छपी-अनछपी: बिहार में पांच दिन कड़ाके की ठंड का अलर्ट, बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में 28 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का अलर्ट दिया गया है। भारत सरकार ने कहा है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल बन रहा है। अखलाक हत्याकांड में दर्ज मुकदमे को वापस लेने की उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज।
और जानिएगा कि 25 वर्षों के सफर में चांदी ने कैसे दिया 2600 प्रतिशत रिटर्न।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर हो रहा है। बीते छह दिनों से बिहार में पछुआ के कारण कनकनी का प्रभाव बना हुआ है। बर्फीली पछुआ हवा के कारण राज्य में (कोल्ड डे) शीत दिवस की स्थिति बनी हुई। दिन और रात के समय एक जैसी सर्दी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, 28 दिसंबर तक मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इस बार ला नीना की स्थिति के कारण ठंड के दिनों में वृद्धि के आसार हैं। ऐसे में फरवरी तक ठंड का असर बने रहने की संभावना है। पटना, गया, भागलपुर में घना कोहरा छाए रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान गया में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिहार का न्यूनतम तापमान 7.8 से 13.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पटना जिले के सभी सरकारी-निजी विद्यालयों में कक्षा आठ तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 24 से 26 दिसंबर तक के लिए रोक लगा दी गयी है।
छात्र नेता की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल
जागरण के अनुसार भारत ने बांग्लादेश की सरकार को दो टूक कहा है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद जिस तरह से वहां भारत विरोधी माहौल बना है, उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी यूनुस सरकार की ही है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से उम्मीद जताई है कि वह छात्र नेता हादी की हत्या की जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कराएगी। यह बात भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह के समक्ष कही। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले पर चिंता जताने के साथ ही वहां भारत के खिलाफ अफवाहों पर खास तौर पर चिंता जताई है। इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारतीय हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा को तलब किया था और उनके समक्ष भारत में बांग्लादेशी उच्चायोग और वीजा केन्द्रों के बाहर हुए प्रदर्शनों और कथित तोड़फोड़ की घटनाओं को उठाया था।
बांग्लादेश में मॉब लिंचिंग के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन
प्रभात खबर ने लिखा है कि बांग्लादेश में 18 दिसंबर को कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की मैमनसिंह के बालुका में कथित ईशनिंदा के बहाने भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किये जाने और उसके शव को आग लगा देने की घटना के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल और जम्मू सहित देशभर में विभिन्न संगठनों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. दिल्ली में विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों समर्थकों ने कड़ी सुरक्षा वाले बांग्लादेश उच्चायोग के पास प्रदर्शन किया, तख्तियां लहरायीं, हनुमान चालीसा का पाठ किया और नारे लगाये, हालांकि सुरक्षा बालों ने उन्हें उच्चायोग से 800 मीटर दूर रोक दिया. वहीं, कोलकाता में ‘बोंगियो हिंदू जागरण’ के बैनर सैकड़ों लोगों ने ‘हिंदू हुंकार पदयात्रा’ निकाली और सियालदह से बांग्लादेश के उप उच्चायोग तक मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोक दिया. इसे लेकर पुलिस से उनकी झड़प भी हुई. जम्मू में जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट बार एसोसिएशन, शिवसेना डोगरा फ्रंट, विहिप और बजरंग दल ने अलग-अलग ने प्रदर्शन किया.
अखलाक हत्याकांड: मुकदमा वापस लेने की सरकार की याचिका खारिज
जागरण के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय ने मंगलवार को अखलाक हत्याकांड में दर्ज मुकदमे को वापस लेने की उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। जज सौरभ द्विवेदी ने अभियोजन पक्ष की ओर से केस वापसी के लिए दाखिल अर्जी को आधारहीन करार देते हुए निरस्त कर दिया। जज ने अभियोजन को बाकी गवाहों व साक्ष्यों को जल्द अदालत के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी। वहीं, मामले से जुड़े गवाहों की आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा देने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं। इससे पहले शुक्रवार को पीड़ित स्वजन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मामला वापस लेने के लिए न्यायालय में लगाई अर्जी के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
25 वर्षों के सफर में चांदी ने दिया 2600 प्रतिशत
मुंवई आइएएनएसः वर्ष 2000 में देश में चांदी की कीमतें लगभग 7,900 रुपये प्रति किलो थी और आज यह सफेद धातु 2.17 लाख प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है। अगर वर्ष 2000 में किसी व्यक्ति ने इसमें निवेश किया होता तो उसे अब तक 2600 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न मिलता। चांदी का यह शानदार सफर दिखाता है कि कैसे सफेद धातु (जो अक्सर सोने से पीछे रह जाती है) पिछले ढाई दशकों में संपदा निर्माण का जरिया बनकर उभरी है। साल, 2000 में चांदी में किया गया सिर्फ एक हजार रुपये का निवेश इस समय लगभग 26,455 रुपये का हो जाता। खास बात यह है कि चांदी ने 2025 में सोने से बेहतर रिटर्न दिया।
कुछ और सुर्खियां:
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- गया के खिज़रसराय थाना क्षेत्र के खैरा गांव में 11000 वोल्ट का बिजली तार गिरने से तीन युवकों की मौत
- दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसे उपन्यास लिखने वाले विनोद शुक्ल नहीं रहे
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- किशनगंज और दरभंगा स्थित बिहार के दो माइनॉरिटी रेसिडेंशियल स्कूलों में एडमिशन का प्रोसेस शुरू
- पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन पीआईए 135 अरब रुपए में बिक गई
अनछपी: सोशल मीडिया का कैसे गलत इस्तेमाल होता है इसका एक खतरनाक उदाहरण मोतिहारी से सामने आया है जहां एक गुमशुदा बच्चे के मां-बाप ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली तो अपराधियों ने उसे फोटो को एडिट कर उसकी गर्दन पर चाकू रख दिखाया और फिरौती की रकम वसूली। यह मामला मोतिहारी के आजाद नगर मानसपुरी में रहने वाले परवेज आलम के भतीजे तेरह साल के आरिफ आलम का है थी और वह कुछ दूर पर खेलने गया था। आरिफ के पिता कतर में काम करते हैं।।खबरों के अनुसार बच्चों के मां-बाप ने तस्वीर के साथ यह लिख के अगर यह कहीं मिले तो इस नंबर पर खबर दें। डिजिटल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जमाने में अपराधियों ने मां-बाप से बच्चे की आवाज में बात करवाई और उन्हें यकीन दिलाया कि उनका खोया हुआ बच्चा उन लोगों के पास ही है। शायद बच्चा खोने का दुख और उसे पाने की उम्मीद में मां-बाप को भी लगा कि जो आवाज अपराधी सुना रहे हैं वह उनके बच्चे की ही है हालांकि ₹50000 की फिरौती देने के बावजूद बच्चा उनके पास से नहीं बल्कि कहीं और से मिला। अपराधियों ने जिस बैंक में यूपीआई से ₹50000 डलवाए उसका अकाउंट हैदराबाद के किसी आदमी के पास है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि वह खाता किसके नाम पर है। कुल मिलाकर समझने की बात यह है कि अगर कोई बच्चा खोता है या कोई और जानकारी की जरूरत होती है तो अपना फोन नंबर देने की वजह से साइबर फ्रॉड उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और इस मामले में बेहद चौकन्ना रहने की जरूरत है। क्या यह बेहतर नहीं होगा कि ऐसी किसी जरूरत के वक्त पुलिस का नंबर दिया जाए ताकि फ्रॉड करने वाले पकड़े जाएं।
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