छपी-अनछपी: ट्रंप ने ईरान को दी भयानक धमकी, प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर पहले से बड़े और भयानक हमले की धमकी दी। प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उनकी कलाई घड़ी से पहचाना गया। बिहार में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक के लिए कमेटी बनाई गई है। आधार कार्ड में अपना मोबाइल फोन नंबर अब ऐप के जरिए आसानी से बदला जा सकेगा।

और जानिएगा कि सुप्रीम कोर्ट ने जाट से बौद्ध बन माइनॉरिटी रिजर्वेशन का लाभ लेने को फ्रॉड बताया।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार परमाणु वार्ता ठुकराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी। उन्होंने कहा, ये हमले जून में हुए हमलों से कहीं ज्यादा भयानक होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समय खत्म हो रहा है। उम्मीद है कि ईरान जल्द बातचीत की मेज पर आएगा। वह कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, जो सभी के लिए अच्छा होगा। साथ ही ट्रंप ने कहा, हमारा एक और जंगी बेड़ा तेहरान की ओर बढ़ रहा है। इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि बातचीत धमकियों के साथ नहीं हो सकती। ये तभी हो सकती है जब कोई खतरा न हो। इस बीच तुर्किये ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और ईरान विवादों को एक-एक कर सुलझाएं। दावा किया कि ईरान परमाणु वार्ता के लिए तैयार है। तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि तुर्किये, ईरान में विदेशी हस्तक्षेप या हमले का विरोध करता है, फिर से युद्ध शुरू करना गलत होगा। अमेरिका को सलाह है कि पहले परमाणु कार्यक्रम वाले विवाद से शुरू करें, फिर आगे बढ़े।

कलाई घड़ी से हुई अजित पवार की पहचान

प्रभात खबर के अनुसार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और जननेता अजित पवार का चार्टर्ड विमान पुणे के बारामती एयरपोर्ट पर बुधवार की सुबह लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में अजित पवार, विमान के मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विदीप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की मौके पर ही मौत हो गयी. नागर विमानन महानिदेशालय (डीसीसीए) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ा था. बारामती में लैंडिंग के समय विजिबिलिटी सिर्फ 3000 मीटर थी. पायलटों ने पहली कोशिश में रनवे नहीं दिखने पर ‘गो-अराउंड’ (विमान को वापस ऊपर ले जाना) किया. दूसरी कोशिश के दौरान पायलटों को रनवे तो दिखा, लेकिन विमान की गति बहुत अधिक थी और वह अचानक अस्थिर हो गया. ऐसे में विमान रनवे से सिर्फ 100 फीट दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. शव इस कदर जल गये थे कि अजित पवार की प्रारंभिक पहचान उनकी कलाई घड़ी से की गई.

विपक्ष ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. सीएम ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए साजिश की आशंका जतायी है. खरगे ने भी सवाल उठाया कि आखिर वीआइपी विमानों के साथ ही ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं.

सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक के लिए बनी कमेटी

प्रभात ख़बर के अनुसार मरीजों को मुफ्त और सुलभ इलाज देने के लिए सरकारी चिकित्सकों की शतप्रतिशत भागीदारी बढ़ाने को लेकर निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति तैयार की जा रही है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निदेशक प्रमुख की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर एक छह सदस्यीय विमर्श कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव हिमांशु शर्मा ने कमेटी गठित करने का आदेश जारी किया है.

अब आधार ऐप से बदल सकेंगे फ़ोन नंबर

जागरण ने नई दिल्ली से खबर दी है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने आधार के गलत इस्तेमाल को रोकने और आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को बिना किसी झंझट के उपलब्ध कराने के लिए नया आधार एप लांच किया है। इस नए आधार एप की मदद से मोबाइल फोन नंबर अपडेट कराने के लिए किसी सेंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आधार एप के जरिये ही चेहरे के सत्यापन से मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा। एप के उपयोग से आप अपने आधार की सीमित जानकारी ही दूसरे को मुहैया करा सकेंगे।

