छ्पी-अनछपी: अमेरिका से डील पर ग्रहण, पाक-अफगान तनाव चरम पर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर ग्रहण लग गया है। पाकिस्तान ने शनिवार देर रात अफगानिस्तान के कई प्रांतों में एयर स्ट्राइक की जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर में घुसने वाले शख़्स को गोली मार ढेर किया गया। पटना में अंधाधुंध फायरिंग कर दो भाइयों की हत्या कर दी गई।

और, जानिएगा कि अब आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ बदलवाने के लिए क्यू आर कोड वाले बर्थ सर्टिफिकेट की ज़रूरत होगी।

पहली ख़बर

जागरण के अनुसार अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के वैधानिक दस्तावेज को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों की टीम इस सप्ताह (23-26 फरवरी) वाशिंगटन में अमेरिकी वाणिज्य विभाग के साथ मसौदे को अंतिम रूप देने वाली थी, लेकिन बदली परिस्थितियों के मद्देनजर इसे अगली तारीख तक स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष अप्रैल में ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को अवैध करार दे दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक शुल्क घोषित किया और बाद में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि 15 प्रतिशत के इस नए शुल्क को भी अमेरिकी अदालतों में चुनौती दी जा सकती है, जिससे आगे और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती हैं। 

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान में तनाव चरम पर

हिन्दुस्तान के अनुसार पाकिस्तान ने शनिवार देर रात अफगानिस्तान के कई प्रांतों में एयर स्ट्राइक की। इन हमलों में एक ही परिवार के 16 लोग मारे गए। पाक ने दावा किया कि उसने सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 80 आतंकी मारे गए। तालिबान शासन ने पाक को चेतावनी देते हुए कहा, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। हमलों के बाद पाक ने कहा कि रमजान के दौरान और बीते दिनों बाजौर और बन्नू में हुए आतंकी हमलों के जवाब में सही और सटीक तरीके से ये कार्रवाई की गई। पाक ने कहा कि हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि अफगानिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर आतंकियों ने इस्लामाबाद की शिया मस्जिद और बन्नू में हमलों को अंजाम दिया था। इसलिए हमने अफगान सीमा क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

ट्रंप के घर में घुसने वाले शख़्स को गोली मारी

प्रभात खबर के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो के सुरक्षा घेरे में एक हथियारबंद व्यक्ति ने प्रवेश किया, जिसे गोली मार कर ढेर कर दिया गया. अमेरिका की गोपनीय सेवा (सीक्रेट सर्विस) ने इसकी पुष्टि की. एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है. सीक्रेट सर्विस की ओर से बयान जारी किया गया है. इसमें बताया गया है कि यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंटों और पाम बीच काउंटी शेरिफ कार्यालय के एक डिप्टी ने मार-ए-लागो के सुरक्षित क्षेत्र में गैरकानूनी प्रवेश के बाद एक व्यक्ति को गोली मार दी. इस व्यक्ति की पहचान अभी गोपनीय रखी गयी है.

पटना में अंधाधुंध फायरिंग कर दो भाइयों का मर्डर

गोपालपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर में रविवार रात जमीन विवाद में दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। करीब एक दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया। मृतकों की पहचान मनीष और उसके छोटे भाई मंजीत के रूप में हुई है। दोनों भाइयों को सीने और शरीर के ऊपरी हिस्से में 5-6 गोलियां मारी गईं। घटना रात करीब 9 बजे की है। दोनों भाई गांव के ही दौलत राय के बेटे विक्की की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने गए थे। खेत में पंडाल लगाकर भोज का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। भोज के दौरान खाना खाने के बाद दोनों भाई हाथ धोने जा रहे थे। तभी 10-12 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। पकड़कर सिर और सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान 24 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। मनीष की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल मनजीत को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी भी मौत हो गई। गांव वालों ने बताया कि 6 बीघा जमीन के मुकदमा का फैसला इन दोनों भाइयों के पक्ष में आया था। इसी रंजिश में उन्हें गोली मारी गई है। 

आधार में सुधार के लिए क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।

हिन्दुस्तान के अनुसार आधार कार्ड पर जन्म तिथि में सुधार करवाने के लिए अब क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। जिनके जन्म प्रमाणपत्र में क्यूआर कोड नहीं होगा, उन्हें पहले नगर निगम से उसपर क्यूआर कोड डलवाना होगा, तभी आधार कार्ड पर सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। बिना क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाण पत्र को ऑनलाइन आवेदन के समय स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने इसकी जानकारी सभी आधार सेवा केंद्र को दी है। हर दिन बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र के सुधार को आवेदन आते हैं। ऐसे में पुराने वाले जन्म प्रमाण पत्र को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। आवेदक को क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र लाने को कहा जा रहा है। पहले बिना क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाण पत्र भी ले लिया जाता था। अब वहीं जन्म प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाएंगे जो नगर निगम से ऑनलाइन जुड़ा होगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • बोधगया में बिहार पुलिस की एसटीएफ पर हमला तीन जवान घायल, हथियार भी लूटे गए
  • बिहार में 1951 नायाब उर्दू ट्रांसलेटर की भर्ती होगी, जून में प्रारंभिक परीक्षा
  • क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 50 लाख रुपए और अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी साजिश को नाकाम करने और 8 को गिरफ्तार करने का दावा किया
  • एक करोड़ रुपए के इनामी माओवादी नेता देवजी ने तेलंगाना पुलिस के सामने समर्पण किया

अनछपी: दुनिया में इंसानों की गुलामी या दास प्रथा ऊपरी तौर पर तो खत्म हो चुकी है लेकिन यह किसी न किसी रूप में मौजूद है भले ही हमारे समाज में इसकी चर्चा नहीं होती हो। ह्यूमन ट्रैफिकिंग आज गुलामी प्रथा का ही एक दूसरा रूप है और इस पर गंभीर कार्रवाई की जरूरत है। पहले तो मेहनत मजदूरी के लिए लोगों की ट्रैफिकिंग होती थी लेकिन अब उनसे साइबर क्राइम कराया जाता है और यह बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसीलिए आजकल इस मॉडर्न स्लेवरी या आधुनिक गुलामी कहा जाता है। इसे समझने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट देखी जा सकती है जिसमें बताया गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया (म्यांमार, कंबोडिया और लाओस) में साइबर अपराध अब एक गंभीर मानवीय संकट का ठिकाना बन चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने रिपोर्ट में बताया कि लगभग तीन लाख लोग इन रिमोट इलाके में छिपे स्कैम सेंटर्स में जबरन काम करने को मजबूर हैं। यह सभी भारत समेत 66 अलग-अलग देशों से तस्करी कर लाए गए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, यहां लाखों लोगों को बेहतर नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाया गया और जबरन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अरबों डॉलर की साइबर ठगी करवाई जा रही है। अभी तक अनुमान लगाया गया है कि इस स्कैम इंडस्ट्री का सालाना धंधा लगभग 5.3 लाख करोड़ रुपये का है। संयुक्त राष्ट्र ने जनवरी, 2023 से लेकर मार्च, 2025 तक सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि 74 फीसदी साइबर केंद्र मेकांग क्षेत्र में हैं, जो करीब पांच सौ एकड़ में फैले हुए हैं। यह ऊपर से देखने पर मिनी शहर जैसा दिखता है। यहां ऊंची दीवारे, कांटेदार तार और हथियारबंद गार्ड तैनात हैं। भारत में कई बार ऐसे ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार लोगों को छुड़ाए जाने की भी खबर आती है लेकिन फिर भी यह सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। 

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