छपी-अनछपी: छह लाख शिक्षकों को बतानी होगी संपत्ति, 31 तक जारी रहेगा कोल्ड डे
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार के 81 हजार सरकारी स्कूलों के सभी कोटि के लगभग 6 लाख शिक्षकों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। बिहार में 31 दिसंबर तक घने कोहरे के साथ कोल्ड डे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बांग्लादेश के निर्वाचित नेता तारिक रहमान ने देश वापस लौट के बाद बयान दिया है कि वह सभी धर्म का देश है।
और, जानिएगा कि बिहार मैं हेलमेट न लगाने और सीट बेल्ट न बांधने जैसे मामलों में गली मोहल्लों और में चालान काटने की तैयारी चल रही है।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के 81 हजार सरकारी स्कूलों के सभी कोटि के लगभग 6 लाख शिक्षकों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। उसके बाद ही उन्हें जनवरी का वेतन मिलेगा। संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान रोक दिया जाएगा। जिन कोटि के शिक्षकों को चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना है, उनमें प्रधानाध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक एवं नियोजित शिक्षक शामिल हैं। यानी प्रारंभिक स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूल के सभी सभी शिक्षक इसके दायरे में आ गए हैं। इससे संबंधित निर्देश के अनुसार शिक्षकों द्वारा चल एवं अचल संपत्ति तथा दायित्वों की विवरणी ए-फोर साइज के सादे कागज में दिया जायेगा। वह कम्प्यूटर टंकित होगा। संबंधित अनुलग्नक के साथ विवरणी तीन पृष्ठों का होगा। प्रत्येक पृष्ठ पर नीचे में शिक्षक का हस्ताक्षर अनिवार्य होगा। मालूम हो कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी के निर्देश के तहत राज्य के समूह क, ख एवं ग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2025 की स्थिति पर आधारित चल एवं अचल संपत्ति एवं दायित्वों का ब्योरा सौंपना अनिवार्य है।
31 दिसंबर तक घने कोहरे के साथ कोल्ड डे
जागरण के अनुसार बिहार में 31 दिसंबर तक घने कोहरे के साथ कोल्ड डे (शीत दिवस) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश में अलग-अलग भागों में घने कोहरे के साथ पछुआ के साथ कनकनी बढ़ी रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शुक्रवार को 11 जिलों जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी व शिवहर में कोल्ड डे के आसार हैं। इस दौरान इन जिलों में कनकनी का प्रभाव बना रहेगा। राजधानी सहित सभी जिलों में घने कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। चार से पांच दिनों के दौरान अधिसंख्य -भागों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं। गुरुवार को राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस सहरसा (अगवानपुर) में दर्ज किया गया। राजधानी का न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बांग्लादेश सभी धर्म का देश: तारिक़
हिंदुस्तान के अनुसार ब्रिटेन में 17 साल गुजारने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान गुरुवार को स्वदेश लौट आए। इस दौरान लाखों की भीड़ को संबोधित करते हुए पहले भाषण में रहमान ने कहा कि यह देश सभी धर्मों के लोगों का है और हम यहां शांति चाहते हैं। खालिदा जिया के बेट रहमान 2008 से ही लंदन में रह रहे थे। पिछले साल यूनुस की अंतरिम सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद उनकी स्वदेश वापसी हो सकी। अगले साल 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उन्हें पीएम पद का प्रमुख उम्मीदवार माना जा रहा है, क्योंकि खालिदा बीमार हैं और उनका उपचार चल रहा है।
क्या टूटेगी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी?
भास्कर के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में इन दिनों सबकुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। ताजा घटनाक्रम में पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के भोज में उनके ही तीन विधायक शामिल नहीं हुए। जबकि विधायक बुधवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि रालोमो में सब ठीक नहीं इन विधायकों में मधुबनी विधायक माधव आनंद, बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो है। और दिनारा विधायक आलोक सिंह शामिल हैं। दैनिक भास्कर ने जब रालोमो प्रमुख से पार्टी में असंतोष की बात पूछी, तो उन्होंने बात नहीं की। विधायकों के बारे में पूछे जाने पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया- सच्चा सेक्यूलरिज़्म क्या है?
