसेगेरा सवतिस उर्फ ‘एल मेंचो’ मारा गया। इसके बाद 31 में से 13 राज्यों में हिंसा भड़क उठी। कई जगह रोडब्लॉक लगाए गए, गाड़ियों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। सोशल मीडिया पर धुएं के गुबार और एयरपोर्ट पर अफरातफरी के वीडियो सामने आए। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 अन्य मौतों की सूचना है, जिनमें 25 जवान हैं। 2009 में बना जालिस्को न्यूज जेनेरेशन कार्टेल (जेएनजीसी) दुनिया के सबसे ताकतवर आपराधिक संगठनों में है। ऑपरेशन के दौरान बख्तरबंद गाड़ियां और रकिट लॉन्चर सहित भारी हथियार जब्त हुए।
बच्चों के स्क्रीन टाइम करने की नीति बनेगी
जागरण के अनुसार बच्चों का मोबाइल पर स्क्रीन टाइम कम हो, इस संबंध में बिहार सरकार पालिसी लाएगी। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में सिकटा के विधायक समृद्ध वर्मा द्वारा लाए गए प्रश्न के जवाब में यह बात करी। वहीं सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि नेशनल इंस्टीच्यूट आफ मेंटल साइंसेस की रिपोर्ट के आधार पर सरकार निर्णय लेगी। समृद्ध वर्मा ने कहा कि बिहार में हालिया सोच और डबल्यूएचओ के आंकड़े के अनुसार बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। यह समस्या केवल आज ही नहीं, बल्कि हमारे आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और ऑनलाइन गेम्स बच्चों के विकसित होते दिमाग को नष्ट कर रहे हैं। इससे उनमें एकाग्रता की कमी और आक्रामकता बढ़ी है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है।
कुछ और सुर्खियां
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 को किशनगंज, 26 को अररिया और 27 फ़रवरी को पूर्णिया में रहेंगे
- बिहार में धान की सरकारी खरीद की तारीख़ 31 मार्च तक बढ़ी
- लुधियाना से मोतिहारी आ रही बस लखनऊ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पलटी पांच लोगों की मौत
- राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस की प्रतिमा की जगह पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के प्रतिमा लगी
अनछपी: बिहार के दो उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा में इस समय खबरों में बने रहने की जबरदस्त होड़ है। विजय कुमार सिन्हा इस समय रेवेन्यू और रजिस्ट्रेशन वगैरा के मंत्री हैं। पहले तो जमीन रजिस्ट्री के बारे में उनके बयान उन्हें सुर्खियों में रखते थे, अब उन्होंने बिहार में खुले में मीट मछली बेचने पर पाबंदी लगाने और उसके लिए लाइसेंस ज़रूरी होने का जो आदेश जारी किया है उसकी वजह से वह खबरों में छाए हुए हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि मीट मछली बेचने के लिए साफ सुथरी जगह होनी चाहिए और अगर जरूरी हो तो इसके लिए लाइसेंस भी दिया जाए लेकिन सवाल यह है कि क्या मंत्री इस काम को गंभीरता से ले रहे हैं या केवल धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए ऐसा कर रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि खुद राजधानी पटना के बारे में खबर है कि पिछले 10 सालों से यहां मीट मछली बेचने वाले को कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया। अगर मंत्री को यह लग रहा है कि इस आदेश के जरिए वह एक खास समुदाय के मीट विक्रेता को टारगेट कर सकते हैं तो उन्हें कोई यह बताए कि लाखों लोग बिहार में मछली भी बेचते हैं और उनकी दुकानें खुले में होती हैं। तो ऐसे दुकानदारों के लिए सरकार पहले कोई वेंडिंग जोन बनाए ताकि उन्हें अपना रोजगार चलाने में कोई दिक्कत ना हो। कार्टूनिस्ट पवन ने ठीक ही लिखा है कि अगर लाइसेंस चेक करने के लिए कोई सिपाही गया तो उसे एक मुर्गी देकर इस झंझट से छुटकारा पाया जा सकता है। मतलब यह है कि लाइसेंस जारी नहीं करने के लिए भी तो कोई जिम्मेदार होगा? उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और कब होगी? इसलिए सरकार पहले लाइसेंस देने के लिए कैंप लगाए और उदारता से लोगों को लाइसेंस दे। सरकार अगर चाहती है कि खुले में मीट मछली ना बेचे तो इसके लिए वेंडिंग जोन बनाकर दे और फिर कानून पर अमल करे।
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