छपी-अनछपी: इंडिगो मामले में सरकार से सवाल, चार लाख में बच्चे का सौदा
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो फ्लाइट्स के मामले में केंद्र सरकार से सवाल किया है कि उसने इससे निपटने के लिए क्या किया और दूसरी एयरलाइंस को मनमाना कराया वसूल ने क्यों दिया। सारण जिले के मशरक में चार लाख में एक नवजात बच्चे का सौदा का मामला आने के बाद अस्पताल को सील किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है प्रगति यात्रा के दौरान मिले फीडबैक के आधार पर बनी योजनाओं के लिए 50000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
और, एक अफसोसनाक खबर पूर्णिया से जहां झगड़ा छुड़ाने गए शख़्स के दो बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी गई।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार दिल्ली सहित देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की सैकड़ों उड़ानों के रद होने से हजारों यात्रियों को असहनीय पीड़ा पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कई सवाल उठाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि अगर इंडिगो एयरलाइन नियमों का पालन नहीं कर रही थी, तो सरकार ने क्या किया? ऐसी स्थिति में सरकार के पास क्या प्रविधान है और क्या डिफाल्ट करने वाली एयरलाइंस के खिलाफ कार्रवाई करने में केंद्र सरकार लाचार है? विमानों के किराये में बेतहाशा बढ़ोतरी पर पीठ ने सवाल किया कि अगर कोई संकट था, तो दूसरी एयरलाइंस को फायदा उठाने की इजाजत कैसे दी गई? पांच हजार का किराया 35 हजार से 40 हजार तक कैसे पहुंच सकता है। दूसरी एयरलाइंस ने बड़ी दरें वसूलना कैसे शुरू कर दिया।
हर्जाना दे इंडिगो
हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि प्रगति यात्रा की 430 योजनाओं पर 50 हजार करोड़ खर्च होंगे। हम सभी चाहते हैं कि बिहार देश के पांच अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हमलोग लगातार प्रयत्नशील हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को तेजी से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
चार लाख में नवजात बच्चे का सौदा
सारण (छपरा) मशरक के महावीर चौक स्थित संजीवनी इमरजेंसी हास्पिटल से बिन ब्याही मां की नवजात संतान के सौदे के मामले में पुलिस ने बुधवार को कई खरीदारों व बिचौलियों को गिरफ्तार कर लिया। मुक्ति मिशन फाउंडेशन के वीरेंद्र कुमार, सीओ सुमंत कुमार, बीडीओ पंकज कुमार, इंस्पेक्टर इंद्रजीत महतो, कार्यपालक पदाधिकारी बब्लू कुमार, और थानाध्यक्ष रणजीत कुमार पासवान, नारायणी सेवा संस्थान से अखिलेंद्र सिंह की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया। बताया गया कि वरीय एसपी डा. कुमार आशीष के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार नवजात का सौदा चार लाख में किया गया था। मामले में कुछ और लोगों की संलिपिता की जानकारी मिली है।
सुपौल के अस्पताल से बच्चा गायब!
सुपौल जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल के एसएनसीयू से एक नवजात गायब हो गया। नवजात निर्मली अनुमंडल के पिपराही, वार्ड नंबर-13 की रहने वाली फूल कुमारी देवी का पुत्र है। उसने बताया कि उसका मायका मधुबनी जिले के अंधरामठ में है। सात अगस्त को निर्मली अस्पताल में पुत्र पैदा हुआ, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसी दिन सदर अस्पताल के एसएनसीयू में बच्चे को भर्ती किया गया। बुधवार को दिन में 10 बजे के करीब दूध पिलाने के लिए उसे बाहर लाया गया और फिर एसएनसीयू में रख दिया गया। कुछ देर के बाद जब बच्चा को देखने गई तो वह वहां नहीं था।
बिहटा के अस्पताल से 5 साल की बच्ची गायब
भास्कर के अनुसार ईएसआईसी अस्पताल, बिहटा (पटना) में इलाज कराने आई 5 साल की बच्ची गायब हो गई। उसका नाम घनेश्वरी कुमारी है। वह बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गांव के रहने वाले अजय कुमार की बेटी है। उसकी मां का नाम सपना कुमारी है। सपना चार दिन पहले इस अस्पताल में भर्ती हुई थी। बच्ची 10 मिनट में ही अस्पताल से लापता हो गई। घटना की सूचना पर बिहटा पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल में वार्ड से लेकर निकास द्वार तक के सीसीटीवी खंगाले गए हैं। कैमरे में एक महिला गार्ड एवं एक अज्ञात युवक दिखा है। युवक मुंह में गमछा बांधे हुए है। पुलिस ने महिला गार्ड को हिरासत में ले लिया है। थानेदार रंजीत कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची देर रात तक नहीं मिली है।