जाट से बन गए बौद्ध ताकि माइनॉरिटी रिजर्वेशन मिले, कोर्ट ने कहा फ़्रॉड

भास्कर के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत की बेंच निखिल पूनिया और एकता की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इन्होंने मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज में बौद्ध अल्पसंख्यक कोटे के तहत प्रवेश मांगा था। सीजेआई ने पूछा, पूनिया एससी भी होते हैं और जाट भी। आप कौनसे हैं? याचिकाकर्ताओं ने जवाब दिया, जाट हैं। सीजेआई ने पूछा, तो आप अल्पसंख्यक कैसे हुए? वकील ने कहा, बौद्ध धर्म अपनाया है। सीजेआई ने इस पर अविश्वास जताते हुए कहा, ये नया फ्रॉड है। आप असली अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनना चाहते हैं। सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि आप सबसे समृद्ध, उच्च जाति समुदायों में से हैं। कृषि भूमि रखते हैं और सुविधाएं प्राप्त हैं। अपनी योग्यता पर गर्व करें, न कि वंचितों के अधिकार छीनें। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने अल्पसंख्यक के लिए एसडीओ से जारी प्रमाणपत्र भी पेश किया था। इस पर कोर्ट ने हरियाणा सरकार से अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र जारी किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। हरियाणा के मुख्य सचिव को दो सप्ताह में बताना होगा कि अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र जारी करने के क्या दिशा-निर्देश हैं?

कुछ और सुर्खियां:

  • एसोसिएशन ऑफ़ फिजिशियंस ऑफ़ इंडिया का राष्ट्रीय सम्मेलन आज से पटना में, 10000 डॉक्टर शामिल होंगे
  • यूजीसी के समानता नियमों के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
  • जमशेदपुर के उद्योगपति के अपहरण में गया से दो और नालंदा से एक आरोपित गिरफ्तार
  • एमएलसी चुनाव के लिए पांच और सरपंच को भी अवैध मतदाता बताया गया

अनछपी: बिहार में जिन भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और दूसरी धांधली की शिकायतें आती हैं उनमें सिपाही भर्ती की परीक्षा भी एक अहम परीक्षा है। एक ताजा मामले से यह सवाल उठा है कि आखिर इसका पता दूसरे या तीसरे स्टेज में क्यों लगता है और हमारे यहां पहले स्टेज में इसकी निशानदेही करने की व्यवस्था क्यों फेल हो रही है। पटना के गर्दनीबाग में सिपाही भर्ती की शारीरिक्षिक परीक्षा चल रही है। इस दौरान वहां बायोमेट्रिक जांच में लिखित परीक्षा में कामयाब होकर वहां पहुंच सौरभ कुमार पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि सौरभ ने सेटिंग कर लिखित परीक्षा पास कर ली और शारीरिक परीक्षा के लिए गर्दनीबाग के पटना हाई स्कूल में आयोजित परीक्षा में शामिल होने पहुंच गया। इस दौरान उसकी बायोमेट्रिक जांच हुई जिसका मिलान नहीं हुआ। इसके अलावा लिखित परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर लिए गए पैराग्राफ राइटिंग और हाजिरी रजिस्टर पर किए गए दस्तखत भी लग पाए गए। सवाल यह है कि इस तरह की गड़बड़ी पहले कैसे हो पाई और इसमें किसकी मिलीभगत थी? अब कहा जा रहा है की परीक्षा के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तो उसमें भी सौरभ की जगह पर कोई और बैठकर परीक्षा डेट मिला। इसका मतलब तो यह हुआ कि या तो जांच करने वाले अधिकारी ने एडमिट कार्ड की तस्वीर से परीक्षार्थी के चेहरे का मिलान नहीं किया या उस तस्वीर में छेड़छाड़ की गई या मिलीभगत की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता चला कि 130000 रुपए में सेटिंग कराई गई थी और सौरव की जगह हेमंत नाम के स्कॉलर ने परीक्षा दी थी। इसके अलावा परीक्षा केंद्र में बायोमेट्रिक कर्मी सुजीत कुमार को पूरी सेटिंग सफलतापूर्वक करने के लिए 70000 रुपए दिए गए थे। इस मामले में तो फर्जीवाड़ा करने वाला उम्मीदवार पकड़ा गया लेकिन ऐसे कई मामले होंगे जहां फर्जीवाड़ा वाले करने वाले ने आगे भी कामयाबी हासिल कर ली होगी। ऐसे में बिहार में भर्ती परीक्षाओं की हक़ीक़त का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

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