छ्पी-अनछपी: ईरान का अमेरिकी जंगबन्दी से इनकार, रामनवमी पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान ने जंगबन्दी के अमेरिकी प्रस्ताव को रद्द करते हुए अपनी ओर से इसके लिए पांच शर्तें रखी हैं। रामनवमी पर पूरे बिहार में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। बांका के जदयू सांसद गिरिधारी यादव की संसद की सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है।
और, जानिएगा कि बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने अपनी क्लास में क्या लेक्चर दिया।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के प्रयास धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिख रहे हैं। युद्ध के 26वें दिन अमेरिका ने ईरान के सामने युद्ध रोकने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव रखा। तेहरान ने कुछ घंटे बाद अमेरिकी प्रस्ताव का जवाब तो दिया, लेकिन अपनी ओर से पांच शर्तें भी रख दीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पांच दिन के युद्धविराम के 48 घंटे बाद आए इस अमेरिकी प्रस्ताव में जहां ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक की बात कही गई है, वहीं ईरान ने होर्मुज पर अधिकार को मान्यता देने, दोबारा युद्ध नहीं छेड़ने और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग रखी है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। मध्यस्थों के जरिये संदेशों के आदान-प्रदान का मतलब अमेरिका के साथ वार्ता नहीं है।
ईरान की पांच शर्तें
- ईरान पर आक्रमण और हत्याओं पर पूरी तरह रोक लगे।
- यह सुनिश्चित करें कि ईरान पर फिर युद्ध न थोपा जाए।
- युद्ध से हुए नुकसान और हर्जाने का भुगतान किया जाए।
- सभी मोर्चे और सभी गुटों के विरुद्ध युद्ध की समाप्ति हो।
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता।
ट्रम्प भरोसेमंद नहीं: ईरान
भास्कर के अनुसार ईरान जंग के मैदान से पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीजफायर डील के दावे से दो टूक इनकार किया है। उसने कहा है कि ट्रम्प भरोसेमंद नहीं हैं। उनके साथ डील नहीं, जंग से ही आरपार करेंगे। ईरानी सेना की सेंट्रल कमान के कमांडर इब्राहीम जोल्फागारी ने कहा, ट्रम्प खुद से ही डील कर खुश हो रहे हैं। हमें कोई दिक्कत नहीं। इस बीच, ईरानी सेना ने बुधवार को अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर हमला किया। ईरान ने खाड़ी के देश कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी। युद्ध के दौरान तीन दिन में पहली बार ईरान ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। इसराइल में नेगेव, तेल अवीव पर हमले किए। इसराइल ने तेहरान और इस्फाहन पर एयर स्ट्राइक की। पता चला है कि इजराइल ने बंदरअब्बास में ईरान के नेवल बेस पर बम बरसाए। इसराइल ने लेबनान पर भी हमले तेज किए।
61% अमेरिकी ईरान पर हमले के ख़िलाफ़
प्रभात ख़बर के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. रॉयटर्स और इप्सोस के ताजा सर्वे के मुताबिक उनकी स्वीकृति दर घटकर 36 प्रतिशत रह गयी है, जो उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद का सबसे निचला स्तर है. चार दिन तक चले इस सर्वे में 1,272 लोगों से बातचीत की गयी, जिसमें करीब तीन प्रतिशत त्रुटि की संभावना बतायी गयी है. पहले जहां 40 प्रतिशत लोग उनके कामकाज से संतुष्ट थे, वहीं अब यह आंकड़ा गिर कर 36 प्रतिशत पर आ गया है. हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उनका समर्थन अभी भी मजबूत बना हुआ है. ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हमलों ने भी ट्रंप की लोकप्रियता को प्रभावित किया है. 28 फरवरी को अमेरिका और इस्त्राइल द्वारा ईरान पर किये गये हमलों के बाद लोगों की राय बंटी हुई नजर आयी. सर्वे के अनुसार, 35 प्रतिशत लोगों ने इन हमलों का समर्थन किया, जबकि 61% ने इसका विरोध किया.