जागरण लखनऊ की खबर है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आजादी के बाद एक प्रवृत्ति विकसित हो गई थी कि प्रत्येक सकारात्मक उपलब्धि का श्रेय एक ही परिवार को जाए। उनकी सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दृष्टिकोण को अपना मिशन बनाया, जिससे योजनाओं का लाभसभी गरीबों तक बिना भेदभाव पहुंच रहा है। परिवारवाद और तुष्टीकरण पर प्रहार करते हुए कहा कि दशकों तक देश में सत्ता कुछ परिवारों के इर्द-गिर्द सिमटी रही। एक परिवार ने देश को बंधक बनाए रखा। भाजपा ने इस सोच को खत्म कर बिना भेदभाव सबका विकास कर सच्चा सेक्युलरिज्म (पंथनिरपेक्षता) स्थापित किया है। वसंतकुंज में 65 एकड़ में निर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमाओं के अनावरण और पुष्प अर्पण के बाद प्रधानमंत्री लोगों को संवोधित कर रहे थे।
बांग्लादेश में एक और हिन्दू युवा की हत्या
हिन्दुस्तान के अनुसार बांग्लादेश में सप्ताह भर के भीतर भीड़ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। राजबाड़ी जिले में भीड़ ने एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। स्थानीय दैनिक समाचार पत्र ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। मृतक की पहचान अमृत मंडल उर्फ सम्राट के रूप में हुई है। घटना बुधवार रात राजबाड़ी होसेनडांगा गांव में हुई। इससे पहले 18 दिसंबर को मयमनसिंह शहर में 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में हत्या कर दी थी।
गली मोहल्लों में चालान कटेगा, हो जाएं होशियार
प्रभात ख़बर के अनुसार परिवहन विभाग ने मुख्य सड़कों के साथ-साथ गली-मोहल्लों और गांवों तक सीसीटीवी कैमरे से यातायात निगरानी विस्तार की योजना बनायी है. इस योजना में आम लोगों की भी भागीदारी होगी. पीपीपी मोड पर सीसीटीवी कैमरा लगाने वाले लोग चालान काट सकेंगे और इसके भुगतान के आधार पर उन्हें कमीशन भी दिया जायेगा. विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर योजना को सख्ती से लागू करेगा. इससे राज्य भर में अब न केवल मुख्य सड़कों, बल्कि गली-मोहल्लों में भी यातायात नियम तोड़ना मुश्किल होगा. बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और ट्रिपल लोड वाहन चलाने वालों पर नये साल से कड़ी नजर रखी जायेगी. इसके लिए पूरे राज्य में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है.
कुछ और सुर्खियां:
- कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में ट्रक डिवाइडर पार कर लग्जरी स्लीपर बस से टकराया, 6 लोग जिंदा जले
- कोहरे का कहर जारी- तेजस राजधानी 11 घंटे देर से पटना पहुंची, 4 फ्लाइट कैंसिल
- सिंगापुर में प्रमुख हिंदू मंदिरों का प्रबंधन करने वाली संस्था हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड की सीईओ बनी सरोजिनी पद्मनाथन
- मुजफ्फरपुर के सकरा में बिहार का पहला हल्दी क्लस्टर बनेगा
- रोहतास के अकबरपुर थाना क्षेत्र में सिपाही भर्ती दौड़ की तैयारी कर रहे दो युवकों को ट्रक ने रौंदा, दोनों की मौत
अनछपी: बिहार सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में जिस अधिकारी ने भी यह प्रस्ताव दिया है कि हर चौक चौराहे पर आम लोगों को सीसीटीवी कैमरा लगाने की इजाजत दी जाएगी ताकि वह सीट बेल्ट न बांधने और हेलमेट न लगने वाले लोगों का चालान काट सके। एक अखबार में इसे एक मौके के तौर पर पेश किया है लेकिन हकीकत यह है कि यह समझ में झगड़ा लगाने वाला प्रस्ताव है। पहली बात तो यह कि बिहार सरकार को पैसे कमाने का इतना ही शौक है तो वह अपने खर्चों को कम करे, किफायत से काम ले और आर्थिक संसाधन जुटाना का सही तरीका अपनाए। सरकारी अधिकारियों और एमपी एमएलए और मंत्रियों पर जो खर्च होता है उसे कम करना चाहिए, ना कि आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। यह बात भी याद रखने की है कि लोग मोहल्ले के अंदर दूध लाने दवा लाने और ऐसी छोटी-मोटी जरूरत के लिए जब निकलते हैं तो हेलमेट लगाना उनके लिए जरूरी नहीं होता है। हेलमेट लगाने का मकसद सुरक्षा है लेकिन क्या मोहल्ले में कोई इतनी तेज गाड़ी चला सकता है कि वह एक्सीडेंट करे और उसके सिर में चोट भी लगे? जरूरी है कि इस प्रस्ताव का विरोध किया जाए और ऐसे किसी भी कदम का विरोध होना जरूरी है जिससे आम लोगों को परेशानी हो और समाज में झगड़ा लगे।
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