प्रगति यात्रा के बाद बनी योजनाओं पर पचास हजार करोड़ खर्च होंगे
हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि प्रगति यात्रा की 430 योजनाओं पर 50 हजार करोड़ खर्च होंगे। हम सभी चाहते हैं कि बिहार देश के पांच अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हमलोग लगातार प्रयत्नशील हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को तेजी से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
पूर्णिया में झगड़ा छुड़ाने वाले के दो बच्चों का मर्डर
पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र की रायबैर पंचायत में मंगलवार देर शाम दो युवकों की लड़ाई को सुलझाने गए दंपती के तीन बच्चों का झगड़े में शामिल आरोपियों ने गला रेत दिया। इससे दो बच्चों की मौत हो गई जबकि तीसरी डेढ़ साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल है। पीड़ित पिता मजूब आलम ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की शाम करीब सात बजे वह अपने तीन छोटे बच्चों पांच वर्षीय इनायत, तीन वर्षीय गुलनाज और एक वर्षीय कुलसुम को सुलाकर पत्नी राहेन के साथ खाना खा रहे थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पर हसनैन और भतीजा अबरार के बीच झगड़े की आवाज सुनाई दी। इस पर वे पत्नी के साथ बाहर गए और झगड़ा छुड़ाने लगे। तभी हसनैन और उसके साथी अरबाज ने धमकी दी कि दखल देने का परिणाम भुगतना पड़ेगा। थोड़ी देर बाद ही पीड़ित दंपती को उनकी बड़ी बेटी मुस्कान की चीख सुनाई दी। दोनों भागकर घर पहुंचे। घर पहुंचने पर कमरे का दरवाजा खुला मिला और तीनों छोटे बच्चे खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। मुस्कान ने बताया कि उसने हसनैन और अरबाज को भागते देखा था और उनके कपड़ों एवं शरीर पर खून लगा था। तीनों बच्चों को तुरंत बैसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इनायत व गुलनाज को मृत घोषित कर दिया गया।
कुछ और सुर्खियां:
- चीफ इनफॉरमेशन कमिश्नर, 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर और विजिलेंस कमिश्नर के नाम पर राहुल गांधी ने असहमति जताई
- यूनेस्को ने दिवाली को विश्व धरोहर का दर्जा दिया
- बिहार पुलिस में ड्राइवर सिपाही के 4361 पदों के लिए हुई परीक्षा के दौरान 8 अभ्यर्थी गिरफ्तार
- अमेजॉन में भारत में 2030 तक 35 अरब अमेरिकी डॉलर यानी तीन लाख करोड़ ₹ निवेश करने की घोषणा की
अनछपी: बिहार में और आसपास के राज्यों में पेपर लीक एक बड़ा मसला है लेकिन अफसोस की बात यह है कि इसके आधार पर लोग अपने वोट का फैसला नहीं करते हैं। दूसरी बात यह है कि एक तरफ पुलिस और प्रशासन की ओर से जहां पेपर लीक और इम्तिहानों में धांधली रोकने के लिए कोशिश की जाती है तो दूसरी तरफ जो धंधेबाज़ हैं वह तू डाल-डाल तो मैं पात-पात की तर्ज पर नए-नए तरीकों से धांधली में जुटे रहते हैं। इस धांधली में एक गिरोह को सॉल्वर गैंग के तौर पर बताया जाता है जिसका काम सवालों का जवाब तैयार कर उन लोगों तक पहुंचना है जो उन्हें पैसे देते हैं और उन जवाबों से कामयाबी हासिल करना चाहते हैं। कल बिहार पुलिस में ड्राइवर की बहाली के लिए इम्तिहान हुआ और रोहतास के डेहरी ऑन सोन से खबर यह आई कि वहां सॉल्वर गैंग का आदमी अधिकारी बनकर एग्जामिनेशन सेंटर के अंदर घुस गया। उसकी गाड़ी पर प्रशासन लिखा था तो सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजीलेटर भी उसकी धंस में आ गए और उसे अंदर आने दिया। इसके बाद उसने दो परीक्षार्थियों की मदद करनी शुरू कर दी तो केंद्र अधीक्षक ने अधिकारियों को इसकी खबर दी। पुलिस ने पकड़े गए धांधलीबाज़ का नाम तो नहीं बताया लेकिन इतना पता चला है कि वह कुल चार लोग थे। पुलिस के पास नाम नहीं बताने की कोई वजह रही होगी लेकिन कभी-कभी यह शक भी होता है कि वह कोई ऊंची पहुंच वाला आदमी तो नहीं जिसे बाद में छोड़ दिया जाए। इससे यह सवाल भी उठता है कि आखिर सेंटर पर जो लोग पहले से मौजूद रहते हैं उन्हें प्रशासन की गाड़ी के बारे में नहीं बताया जाता है तो इससे होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे होगी? बिहार में खासकर एडमिशन और नौकरी की परीक्षाएं मजाक बनती जा रही हैं और जो सही उम्मीदवार हैं उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
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