पश्चिम एशिया संकट सर्वदलीय बैठक, विपक्ष का समर्थन
हिन्दुस्तान के अनुसार पश्चिम एशिया संकट पर बुधवार को संसद भवन में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में एकजुटता दिखाते हुए विपक्ष ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया। पौने दो घंटे चली बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट पर पर्याप्त जानकारी दी गई। विपक्षी नेताओं ने भी विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वो सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ वार्ता हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, युद्ध नहीं चाहिए।
रामनवमी पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हिन्दुस्तान के अनुसार रामनवमी पर पूरे बिहार में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। किसी भी हालात से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की 45 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गयी है। साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गयी हैं। बुधवार को डीजीपी विनय कुमार ने सभी रेंज आईजी, डीआईजी और जिलों के एसपी के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि शरारती और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखें। किसी भी प्रकार के अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आएं। पूरे राज्य में 29 मार्च तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। रामनवमी पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक के दौरान सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली गयी। बैठक में डीजीपी विनय कुमार और डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन ने सभी जिलों के एसपी को कई सुरक्षा निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने, सीसीटीवी से कड़ी निगाह रखने, सादे लिबास में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती एवं बम व डॉग को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर फैलाये जाने वाले अफवाहों को लेकर भी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। जिलों की सोशल मीडिया इकाई तत्काल अफवाहों का खंडन करेगी।
जदयू अपने सांसद गिरिधारी की सदस्यता समाप्त कराएगा
जागरण के अनुसार बांका के जदयू सांसद गिरिधारी यादव की संसद की सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है। पार्टी ने अपने ही सांसद के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। सुपौल के सांसद सह जदयू संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत ने पत्र भेजा है। इसमें गिरिधारी पर पार्टी गाइडलाइन के खिलाफ जाकर बयान देने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इस पत्र के आधार पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गिरिधारी यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मंत्री अशोक चौधरी ने ली क्लास
बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री अशोक चौधरी ने बुधवार को एएन कालेज के राजनीति विभाग में कक्षा ली। कालेज में सहायक प्राध्यापक नियुक्त होने के बाद मंत्री अशोक चौधरी का यह पहला व्याख्यान था। वे सुबह 11:00 बजे कक्षा लेने पहुंचे। कक्षा के दौरान उन्होंने संघवाद, केंद्र-राज्य संबंध, संघीय व्यवस्था की चुनौतियों और इसके लाभ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों से चचर्चा की। उन्होंने भारतीय संघीय ढांचे की विशेषताओं को बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिहार में पोशाक योजना, साइकिल योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और महिलाओं से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
कुछ और सुर्खियां:
- नवादा जिले के रजौली में झुंड से बिछड़े हाथी ने युवक को कुचल कर मार डाला
- उत्तराखंड के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात
- पीएनजी वाले इलाके में इसका कनेक्शन नहीं लेने पर 3 महीने बाद गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होगी
- टाटा- पटना वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में खराब खाना देने पर आईआरसीटीसी पर 10 लाख का जुर्माना लगा
- रामनवमी पर पटना के महावीर मंदिर का पट रात 2:00 बजे खुलेगा, रात 8:00 बजे से रास्ते बंद हो जाएंगे
अनछपी: एक कहावत है मियां-बीवी राज़ी तो क्या करेगा क़ाज़ी। लेकिन हक़ीक़त यह है कि मियां-बीवी के रिश्ते बनाए रखने में क़ाज़ी या अदालत की बहुत ज़्यादा दख़लअंदाज़ी हो गई है। ऐसा ही एक मामला भोजपुरी के सुपरस्टार कहे जाने वाले पवन सिंह और ज्योति सिंह का है जो उनकी दूसरी पत्नी बताई जाती हैं। पिछले 4 साल से दोनों के बीच तलाक का मामला अदालत में फंसा हुआ है और पवन सिंह साफ तौर पर कह रहे हैं कि वह ज्योति के साथ नहीं रहना चाहते, फिर भी उन्हें तलाक नहीं मिल रहा है। दोनों की शादी 2018 में उत्तर प्रदेश के बलिया में हुई थी और 3 साल के बाद से ही दोनों के बीच अनबन की खबरें आने लगी थीं। वैसे तो पवन सिंह ने 2021 के अक्टूबर महीने में ही तलाक की अर्जी दी थी लेकिन यह मामला सुर्खियों में तब आया जब उनकी पत्नी ज्योति सिंह पहली बार कोर्ट में पेश हुईं और उन्होंने पवन सिंह पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। दिलचस्प बात यह है कि ज्योति सिंह ने शुरुआत में 5 करोड़ रुपए भरण पोषण के लिए मांगे थे लेकिन अब कहा जा रहा है कि यह राशि 10 करोड़ तक पहुंच गई है जबकि शुरू में पवन सिंह एक करोड़ देने के लिए तैयार थे। फैसला चाहे जो भी हो लेकिन तारीख पर तारीख के लिए अदालत की जो बदनामी है वह यहां भी देखने को मिल रही है। अदालत अब भी दोनों के बीच सुलह कराना चाहती है जबकि पवन के रवैए से यह पता चलता है कि प साथ नहीं रहना चाहता। हालांकि ज्योति सिंह ने पहले क्या रखा है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं लेकिन इसके बाद 10 करोड़ रुपए तक के भरण पोषण की मांग करने से यह मामला पेचीदा हो जाता है। आखिर मियां- बीवी के बीच क़ाज़ी कैसे सुलह कराकर दोनों को फिर से साथ रहने के लिए राज़ी कर पाएगा?
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